बिहार सरकार ने किये 5 IPS अधिकारियों के ट्रांसफर

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बिहार सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा के कुछ अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए. शुक्रवार को गृह विभाग द्वारा जारी किये गए विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय पुलिस सेवा के 5 ऑफिसरों का स्थानांतरण किया गया है. जहाँ एक ओर वैशाली, जमुई और गोपालगंज एसपी बदले गए वहीं एक को पदस्थापना की प्रतीक्षा से निकाल कर जिले में पोस्टिंग की गई. गृह विभाग द्वारा जारी नीचे दिए गए लिस्ट से जानिए किस अधिकारी का स्थानांतरण कहाँ हुआ है –

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“दोपहर 2 बजे तक जवाब दें”: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार और सीबीआई को फटकारा

नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) | सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिहार सरकार को राज्य में आश्रय गृहों की स्थिति की अधूरी जानकारी के लिए फटकार लगाई और मुजफ्फरपुर आश्रय गृह मामले का ट्रायल दिल्ली के साकेत कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया. अदालत ने कहा कि मुकदमे को 6 महीने में पूरा किया जाना चाहिए और इसमें इतने से ज्यादा समय का विस्तार नहीं किया जाना चाहिए.“बस बहुत हो गया, हमें राज्य के 110 आश्रयगृहों का विवरण दें – कितने कैदी हैं? राज्य इन्हें कैसे सहायता दे रहा है और पुरुष और महिला कैदियों की संख्या क्या है, ”भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा.भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा, “जिस तरह से आपने दुर्भाग्यपूर्ण बच्चों के साथ व्यवहार किया, आप इन चीजों को कैसे होने दे सकते. हमें जवाब चाहिए. दिल्ली से पटना तक केवल दो घंटे हैं. हम मुख्य सचिव को यहां ला सकते हैं. लेकिन दोपहर 2 बजे आपको जवाब देना होगा.”शीर्ष अदालत ने मामले में संयुक्त सीबीआई निदेशक और पर्यवेक्षक अधिकारी ए के शर्मा के स्थानांतरण के लिए भी सरकार की खिंचाई की.पिछले महीने, सीबीआई ने गया और भागलपुर में दो आश्रय घरों में बच्चों के कथित दुर्व्यवहार पर दो नई एफआईआर दर्ज की थीं. यह मुजफ्फरपुर आश्रय गृह में नाबालिग लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की चल रही जांच के अलावा है.सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के अध्ययन में 17 आश्रय गृहों में कैदियों के कथित शोषण की जांच करे.प्राथमिकी के अनुसार,

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कैबिनेट विस्तार में मिलेगा कायस्थों को मौका!

बिहार मंत्रिमंडल में अभी भी 7 मंत्रियों के लिए जगह खाली है. जानकारी के मुताबिक बहुत जल्द ही ये सात मंत्री पद भी भर लिए जाएंगे. इसमें 5 जदयू से जबकि 2 NDA से भरे जाएंगे. बता दें कि फिलहाल सीएम और डिप्टी सीएम को मिलाकर कुल 29 मंत्री हैं बिहार सरकार में. इसमें 15 जदयू से और 14 NDA से हैं. शपथग्रहण के बाद बीजेपी और जदयू में कई स्तर पर असंतोष देखने को भी मिला है. खासकर बीजेपी में कायस्थों को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से काफी बेचैनी है.   बीजेपी में जहां राज्यसभा सांसद आर के सिन्हा ने खुलकर ये सवाल उठाया है और इस बारे में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र भी लिखा है. वहीं इसे लेकर आर के सिन्हा जल्द ही अमित शाह से मिलने वाले भी हैं. बता दें कि बीजेपी में कायस्थ नेता अरुण सिन्हा लगातार चार बार कुम्हरार विधानसभा से विधायक चुने गए हैं. कुम्हरार में कायस्थों का बड़ा वोट बैंक है. वही बांकीपुर विधानसभा से नितिन नवीन भी कायस्थ समाज से हैं और लगातार 4 बार विधायक चुने गए हैं. इसके अलावा जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन भी कायस्थों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसके अलावा जदयू MLC रणवीर नंदन भी इसी समाज से हैं. लेकिन जदयू और बीजेपी दोेनों ने इस बड़े वोट बैंक को सत्ता में भागेदारी से दूर रखा है जिसे लेकर इस बार खासा विरोध देखने को मिल रहा है. इसके अलावा 29 सदस्यों के मंत्रिमंडल में महज एक महिला मंत्री को लेकर भी सवाल उठ रहे

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