20 दिवसीय अभिनय कार्यशाला का समापन

20 दिवसीय वर्कशॉप का हुआ समापन 9 अगस्त को होगी प्रस्तुति ,50 बच्चे कर रहे थे शिरकत बच्चों द्वारा बनाई गई तीन शार्ट फ़िल्म भी दिखाई जाएंगी आरा। संरक्षिका स्व.नंदनी सिन्हा की स्मृति में आयोजित 20 दिवसीय निःशुल्क अभिनय कार्यशाला का समापन शुक्रवार को हुआ। इस दौरान कार्यशाला के समापन पर निदेशक रवींद्र भारती ने कहा कि 20 दिनों की अभिनय कार्यशाला में बच्चों ने जो कार्य कर के दिखाया है, उससे लगता है उनके अंदर प्रतिभा बहुत है। फ़िल्म थिएटर या फिर टेलीविजन माध्यमों में बच्चे अच्छा काम करेंगे। भोजपुर समेत बक्सर और रोहतास से आये बच्चों ने कार्यशाला में एक्टिंग के साथ साथ अनुशासन, संगीत, नृत्य और गायन के कार्य को सीखाहै। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के बाद सर्दियों के मौसम में बड़े पैमाने पर एक कार्यशाला की जाएगी। हृतिक मिश्रा ने बताया कि मुझे वर्कशॉप करके बहुत ही अच्छा लगा। मुझे यहां कुछ नया सीखने को मिला। मुझे एक्टिंग के नए नए गुर सीखने का मौका मिला है। मुझे यहां आकर अच्छा लगा। वहीं प्रशिक्षण ले रहे छात्र शुभम दुबे ने बताया कि मुझे यहां एक्टिंग के साथ म्यूजिक के बारे में भी जानने को मिला है। वर्कशॉप में मुझे बहुत अच्छा लगा। सबसे खास चंद्रभूषण पांडेय का क्लास लगा था। क्योंकि उन्होंने सबसे पहले बताया कि एक अभिनेता के लिए रोड ही उसके लिए विवि होती है। वो जो कुछ भी सीखता है, यहां से ही सीखता है और मुझे वर्कशॉप में आकर बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि दो सालों से लॉकडाउन के

Read more

नाट्यकार्यशाला से मिलेगी बच्चों को नई उड़ान

नाटक में लॉक डाउन के दृश्य की जीवंत प्रस्तुति की आरा। रेडक्रॉस के बगल में स्थित मंगलम द वेन्यू में चल रहे अभिनव एवं ऐक्ट द्वारा आयोजित 20 दिवसीय निःशुल्क नाट्य कार्यशाला के सतहरवें दिन बच्चों को नाटक पूरा करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान ओपी पांडेय द्वारा एक टीम को नाटक का पूर्वाभ्यास कराया गया। फिर शैलेन्द्र सच्चु के द्वारा दूसरे टीम का पूर्वाभ्यास हुआ।दोनों ही टीम अपनी प्रस्तुति होने वाले कार्यक्रम में देंगे। कार्यशाला के पहले सत्र में वरिष्ठ रंगकर्मी आशोक मानव ने कलाकारों से कहा कि किसी भी कार्य को एक आंदोलन के जैसा करना होगा। इस दौरान कार्यशाला में आये अतिथि पंकज कुमार सिंह ने बच्चों को नई दिशा प्रदान किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि वो जैसा भी काम करते है या कर रहे है वो जुनून के साथ काम को करें। जब तक आप जुनून के साथ काम नहीं करते है तो वो काम आप अच्छे से नहीं कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि काम को इस कदर करना चाहिए कि लोग आपको पागल ही बोल दें। तो आप लोग किसी भी काम को पागलों की तरह करों। इस दौरान उन्होंने बच्चों को मोटिवेट किया। उसके बाद आरा के वरिष्ठ संगीतकार सतीश मुन्ना ने बांसुरी की धुन पर बच्चों से नाटक कराया। बांसुरी की धुन पर भी नाटक का रूप बच्चों को सिखाया गया। वहीं कार्यशाला के अध्यक्ष व वरिष्ठ रंगकर्मी रवींद्र भारती ने बताया कि सभी बच्चों को नाटक करने के लिए तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम के दिन नाट्य, गान, नृत्य

Read more

नाटक से सीख सकते हैं स्वयं का विकास-रवींद्र भारती

कार्यशाला के सातवें दिन अभिनय के आयामों पर किया गया कार्य आरा। रेडक्रॉस के बगल में स्थित मंगलम द वेन्यू में चल रहे अभिनव एवं ऐक्ट द्वारा आयोजित 20 दिवसीय निःशुल्क नाट्य कार्यशाला के सातवें दिन नाटक के गुर को सिखाया गया। इस दौरान कार्यशाला के निदेशक रवीन्द्र भारती ने बच्चों को खुद से नाटक तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया। उसके बाद एक- एक कर बच्चों ने नाटक को तैयार कर अपने अपने प्रस्तुति देकर सबका दिल जीता। किसी ने शोले फ़िल्म को कॉमेडी में दिखाया। तो किसी ने शादी करवाई। उसके बाद समय पर आधारित संगीत पर नृत्य कर के दृश्य को जीवंत करने में कोई कोशिश नहीं छोड़ी । संस्था के मुख्य संरक्षक तारकेश्वर शरण सिन्हा ने बच्चों की कार्यशाला को देखते हुए कहा कि अनुशासन बहुत जरूरी है। अगर कोई भी कलाकार बेहतर अनुशासन में अव्वल आता है, तो उसे पुरस्कृत किया जाएगा। इसको लेकर रवींद्र भारती ने बताया कि सातवें दिन नाटक के विभिन्न आयामों पर कार्य किया गया । एक एक्टर के लिए जरूरी आंगिक, वाचिक, आहार्य और  सात्विक अभिनय के साथ रसों के ऊपर कार्य करने की चुनौती दी गई। जिसमें सभी कलाकारों ने स्तानिस्लावस्की के अभिनय सिद्धांत जो मेथड एक्टिंग के लिए प्रसिद्ध है उस पर एक एक कर सबने अपनी प्रस्तुतियां दी। उसके बाद कई फिल्मी गानों पर साथ ही कई विषयों पर नाटक भी प्रस्तुत किया। कलाकारों में  छठवें दिन की कार्यशाला से सीखने के उपरांत अपने सहयोगियों की तालियां बटोरी। नाट्यकार्यशाला में भाग ले रहीआशी सिंह ने

Read more

अभिनेता को भाषाओं पर पकड़ होनी चाहिए

बच्चों में अलग-अलग भाषाओं में भी नाटक करने की है क्षमता — मनोज श्रीवास्तव आरा। 20 दिवसीय कार्यशाला के छठवें दिन छात्रों को खुद से एक्ट प्रस्तुत करने का टास्क दिया गया। इस दौरान ए, बी, सी, डी और इ ग्रुप बना कर बच्चों को बराबर बराबर बांट दिया गया। उसके बाद सभी ग्रुप के बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दिया। इस दौरान अभिराम के दल के द्वारा प्रस्तुत की गई एक्ट पर बच्चों ने जमकर ताली बजाई। अभिराम की टीम ने रानी लक्ष्मीबाई का अभिनय बखूबी निभाया। इसके बाद वर्कशॉप के निदेशक ने भोजपुरी में किये जा रहे एक्ट को अंग्रेजी में करने को कहा। छात्रों ने अपने अभिनय को अंग्रेजी माध्यम में प्रस्तुत किया जिससे बच्चों की टूटी फूटी अंग्रेजी ने खूब हंसाया। छात्रा शीतल गुप्ता ने बताया कि मैंने पहले कभी एक्टिंग वर्कशॉप नहीं किया है। लेकिन योगा करती थी। वर्कशॉप में आकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे यहां आने के बाद खुद में हुई गलतियों का पता चल पाया है। अगर मुझे अभिनय के लिए चुना जाता है तो मुझे अच्छा लगेगा। छात्रा रितु पांडेय ने बताया कि लगातार छह दिनों से मैं वर्कशॉप में आ रही हूं। मैंने कभी पहले वर्कशॉप नहीं किया है। उन्होंने बताया कि जब मैं स्टेज पर जाती हूँ तो थोड़ा डर बना रहता है लेकिन मैं यहां सीखने आई हूं और अच्छा करना चाहती हूं। 14 वर्षीय छात्रा मुस्कान पांडेय ने बताया कि स्टेज पर जाने से पहले डर लगता था, लेकिन अब डर नहीं लगता है। जब शुरू

Read more