इलाके में शराब मिलने पर 10 साल तक थाना में पोस्टिंग नहीं – मुख्यमंत्री

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की समीक्षा बैठक की गयी. नेक संवाद में आयोजित इस समीक्षा बैठक में प्रेजेंटेशन के माध्यम से शराब के अवैध कारोबार में लिप्त धंधेबाजों के खिलाफ की गयी कार्रवाई, गिरफ्तारी, जिलावार शराब की जब्ती, विभागीय उपलब्धियां, प्रोहिबिशन कॉल सेंटर की कार्यशैली, चेकपोस्ट पर सक्रियता, मॉनिटरिंग मैकेनिज्म फॉर प्रोहिबिशन इन बिहार के अलावा विभिन्न राज्यों से बिहार में होने वाली शराब की आवक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के लिए गंभीरतापूर्वक चर्चा की गयी.
इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों काे कई कड़े निर्देश दिए.उन्होंने कहा कि अब तक जिन लोगों की गिरफ्तारियां हुई हैं, वे कौन लोग हैं, उनका विश्लेषण कर उनके विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करें. शराब के अवैध धंधे में लिप्त बड़े कारोबारियों एवं सप्लायरों को चिन्हित करें तथा उनके विरूद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करें. उन्होंने कहा कि शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए आईजी प्रोहिबिशन तंत्र विकसित किया गया है. उसे और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने की आवश्यकता है, तभी हम कामयाब होंगे और लक्ष्य के अनुरूप त्वरित परिणाम सामने आएंगे. उन्होंने कहा कि हरियाणा और अन्य राज्यों का लेबल लगाकर कहीं हमारे अगल-बगल के राज्यों से ही बिहार में शराब की आपूर्ति तो नहीं हो रही है, इस दिशा में भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है तथा इस संदर्भ में कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है, तभी शराबबंदी अभियान पूरी तरह सफल हाेगा.

अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में जो लोग अवैध शराब के कारोबार में पकड़े जा रहे हैं, वे पहले किस धंधे में लगे थे या शराबबंदी से पहले जो शराब के कारोबार में लगे थे, वे अब शराबबंदी के बाद कौन-सा व्यवसाय कर रहे हैं, इन तमाम चीजों को ध्यान में रखते हुए इन्वेस्टीगेशन कर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि माफिया गिरोह और धंधेबाज पकड़े जाएंगे, तभी शराब के अवैध काराेबार पर पूरी तरह पाबंदी लगेगी. आईजी प्रोहिबिशन को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कार्रवाई में कमी हो रही है ताे आप खुद ही इन्वेस्टिगेट कर अग्रेत्तर कार्रवाई करें.
उन्होंने कहा कि शराबबंदी को स्थायी रूप से कारगर बनाने के लिए निरंतर अभियान चलाने की आवश्यकता है. शराबबंदी के कारण बिहार में सामाजिक परिवर्तन आया है और महिलाओं एवं बच्चों को काफी राहत मिली है. उन्होंने कहा कि सिर्फ रूटीन काम से कामयाबी नहीं मिलेगी बल्कि इसके लिए गहराई में जाकर धंधेबाजों पर कार्रवाई करनी होगी. इस काम में आईजी प्रोहिबिशन के साथ-साथ इंटेलिजेंस, एक्साइज, स्पेशल ब्रांच और पुलिस सभी को लगाइए ताकि जल्द से जल्द धंधेबाजों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके. शराबबंदी के प्रति हमलोगों का कमिटमेंट है.
समीक्षा बैठक में शामिल अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी एक्शन और डेडिकेशन के साथ इस काम में लगिएगा तभी कामयाबी मिलेगी. उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों एवं कर्मियों तथा लोगों से फिर से संकल्प कराइए और शपथ पत्र लीजिये. पुलिस विभाग को निर्देश देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी थानों से लिखित में लीजिये कि उनके इलाके में शराब का अवैध कारोबार नहीं हो रहा है. इसके बाद जिनके इलाके में शराब पकड़े जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें 10 वर्षों तक थाने में पोस्टिंग नहीं दी जायेगी.
बैठक में ऊर्जा, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव, मुख्य सचिव दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पाण्डेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पुलिस महानिदेशक सीआईडी विनय कुमार, मुख्यमंत्री सचिवालय के अपर सचिव चंद्रशेखर सिंह सहित उत्पाद एवं पुलिस विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित थे.