भिड़ गई दो महिला पत्रकार | मीडिया हलकों मे बना चर्चा का विषय

पटना / नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) | जैसा कि लोग कहते हैं, नरेंद्र मोदी ने देश में मीडियाकर्मियों के बीच चीफ डिवाइडर का काम किया है. इस स्थिति में अधिकांश मीडिया दो ग्रुप में बंट गई है – मोदी के पक्ष की बात करने वाले और मोदी के विरोध में बात करने वाले. अक्सर मीडिया के इन दोनों ग्रुपों के लोग आपस में ट्विटर पर भिड़ते ही रहते हैं और एक-दूसरे पर भक्ति और एजेंडे का आरोप लगाते ही रहते हैं. वैसे ये कोई नई बात नहीं रह गई है. लेकिन, एंकर रोमाना जो एबीपी न्यूज में हैं, आमतौर पर इन दोनों ही ग्रुपों में कभी सक्रिय नहीं दिखतीं, अचानक एक मोदी विरोधी पत्रकार रोहिणी सिंह से बुरी तरह भिड़ गईं. यही मीडिया हलकों मे चर्चा का विषय बन गया है.
रोहिणी सिंह, जो कभी इकनॉमिक टाइम्स में हुआ करती थीं, की नौकरी अमित शाह और मोदी के खिलाफ चलाए किसी कैम्पेन के चलते ख़त्म हो गई थी (जैसा की बताया जाता है). उसके बाद वे ‘द वायर’ से जुड़ गई. उन्होंने यहां भी अमित शाह के बेटे के खिलाफ ‘चमत्कारिक कमाई’ की स्टोरी छाप दी जिसके कारण उनपर सुप्रीम कोर्ट में मानहानि का केस हुआ और अभी उन्हें इस केस से छुटकारा नहीं मिला है. पिछली बार सुप्रीम कोर्ट में केस रद्द करने की एप्लिकेशन वापस ली तो सुप्रीम कोर्ट के जज ने उन पर Yellow Journalism करने जैसी टिप्पणी भी कर दी थी.

जानिए क्या है Yellow Journalism – पीत पत्रकारिता या Yellow journalism उस पत्रकारिता को कहते हैं जिसमें सही समाचारों की उपेक्षा करके सनसनी फैलाने वाले समाचार या ध्यान-खींचने वाले शीर्षकों का बहुतायत में प्रयोग किया जाता है. इससे समाचारपत्रों की बिक्री बढ़ाने का घटिया तरीका माना जाता है.




इस तरह रोहिणी सिंह भी अभिसार शर्मा और पुण्य प्रसून की तरह मोदी विरोधी चेहरा बन गई हैं. वो रोमाना से कभी सोशल मीडिया पर इंटरेक्शन करती नहीं दिखीं, लेकिन मोदी के जन्मदिन पर रोमाना ने मोदी से जुड़े एक सवाल पर अपने शो का टीजर पोस्टर ट्विटर पर शेयर किया तो उसे शेयर करते हुए रोहिणी सिंह ने कुछ ऐसा लिख दिया, जिससे रोमाना भड़क उठीं और फिर हुए वार पर वार, जिसमें कई लोग कूद पड़े और वो ट्वटिर वॉर 48 घंटे बाद तक चल रही थी.
इधर रोमाना एबीपी न्यूज पर चार बजे प्रसारित होने वाले शो ‘संविधान की शपथ’ में मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर पर अपने ट्विटर एकाउंट पर हमेशा की तरह दर्शकों से एक सवाल पूछा- ’क्या पीएम मोदी का जन्मदिन देश के लिए उत्सव होना चाहिए? अपने जवाब के समर्थन में कम से कम दो वजह ज़रूर गिनाएं. करेंगे चर्चा, शाम 4 बजे.’ इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए रोहिणी सिंह ने लिखा, ’बिलकुल होना चाहिए. आदेश पारित किया जाए कि सबको 17 सितंबर को, प्रधानमंत्री के जन्म दिवस पर, अपने घर पर दीये जलाने चाहिए और लाइटिंग करनी चाहिए. जो ऐसा नहीं करेगा उसको PSA में 2 साल के लिए बंद किया जाएगा.’
रोहिणी सिंह का ये रिट्वीट रोमाना को बहुत अखर गया. उन्होंने सोचा कि रोहिणी सिंह अपने मोदी विरोधी एजेंडे के लिए उनके ट्वीट और उनके शो का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने फिर रिप्लाई ट्वीट शेयर करते हुए लिखा और बेहद तीखे अंदाज में, ’What Crap @rohini_sgh Have you forgotten the basics of #Journalism ? Cant you differentiate between A Statement and A Question. Kindly dont make Judgements to suit Your #Propoganda’.
इधर रोमाना के साथ ट्वीटर के मैदान में एबीपी के वरिष्ठ पत्रकार निखिल दुबे भी कूद गए, रोमाना के ट्वीट को शेयर करते हुए निखिल दुबे ने लिखा कि ’#सवालहैविचारनहीं सवाल और फैसले में फर्क भूल गए? किसी घटना पर देश के सवाल को क्या किसी का फैसला मान लेना चाहिए? कोई आयोजन जब प्रायोजित लगे,निजी खुशी सार्वजिनक उत्सव लगे तो सवाल उठते हैं? जवाब के लिए बहस होती है, पूर्वाग्रह से भरी सोच को ये समझ पाना मुश्किल है’.
दूसरी तरफ रोहिणी सिंह के समर्थन में एक और मोदी विरोधी एंकर सैटायरिस्ट आकाश बनर्जी कूद पड़े. रोमाना के ट्वीट को शेयर करते हुए आकाश बनर्जी
ने लिखा, ‘Ok Ok! I have a question. NOT a statement or a judgement…. “Should India have a #BlackDay to remember & reflect how most of the media & senior anchors have sold themselves at the alter of power & money?” I hope this meets your high standards of journalism’’.
जब आकाश बनर्जी ने इसमें रोमाना को टैग किया तो वो उनसे भी भिड़ गईं. जवाब में रोमाना ने लिखा, ‘’So @TheDeshBhakt @kapsology in the garb of Teaching & Preaching about Journalism are here to defend @rohini_sgh #MobDefence I must Say Carry on with your #Propaganda #Agenda’’.
इधर रोहिणी सिंह ने भी रोमाना की बात का जवाब दिया, ‘Ma’am, I haven’t forgotten journalism but you seem to have confused propaganda for journalism. And I was merely giving a suggestion which you were crowd sourcing! Now don’t have a meltdown before the show’. रोमाना ने भी जवाब दिया, वो भी अपने शो के उन पुराने सवालों वाले पोस्टर्स के साथ, जिनमें वो सरकार से सवाल कर रही हैं, ‘मैं तो रोज सवालों के जवाब तलाशती हूं इनपे टिप्पणी करने कभी नहीं आये. आज ही क्यों???’
हालांकि रोहिणी ने फिर रिप्लाई ट्वीट किया, ‘आपके सवाल-मिसाल में ही मेरा जवाब और सवाल दोनों हैं. दुनिया की हर चीज के लिए 24×7 क्रेडिट और फोकस अगर एक ही व्यक्ति पर होता है तो सवाल भी उसी से पूछे जाते हैं. सुस्ती पर सवाल निर्मला से और बाकी समय वाह मोदीजी वाह. Propaganda और Journalism के बीच का अंतर समझिए’.
और ये चलता ही रहा, रोमाना कभी रोहिणी को कुछ लिखतीं, कभी रोहिणी रोमाना को, कभी आकाश बनर्जी बीच में कूदते तो रोमाना उन्हें निशाने पर लेतीं. बीच में निखिल दुबे आकाश बनर्जी का पूरा प्रोफाइल निकाल लाए कि कैसे वो रेडियो मिर्ची के रात के शो में निजी समस्याओं पर अश्लील शो करते थे. कुछ और भी लोग बीच में कूदे और खबर लिखे जाने तक भी इस ट्विटर वॉर में ट्वीट गिर ही रहे थे.