कई सवाल छोड़ गया नाटक रेंगती परछाई

By pnc Sep 23, 2016

मानवीय मन की अतृप्त भावनाओं को प्रदर्शित करता नाटक -रेंगती परछाई

राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव रंग जलसा-2016 के चौथे दिन दिनांक 22-09-2016 को लिटिल थेस्पियन,कोलकाता द्वारा उमा झुनझुनवाला लिखित एवं एस.एम.अजहर आलम द्वारा निर्देशित रेंगती परछाइयाँ का मंचन किया गया. इस नाटक के जरिए मानवीय आवश्यकताओं और परिवार के घटनाक्रम को बड़े ही खूबसुरती के साथ प्रस्तुत किया गया.कोलकाता के कलाकारों ने अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.नाटक दुखों को व्यक्त कर रहा हो तब भी दर्शक बने हो तो निसंदेह कलाकारों का अभिनय ,निर्देशक की मेहनत दिखती है .निर्माण कला मंच के 28 वें वार्षिकोत्सव के मौके पर लोक कला से जुड़ी चीजों को बाहर की गैलरी में रखना लोगों को बखूबी आकर्षित करता है .नाटक के पूर्व में नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुति का आयोजन किया गया जिसमे युवानीति आरा की प्रस्तुति राजू राज के निर्देशन में देशभक्ति चूरन का मंचन भी किया गया.इस नाटक में सूर्य प्रकाश ,रत्न देवा,अमरजीत कुमार,अमित मेहता और मो फिरोज खान ने अपने अभिनय से लोगों को प्रभावित किया.




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क्या है नाटक में

रेंगती परछाई मौलिक नाटक जीवन की त्रासदी का जिक्र करता है  जहाँ घटना का शिकार  सही और गलत के बीच महीन रेखा को भूल जाता है.कुछ ऐसा ही होता है जहां विधवा नादिरा अपने तीन बेटियों के साथ एक तंग मकान में रहती है लेकिन एक दिन घर नेत्रहीन वशीर मियां का आना और सबके जीवन में एक नया मोड़ ला देता है . दोनों बड़ी बेटियों के आग्रह पर वशीर से शादी कर लेती है जो उसके जीवन की सबसे बड़ी भूल होती है. चंद  दिनों के बाद वशीर का सम्बन्ध उसकी बेटियों से भी हो जाता है .इस बात का पता जब उसककी छोटी बेटी को चलता है तो अपने माँ  को बता देती है.नादिरा घुट- घुट कर रहने लगती है और एक दिन आप खोते हुए वशीर मियाँ की  हत्या कर देती है.

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खासकर जब रिश्ते की गरिमा वासना में डूबने लगते हैं तो फिर बात हर सीमा से आगे बढ़ जाती है. इस विषय वस्तु को केंद्र में रखा कर इस नाटक को तैयार किया गया है . कलाकारों में  उमा झुनझुनवाला, हिना परवेज, चन्द्रई दत्ता मित्र, सयाली मुखर्जी, अर्पिता बोस ,अनिता दास और अभिषेक झा ने शानदार अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया। मंच व्यवस्था नैयर -मो आफताब आलम,संगीत संचालन  अनिंध्य नंदी -अधीर गांगुली  और प्रकाश संचालन जॉयदीप रे किया .

रंग जलसा राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव का समापन शुक्रवार को महाराजा विश्वनाथ सिंह लिखित और प्रख्यात नाट्य निर्देशक संजय  उपाध्याय निर्देशित नाटक आनन्द रघुनन्दन के साथ होगा जिसे मध्यप्रदेश नाट्य विधालय के छात्र  प्रस्तुत करेंगे.

फोटो सौजन्य-मधुमती

 

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