राजस्व मंत्री की सख्ती: 32 अंचलों में मुख्यालय की रेड, जमाबंदी सुधार की हुई जांच

जमाबंदी सुधार अभियान पर मुख्यालय की सीधी नजर, 16 अधिकारी 32 अंचलों में औचक जांच को पहुंचे

पटना समेत विभिन्न अंचल कार्यालय पहुंचे अधिकारी




पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमाबंदी सुधार एवं उत्तराधिकार नामांतरण विशेष अभियान को मिशन मोड में लागू करने के लिए निगरानी तेज कर दी है. शनिवार को विभागीय मुख्यालय से 16 पदाधिकारियों को राज्य के 16 जिलों के 32 अंचलों में औचक निरीक्षण के लिए भेजा गया. अधिकारियों ने अंचल कार्यालयों में पहुंचकर ऑनलाइन सेवाओं, अभिलेखागार के रखरखाव और 45 दिवसीय विशेष अभियान की प्रगति की जमीनी पड़ताल की.

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि जमाबंदी सुधार एवं उत्तराधिकार नामांतरण विशेष अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए 16 पदाधिकारियों को 32 अंचलों में औचक निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है. हमारा लक्ष्य है कि 31 अक्टूबर तक जमाबंदी की त्रुटियों का सुधार, रिक्त प्रविष्टियों को भरने और लंबित उत्तराधिकार नामांतरण के मामलों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित हो. अंचल कार्यालयों में ऑनलाइन सेवाओं की स्थिति और अभिलेखों के रख-रखाव की भी जांच की जा रही है. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश है कि अभियान के कार्यों को गंभीरता और जवाबदेही के साथ पूरा करें, ताकि आम लोगों को अपनी जमीन से जुड़े मामलों में अनावश्यक परेशानी न हो.

सचिव जय सिंह की लगातार मॉनिटरिंग के बीच अधिकारी फील्ड में जांच करते रहे. विभाग का स्पष्ट उद्देश्य है कि अभियान केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू हो. निरीक्षण के दौरान जमाबंदी में दर्ज त्रुटियों के सुधार, रिक्त प्रविष्टियों को भरने और लंबित उत्तराधिकार नामांतरण मामलों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की गई. अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में अभियान के कार्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

31 अक्टूबर तक अभियान के लक्ष्य पूरे करने पर जोर

15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चल रहे इस विशेष अभियान के तहत जमाबंदी अभिलेखों को दुरुस्त करने और उत्तराधिकार नामांतरण के लंबित मामलों का निष्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित है. विभागीय स्तर पर इसकी लगातार निगरानी की जा रही है. औचक निरीक्षण के जरिए मुख्यालय यह सुनिश्चित कर रहा है कि अंचलों में अभियान की वास्तविक प्रगति क्या है और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में कहां तेजी लाने की जरूरत है.
निरीक्षण के दौरान अंचल कार्यालयों में संचालित ऑनलाइन सेवाओं और अभिलेखागार में अभिलेखों के रखरखाव एवं संधारण की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया. इसके साथ ही नवंबर माह में वासविहीन परिवारों को पर्चा निर्गत करने की तैयारियों की समीक्षा की गई.

इन 32 अंचलों में हुई औचक जांच

निरीक्षण के लिए तैनात पदाधिकारियों में कमलेश कुमार सिंह, निदेशक, भूअर्जन ने मुजफ्फरपुर के मोतीपुर एवं कांटी, गिरिधारी लाल, संयुक्त सचिव ने भोजपुर के आरा सदर एवं उदवंतनगर, संजय कुमार सिंह, संयुक्त सचिव ने गोपालगंज के थावे एवं हथुआ, डॉ. सुनील कुमार, संयुक्त सचिव ने अरवल के करपी एवं कलेर, मणि भूषण किशोर, विशेष कार्य पदाधिकारी ने वैशाली के हाजीपुर सदर एवं बिदुपुर, मोना झा, उप निदेशक, सर्वेक्षण कार्यालय ने पटना के पटना सदर एवं पालीगंज, मो. नवाजिश अख्तर, विशेष कार्य पदाधिकारी ने सिवान के सिवान सदर एवं बसंतपुर, अविनाश कुमार, उप सचिव ने जमुई के जमुई एवं गिद्धौर, अशोक कुमार शर्मा, उप निदेशक, कृषि गणना ने जहानाबाद के जहानाबाद सदर एवं मखदुमपुर, अरविन्द कुमार, अवर सचिव ने शेखपुरा के बरबीघा एवं शेखपुरा सदर, शिवजी, अवर सचिव ने औरंगाबाद के दाउदनगर एवं बारुण, जितेन्द्र कुमार, अवर सचिव ने सारण के छपरा सदर एवं दीघवारा, कुन्दन कुमार, अवर सचिव ने रोहतास के डेहरी ऑनसोन एवं तिलौथू, राजीव पाण्डेय, अवर सचिव ने नवादा के नवादा सदर एवं हिसुआ, श्रीराम, अवर सचिव ने गया के गया सदर एवं बोधगया तथा प्रशान्त गौरव, अवर सचिव ने नालंदा के बिहारशरीफ एवं रहुई अंचल पहुंचकर जांच की.

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अभियान की प्रगति पर लगातार नजर रख रहा है. औचक निरीक्षण और नियमित मॉनिटरिंग के जरिए निर्धारित समय-सीमा में कार्यों को पूरा कराने तथा आम नागरिकों को जमीन से जुड़ी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है.

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