ज्ञान भवन में जुटेंगे 15 राज्यों के स्वयं सहायता समूह
पटना, 18 सितंबर। ग्रामीण महिलाओं के हुनर और उद्यम को बाजार से जोड़ने के लिए बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) द्वारा बिहार सरस मेला 2026 के प्रथम संस्करण का आयोजन 20 से 29 सितंबर तक ज्ञान भवन, पटना में किया जाएगा.

ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस मेले का यह 18वां संस्करण है. जीविका ने बताया कि सरस मेला की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी और 2018 से इसके दो संस्करण आयोजित किए जा रहे हैं. ज्ञान भवन में इसका स्वरूप क्रेता-विक्रेता संवाद वाला होता है, जबकि गांधी मैदान में यह एक बड़े जन-उत्सव के रूप में लगता है.
इस बार के मेले में बिहार समेत 15 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला उद्यमी शामिल हो रही हैं. इनमें आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, मणिपुर, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं. मेले में लगभग 135 स्टॉल लगाए जाएंगे.

क्या मिलेगा मेले में?
मेले में बिहार के सभी 38 जिलों के उत्पादों के साथ-साथ हस्तशिल्प, हैंडलूम, कालीन, मलबरी-सिल्क और खादी के कपड़े, मधुबनी पेंटिंग, लाह की चूड़ियां, सीप के गहने, बांस और लकड़ी से बने सजावटी सामान, केले के तने से बने उत्पादों की खरीद-बिक्री होगी.
फूड जोन में ‘दीदी की रसोई’ आकर्षण का केंद्र रहेगी, जहां देशी व्यंजन, अचार, पापड़, सत्तू, बड़ी, दनौरी और ड्राई फ्रूट्स मिलेंगे. साथ ही जीविका दीदियों द्वारा संचालित महानंदा चाय, जीविका शिल्पग्राम, जीविका मधु ग्राम और जानकी महिला सिलाई केंद्र के स्टॉल पर आत्मनिर्भरता की झलक दिखेगी. सतत जीविकोपार्जन योजना और मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लाभार्थियों के उत्पाद भी यहां उपलब्ध रहेंगे.
इस बार नई पहल –
इस वर्ष ज्ञान भवन में पहली बार क्रेता-विक्रेता संवाद का आयोजन होगा इसमें सिर्फ उत्पादों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग, आपूर्ति और बाजार की मांग पर संभावित खरीदारों और संस्थागत खरीदारों के बीच सीधी बातचीत होगी, ताकि महिला उद्यमियों को स्थायी बाजार मिल सके.
मेले में कैशलेस खरीददारी और रुपयों की जमा-निकासी के लिए ग्राहक सेवा केंद्र की सुविधा रहेगी। आगंतुकों के लिए सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं.

मेले का समय सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक रहेगा और प्रवेश निःशुल्क है.
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