नशे के खिलाफ ‘अब नशा नहीं ‘

By pnc Oct 4, 2016

तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव संपन्न

मंथन कला परिषद् द्वारा तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव के आखिरी  दिन  वरिष्ठ रंगकर्मी प्रमोद कुमार त्रिपाठी द्वारा लिखित व निर्देशित “अब नशा नहीं “नाटक के माध्यम से आदमपुर गाँव के मध्य विद्यालय में यह सन्देश देने की कोशिश की गई कि नशाखोरी एक बुरी आदत है . नाटक की कहानी राजू के इर्द गिर्द घुमती है .राजू अपने घर से रोज  शराब न पीने की कसम खाकर निकलता है  पर शाम ढलते रोज की कमाई दोस्त यारों की संगत में शराब में बहा देता था. बोलने पर कहता कि अरे अगर शराब ख़राब है तो काहे सरकार गली- गली ,मोहल्ला- मोहल्ला में अमृत बांटने का इंतजाम किया था . वह रोज – रोज इस बुरी लत से बाज नहीं आ रहा था . घरेलू कलह और उपहास से उसकी पत्नी राधिका तंग आकर एक दिन पुलिस को खबर दे देती है और  राजू  जेंटिलमैन बनने जेल पहुँच जाता है. राधिका एक सामाजिक संगठन से जुड़कर आज नशाबंदी का अलख जगा रही है.लोग उसकी इस मुहिम में साथ देतें है और अब तो सरकार भी जग गई .  शराब की दुकानें तो बंद हो गई. बस लोगों को अपनी आदतें बदलनी होगी . राधिका सोंचती है कि काश यह कानून पहले लागू होता तो न जाने कितनी जिंदगियां तबाह होने से बच जातीं. पर जब जागो तभी सवेरा .




.                                     वरिष्ठ रंगकर्मी प्रमोद कुमार त्रिपाठी द्वारा लिखित – निर्देशित यह नाटक सहज भाव से नशामुक्त समाज का होना आज  हर व्यक्ति की जरूरत और जवाबदेही का अहसास कराता है . नाटक के कलाकारों में अंजलि शर्मा, अमन कुमार, शिखा सिंह, पूजा कुमारी, अनिरुद्ध प्रसाद सिन्हा, संजीत कुमार, दीना नाथ,चन्दन कुमार, प्रेम कुमार, रजनीकांत,सोनू कुमार, राजेश शर्मा, भीम कुमार और श्यामकांत के गीत व नाल वादन जीतेन्द्र कुमार का था . इस अवसर पर स्थानीय युवा मुखिया शंकर चौधरी ने आयोजन को सफल बनाने में अहम् योगदान दिया .

unnamed-1 unnamed-2 unnamed-3           unnamed

रिपोर्ट -फुलवारी से अजीत

By pnc

Related Post