स्वाद, संवाद और संस्कृति का अद्भुत संगम है सरस मेला

देश के विभिन्न राज्यों के मशहूर व्यंजनों का अगर आपको स्वाद चखना है तो सरस मेला में जरुर आइये . राजस्थान का दाल भाटी , साउथ का ढोसा, महारास्ट्र का बड़ा पाव बिहार का लिट्टी- चोखा समेत कई और राज्यों के व्यंजन का स्वाद आगंतुक चख रहे हैं और पैक कराकर घर भी ले जा रहे हैं . ग्रामीण शिल्पकला को बढ़ावा एवं बाज़ार देने के उदेश्य से जीविका, ग्रामीण विकास विभाग , बिहार सरकार के द्वारा आयोजित बिहार सरस मेला में देश के 20 राज्यों से आये स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलायें , जीविका की दीदियाँ , स्वरोजगारी और ग्रामीण शिल्पकार अपने- अपने उत्पाद और अपने – अपने राज्य के मशहूर व्यंजनों को लेकर विभिन्न स्टॉल्स पर लोगों लो लुभा रहे हैं .

  




7 से 21 फरवरी तक आयोजित सरस मेला के ग्यारहवें दिन दिन भी लगभग 40 से 42 हजार लोगो की भीड़ उमड़ी . शुक्रवार को सरस मेला परिसर में कई कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई . सबसे पहले महिला विकास निगम के द्वारा पटना की रंग संस्था प्रयास के बैनर तले बेटी बचाव अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गई . मुख्य मंच पर बिंदिया की नथिया नाटक की प्रस्तुति मध्य बिहार ग्रामीण विभाग के तत्वाधान में किया गया . इस नाटक का उदेश्य बैंको के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देना और लोगो को जागरूक करना था . इसके साथ ही जादू के माध्यम से लोगों को सामजिक कुरीतिओं और अन्य संदेशों को लेकर जादूगर बी. सम्राट ने लोगों का मनोरंजन किया और जागरूक भी किया . शुक्रवार को स्टेट हेल्थ सोसायटी के द्वारा जूनियर एवं सीनियर वर्ग के छात्र- छात्राओं के लिए क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है . प्रतियोगिता के विजेताओं में जूनियर वर्ग में प्रथम एलिस सिन्हा, दितीय निलय सिन्हा एवं तृतिय अंकित राज रहे . सीनियर वर्ग में प्रथम अविनास पटेल , दितिय युगल किशोर सिंह और तृतिय पंकज कुमार सिंह रहे . स्टेट हेल्थ सोसायटी के अधिकारिओं ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया .

 

सरस मेला के मुख्य सांस्कृतिक मंच भिखारी ठाकुर रंगभूमि पर शाम पाँच बजे से 7.30 बजे तक पटना की रंग संस्था स्वरांगन के लोक कलाकारों ने नृत्य एवं गीत की प्रस्तुति हुई .  इन प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने खूब आनंद उठाया . विभिन्न बैंको के द्वारा लोगों को ऑडियो- विडिओ के माध्यम से वित्तीय साक्षरता और विभिन्न योजनाओं को लेकर लोगों को जागरूक करने का सिलसिला जारी है . कृषि विभाग के स्टॉल पर खेती से सम्बंधित जानकारी, पर्यटक सुचना केंद्र पर पर्यटन से सम्बंधित जानकारी दी जा रही है . इसके अलावा फूड जोन मे मशरूम का पकौड़ा , मकके की रोटी, चने की साग, खाजा , राजस्थानी कचौड़ी, बारा मिठाई , मराठी भोजन समेत कई तरह के वयंजनों का लोग स्वाद चख रहे हैं . ओपन एरिया में कारपेट, टेरकोटा, ड्राई फ्लावर के साथ- साथ सजावट और शृंगार के सामानो की खरीद- बिक्री खूब हो रही है . शुक्रवार को सबसे ज्यादा लकड़ी और जूट से बने सामानों की हुई . इसके साथ ही विभिन्न विभागों एवं बैंको के स्टॉल पर लोग विभिन्न योजनाओं से रूबरू हो रहें हैं . किसी भी आगंतुक को कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए आयोजकों ने सरस मेला परिसर मे व्यापक वयवस्था कर रखी है .  . मेला का सबसे बड़ा आकर्षण है , पालना घर , यहाँ आगंतुक अपने- अपने छोटे- छोटे बच्चे – बच्चियों को खेल- खेल मे जीवन के रंग सीखने के लिए छोड़कर मेला का आनद ले रहे हैं . अब बच्चों के लिए फन जोन मनोरंजन के लिए खास स्थल बन गया है  . सरस मेला परिसर में आधार कार्ड  बनाने से लेकर कैशलेस ट्रांजेक्ट्सन के तरीके भी बताये जा रहे हैं .  मेला में खरीददारी को बढ़ावा देने के लिए किसी भी स्वयं सहायता समूह के स्टॉल से 500 रुपये की खरीददारी पर लॉटरी सिस्टम के तहत प्रत्येक दिन प्रथम पुरस्कार के रूप में 5 हजार, दितीय 2 हजार और तृतीय 1 हजार रुपये का इनामी कूपन दिया जा रहा है . विजेता इस कूपन से मेला में मुफ्त में खरीददारी कर रहे है . शनिवार को नुक्कड़ नाटक, जादू का खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम अन्य दिनों की तरह जारी रहेंगे .