वक्त पर पहुंची पुलिस तो बच गई बहू की जान

बहू को जिंदा जलाने जा रही थी सास और ननदें

बेटे ने फोन कर पुलिस को दी जानकारी

मौके पर पहुंच कर पुलिस ने बचाई जान

शनिवार को पटना पुलिस की तत्परता से एक बहू की जान बच गई. घटना खगौल थाना अंतर्गत छोटी बदलपुरा निवासी कुणाल कुमार की 37 वर्षीय पत्नी कामिनी देवी की है. जानकारी के मुताबिक कामिनी की सास शकुंतला देवी, ननद स्वेता कुमारी और निशा चौधरी किरासन तेल छिड़क कर उसे जिंदा जला रही थी. इसी बीच पीड़िता के 13 वर्षीय बेटे विश्वजीत ने फोन कर घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी. सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष संजय कुमार पाण्डेय ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस बल को भेज कर पीड़िता को की जान बचा ली.

मौके पर पुलिस ने पीड़िता की सास , दोनों ननद के साथ साजिश कर घटना को अंजाम तक पहुँचाने वाले मौसेरा देवर हथियाकंद सराय निवासी रिंकू को गिरफ्तार कर लिया है . इस सम्बन्ध में पीड़िता कामिनी ने स्थानीय थाना में इन चारों के खिलाफ जान से मारने का मामला दर्ज कराया है .




पीड़ित बहू कामिनी

 

 

 

 

 

 

 

 

 

आरोपित ननद

 

 

आरोपित सास

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

घटना के सम्बन्ध में पीड़ित कामिनी ने कहा कि पुलिस भगवान बन कर समय पर आयी तो मेरी जान बच गई . कामिनी का कहना है कि उसकी शादी वर्ष 1998 में हुई थी. शादी के कुछ समय के बाद से ही 3 लाख रूपये और एक मोटर साइकिल के लिए इन लोगों ने मेरे साथ मारपीट करना शुरू कर दिया . 3 लाख दिया गया पर बाइक के लिए फिर से झमेला शुरू हुआ . घर में रहने नहीं दिया . हार कर मैं अपने बच्चे को लेकर नैहर में आकर रहने लगी और महिला थाना में 7 जनवरी 2014 को मामला दर्ज करायी . इस के बाद भी परेशान करने पर खगौल थाना में भी मामला दर्ज करायी . तब से ही मेरा पति कुणाल गिरफ़्तारी के डर से फरार है . इस घटना को लेकर पीड़िता की ननद सपना कुमारी ने भी बताया कि मेरी माँ और दोनों बहनें भी भाभी के साथ बराबर मारपीट करते रहते हैं . घर में रहने नहीं देते हैं . भाभी को प्रताड़ित करने का विरोध करने के कारण मेरे साथ भी घर के लोग परेशान कर रहे हैं .

थानाध्यक्ष संजय कुमार पाण्डेय का कहना है कि , इस से पहले भी पीड़िता द्वारा इन्हीं लोगों पर घर में नहीं रहने देने और मारने-पीटने का मामला दर्ज कराया गया था. सभी आरोपियों के पीड़िता को आगे से सही ढंग से रखने और प्रताड़ित नहीं करने का लिखित आवेदन पर थाना से ही बेल दे दिया गया . बाद में कोर्ट से स्थाई बेल भी ले लिया था . लेकिन इसके बाद फिर से मारपीट करने और आज इस हद तक बात पहुंचने के बाद इन चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

रिपोर्ट- फुलवारीशरीफ से अजीत