सहारा की डायरी की जांच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के नेतृत्व  में हो : पप्पू  यादव

बेनामी संपत्ति की जांच के लिए जाप(लो) करेगी पीआईएल दायर

संपत्ति की जांच मुझ से ही शुरू हो




सहारा की डायरी के समाने आने के बाद जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय संरक्षक व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि सहारा की डायरी में राजद-जदयू-लोजपा को दिए गए पैसे का ब्यौ‍रा समाने आया है. इसलिए हमारी मांग है कि सहारा की डायरी की जांच सुप्रीम कोर्ट के जीफ जस्टिस या पूर्व जस्टिस के नेतृत्व‍ में कराई जाए, जिससे ये पता चल पाएगा कि कब – कब और किन-किन पार्टियों को कितना पैसा दिया गया. अगर सरकार इस मामले में कोई निर्णय नहीं लेती है तब पार्टी पीआईएल दायर करेगी. इसलिए हम चाहते हैं कि राजनेताओं, पदाधिकारियों और बाबाओं की बेनामी संपत्ति की जांच सीवीसी, सीबीआई और इनकम टैक्स से कराई जाए.

पप्पू यादव ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों का भी ऑडिट होना चाहिए और उन्हें किसी भी परिस्थिति में मिलने वाले चंदे को सार्वजनिक किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को मिलने वाला चंदा भी पूरी तरह कैशलेस होना चाहिए. सांसद ने बेनामी संपत्ति को सामने लाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही. उन्होंने कहा कि संपत्ति की जांच मुझ से ही शुरू हो और उपर से नीचे तक सभी विधायक, सांसद, ब्यूकरोक्रेटस और बाबाओं की संपत्ति की ईमानदारी से जांच हो.

उन्होंने कहा कि जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ये फैसला लिया गया कि 28, 29 और 29 जनवरी 2017 को बेनामी संपत्ति और आम लोगों को अपने ही पैसों के लिए भिखारी बनाने वालों के खिलाफ नई दिल्ली के जंतर – मंतर व बिहार प्रदेश कार्यालय पर सत्याग्रह किया जाएगा. इससे पहले 24 जनवरी 2017 को गरीबों के मसीहा व पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती को पार्टी पटना के वीरचंद पटेल पथ पर सत्याग्रह के रूप में मनाएगी, जिसमें काला धन जमा करने वाले और काला धन पर सिर्फ बोलने वालों के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला जाएगा. अब लड़ाई आर– पार की होगी. इसके लिए अगर जेल भरो आंदोलन भी करना पड़े तो हम पीछे नहीं हटेंगे.

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अखलाक अहमद ने प्रधानमंत्री से चुनाव आयोग के सिफारिश पर चुप्पी तोड़ने की मांग की. अहमद ने कहा कि चुनाव आयोग ने विभिन्न पार्टियों को मिलने वाली 20,000 रूपए तक की राशि पर छूट को दो हजार करने की सिफारिश की. इस पर प्रधानमंत्री क्यों  खामोश हैं. क्यों  नहीं संसद में इस पर बिल लाते हैं. आज 1900 राजनीतिक पार्टियां अधिकृत हैं, जिनमें मात्र 200 पार्टियां ही चुनाव में जाती है. बाकी ब्लैक मनी को सफेद करने का काम करती है. प्रधानमंत्री इस पर रोक क्यों  नहीं लगाते हैं.

वहीं, पार्टी के प्रदेश अध्यंक्ष व पूर्व मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने पार्टी की रणनीतियों पर चर्चा करते हुए बताया कि आठ जनवरी 2017 को पार्टी के राज्य पदाधिकारियों के जिलाध्यक्षों की और प्रकोष्ठ अध्यक्षों की बैठक पटना के होटल कौटिल्य  में होगी. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती पर 24 जनवरी को आक्रोश मार्च की तैयारी पर विचार विमर्श किया जाएगा. संवाददाता सम्‍मेलन  में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुपति प्रसाद सिंह, राष्ट्रीय महासचिव राघवेंद्र कुशवाहा, प्रेमचंद सिंह, राजेश रंजन पप्पू‍, एजाज अहमद, नरेंद्र कुमार और छात्र परिषद के प्रदेश अध्यक्ष गौतम आनंद भी शामिल हुए.