प्रकाश पर्व पर पांच दिनों तक बहेगी संगीत की रसधारा

प्रकाश पर्व को यादगार बनाने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है ,टेंट सिटी ,खाने पी ने के इंतजाम साफ़ सफाई और लंगरों की व्यवस्था सब की तैयारी पूरी कर ली गई है,गांधी  मैदान में अखंड कीर्तन होगा वहीँ सिख परंपरा की रैन सुबाई-अस्त से उदय का आयोजन भी किया गया है. जिसमें शास्त्रीय संगीत की महफ़िल भी सजेगी.इस साल की विदाई और नए साल के आगमन के लिए भी देश के शास्त्रीय संगीत नृत्य गायन और वादन की कभी न भूलने वाले कार्यक्रम का आयोजन सिख श्रद्धालुओं और पटना के लोगों के लिए किया गया है.




  

श्री गुरु गोविंद सिंह साहिब की नगरी पटना में उनके 350वें जन्मदिवस को सदियों तक यादगार बनाने के लिए रैन सुबाई और शास्त्रीय संगीत समारोह का महत्वपूर्ण आयोजन की शुरुआत 31 दिसंबर से  होगी . ध्रुपद शैली के जाने माने गायक रघुवीर मल्लिक के गायन से संगीत दोपहरी की शुरुआत होगी.जो एक जनवरी के सुबह तक चलेगा. पंडित यशपाल का ख्याल गायन,जगत नारायण पाठक, इंद्रकिशोर मिश्र और रामकुमार मल्लिक के ध्रुपद गायन से पटना शहर की फिजा में संगीत की स्वरलहरियां गूंजती रहेंगी वहीं गुरुवाणी की प्रस्तुति  संगीतज्ञ भाई बलवीर सिंह रागी, बीवी आशुप्रीत कौर और अलंकार सिंह का गुरवाणी संगीत, ज्योति हेगड़े की रूद्रवीणा की टंकार, रौशन अली और घनश्याम सिसोदिया की सांरगी, आशुतोष उपाध्याय की पखावज , हरदेव सिंह और निहाल सिंह का तबला, भाई बलदीप सिंह की पंजाबी कविताएं खास आकर्षण होगा .इस मौके पर कथक के जाने माने नर्तक राजेन्द्र गंगानी अपने नृत्य से लोगों को मंत्रमुग्ध करेंगे.

पांच दिवसीय कार्यकर्म के प्रमुख कार्यक्रम

1 जनवरी की शाम 5 बजे रविशंकर उपाध्याय का पखावाज वादन.घनश्याम सिसोदिया की सांरगी, कुलवंत सिंह ग्रेवाल की कविता, भाई वलजीत सिंह नामधारी का गुरुवाणी और ख्याल गायन.

2 जनवरी की शाम देशराज लखानी के दाढी.जसवंत सिंह जफर- काव्यपाठ, परमिंदर सिंह भमरा-पखावाज वादन, मानूस सीन-सितारवादन, प्रेम कुमार मल्लिक- ध्रुपद, प्रशांत मल्लिक, निशांत मल्लिक- गायन.

3 जनवरी को रौशन अली की सारंगी, नाशेर नकवी- काव्यपाठ, उदय कुमार मल्लिक- ध्रुपद गायन, बहरुद्दीन डागर की रूद्रवीणा और गोपिका वर्मा का मोहिनीअट्टम नृत्य

4 जनवरी पं. रामप्रसाद मिश्र की ठुमरी. राजस्थानी लोकसंगीत मंगनायरर्स की प्रस्तुति. अनवर खां, लखा खां, घेवर खां, फिरोज खां, खेता खां के संगीत.समिरन सन्याल कविता पाठ. डा. गुरिंदर हरनाम सिंह दसम वाणी ख्याल,सुविर मिश्र रूद्रवीणा, मदन गोपाल सिंह- सूफी गायन

5 जनवरी की दोपहर सोनिया दुग्गल पंजाबी गिद्दा. दाउद खां का रबाब, रित्विक सान्याल का ध्रुपद, यू शिवरमन का मृंदगम, भाई बलदीप सिंह का दशम कीर्तन.