ओमिक्रोन से सहमी दुनिया,’वेंरिएंट ऑफ कंसर्न’ घोषित

कोरोना के अन्य वेरिएंट के मुकाबले 30 गुणा खतरनाक

एयर बबल के तहत जारी उड़ानों को लेकर भी नई गाइडलाइंस




15 दिसंबर से शुरू होने वाली अंतर्राष्ट्रीय उड़ान स्थगित

619 दिन से इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर हैं बैन

ओमिक्रोन के खतरे के मद्देनज़र संचालन फिलहाल स्थगित

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 15 दिसंबर से शुरू होने वाली अंतर्राष्ट्रीय उड़ान सेवाओं को स्थगित कर दिया है. इससे पहले 26 नवंबर को नागर विमानन मंत्रालय ने बताया था कि 15 दिसंबर से भारत आने-जाने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सामान्य रूप से संचालित होंगी. हालांकि कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के खतरे के मद्देनज़र संचालन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. नई तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी. आपको बता दें कि भारत आने-जाने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कोविड-19 महामारी के कारण 23 मार्च, 2020 से ही बंद हैं. हालांकि, पिछले साल जुलाई से करीब 28 देशों के साथ हुए एयर बबल समझौते के तहत विशेष अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें संचालित हो रही हैं. सरकार ने करीब 619 दिन से इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर बैन लगा रखा है.

कोरोना वायरस को ओमिक्रोन वेरिएंट ने पूरी दुनिया में एक नया डर पैदा कर दिया है.इस डर का खौफ अब दुनिया के विभिन्न देशों में भी देखा जा रहा है. इस वेरिएंट को ‘वेंरिएंट ऑफ कंसर्न’  घोषित किया गया है और सभी देशों से सतर्क रहने को कहा है. इसी के चलते भारत भी कई तरह के कदम उठा चुका है. एयर बबल के तहत जारी उड़ानों को लेकर भी नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं. इसके अलावा जो देश रिस्क वाले कैटगरी में आते हैं, वहां से आने वाले यात्रियों को लेकर अधिक सतर्कता बरतने को कहा गया है. अबतक किए गए शोध के अनुसार नया स्ट्रेन डेल्टा और कोरोना के अन्य वेरिएंट के मुकाबले काफी अलग है.

कोरोना जांच करते अधिकारी

 इसमें कई सारे बदलाव देखे गए हैं. वेरिएंट अन्य वेरिएंट के मुताबिक काफी तेजी से फैलता है. इसके स्पाइक प्रोटीन में ही 30 म्यूटेशन हो चुके हैं. दरअसल, स्पाइक प्रोटीन के जरिए ही वायरस इंसान की कोशिकाओं में घुसने के रास्ते को खोलता है. वैक्सीन स्पाइक प्रोटीन के खिलाफ ही एंटीबॉडी तैयार करके शरीर को इसके खिलाफ लड़ने के लिए तैयार करती है. ओमिक्रोन देश में तीसरी लहर की वजह नहीं बनेगा, लेकिन जरूरी यह है कि इस वैरिएंट को देश में आने से रोका जाये और देश के लोगों की रोग प्रतिरक्षा को बढ़ाया जाये. डॉ टी जैकब जॉन ने कहा कि हमें इस वैरिएंट को लेकर खराब स्थिति के लिए भी तैयार हो जाना चाहिए. अबतक देश में महज 30 प्रतिशत आबादी ही पूरी तरह वैक्सीनेटेड है, तो इंफेक्शन का खतरा तो है.

डब्ल्यूएचओ ने 26 नवंबर को नये वैरिएंट B.1.1.529 की जानकारी दी थी और इसे चिंतिंत करने वाला वैरिएंट बताया था. इस वैरिएंट का सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पता चला था. ओमिक्रोन के बारे में पीटीआई से बात करते हुए डॉ जैकब जॉन ने कहा कि हमें खराब दौर के लिए तैयार रहना चाहिए.

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