आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार राजद-जदयू

नीतीश के अल्टीमेटम से बेपरवाह लालू

तेजस्वी के इस्तीफे से किया साफ इनकार




बीच बचाव की कांग्रेस की कोशिश गई बेकार

सोनिया गांधी ने फोन नहीं किया- लालू

बिहार में राजद, जदयू और कांग्रेस के गठजोड़ की कलह अब चरम पर पहुंच चुकी है. नीतीश कुमार जहां अपनी छवि बचाने के लिए तेजस्वी के इस्तीफे का इंतजार कर रहे हैं वहीं तेजस्वी इस्तीफा नहीं देने पर अड़े हैं. शुक्रवार को ये खबर तेजी से फैली कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खुद लालू और नीतीश को फोन किया है और बीच का रास्ता निकालने की सलाह दी है. लालू के रांची से पटना लौटने पर बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी उनसे मिलने पहुंचे. लेकिन इसके थोड़ी देर बाद ही लालू ने मीडिया से बातचीत में ये साफ कर दिया कि तेजस्‍वी के इस्‍तीफे का सवाल ही नहीं पैदा होता. उसे जनता ने जिताया है तो फिर इस्तीफा देने का सवाल कहां पैदा होता है.

लालू ने इसके साथ ही ये भी साफ कर दिया कि सोनिया गांधी के फोन करने की बात गलत है. सोनिया गांधी ने उन्हें कोई फोन नहीं किया. हालांकि शुक्रवार को दिनभर ये चर्चा रही कि सोनिया गांधी ने लालू और नीतीश से फोनपर बात की है और गठबंधन को बचाने की अपील की है. कांग्रेस नेताओं ने भी बजाप्ता प्रेस कॉनफ्रेंस करके कहा कि सोनिया गांधी ने लालू-नीतीश से बात की है. यहां तक कि जदयू महासचिव के सी त्यागी ने भी कहा कि सोनिया ने इनसे फोन पर बात की है. लेकिन लालू ने इन सबकी बातों को गलत करार दिया.

माना जा रहा है कि लालू के इस स्टैंड से अब महागठबंधन में सुलह की आखिरी कोशिश भी बेकार हो गई है. हालांकि फिलहाल 17 जुलाई तक बिहार में किसी तरह के बड़े बदलाव की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है. इसकी वजह है राष्ट्रपति चुनाव जिसकी वोटिंग 17 जुलाई को होगी. राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजद और जदयू अपने विधायकों को एकजुट करने में लगे हैं.

इधर जन अधिकार पार्टी के राष्‍ट्रीय संरक्षक व मधेपुरा के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव ने कहा कि नीतीश कुमार होशियार जरुर हैं, लेकिन वे जान लें कि लालू प्रसाद अधिक चालाक हैं. वे किसी भी सूरत में तेजस्‍वी यादव से इस्‍तीफा नहीं दिलायेंगे. लालू प्रसाद चाहेंगे कि नीतीश कुमार स्‍वयं तेजस्‍वी यादव को बर्खास्‍त करने की अनुशंसा राज्‍यपाल को भेजें. फिर इसके बाद वे बर्खास्‍तगी को राजनैतिक और सामाजिक रुप से भुनायेंगे. बर्खास्‍तगी को बलिदान बताकर लालू बिहार की जनता को ठगेंगे. हजारों करोड़ की संपत्ति कहां से आई,यह कभी नहीं बतायेंगे.