21 को NH और SH पर वाहनों का परिचालन सामान्य रहना चाहिए- HC

नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे पर नहीं बंद होगा वाहनों का परिचालन -मुख्य सचिव 

ट्रैफिक संचालन की जिम्मेवारी ट्रैफिक विभाग की होगी 




आकस्मिक सेवाओं के वाहन नहीं रोकने का निर्देश 

हाई कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ गई है अधिकारियों की मुश्किलें 

किसी से जोर जबरदस्ती नहीं किया जा सकता मानव श्रृंखला के लिए 

मानव श्रृंखला को लेकर दायर जनहित याचिका पर आज पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई .हाई कोर्ट ने कहा कि मानव श्रृंखला के दौरान नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे पर वाहनों का परिचालन समान्य रहना चाहिए.इसकी जिम्मेवारी राज्य सरकार की होगी .किसी भी स्कूल या कॉलेज छात्राओं पर मानव श्रृंखला में शामिल होने का कोई भी दवाब नहीं बनाएगा. मानव श्रृंखला में स्कूली बच्चों को जबरन शामिल कराने पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने गहरी नाराजगी जताते हुए राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को तलब किया था.  मानव श्रृंखला को लेकर एक संस्था फोरम फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी. शुक्रवार को पटना हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर फिर से सुनवाई हुई. इस दौरान सरकार की तरफ से मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह और डीजीपी पीके ठाकुर कोर्ट में उपस्थित रहे. दोनों अफसरों  ने सरकार की तरफ से अपना पक्ष कोर्ट में रखा. अधिकारियों ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि मानव श्रृंखला के आयोजन के दौरान यातायात की भी वैकल्पिक व्यवस्था रहेगी साथ ही इसमें लोग अपनी स्वेच्छा से ही शामिल होंगे. मुख्य सचिव ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान एनएच और एसएच दोनों पर यातायात की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है.कोर्ट को बताते हुए राज्य मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने हाईकोर्ट को भरोसा दिलाया है कि 21 जनवरी को बनाई जाने वाली मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए किसी पर दबाव नहीं बनाया जाएगा. जिसे शामिल होना है वह स्वेच्छा से शामिल हो सकता है. नेशनल हाईवे पर यातायात सुचारू रखने की जिम्मेवारी ट्रैफिक विभाग की होगी. एंबुलेंस, डॉक्टर, वकील, मानव श्रृंखला में शामिल होने वाले वाहन समेत अन्य आकस्मिक सेवाओं से जुड़े वाहन रोके नहीं जाएंगे.

अब देखना है कि सरकार 11 हजार किमी में बनने  वाले मानव श्रृंखला को बगैर ट्रैफिक रोके सरकार किस तरह संचालित करती है . गौरतलब हो कि राज्य सरकार के कड़े आदेश पर कई जिलों में जिला शिक्षा पदाधिकारियों ने मानव श्रृंखला में शामिल न होने पर नामांकन रद्द करने की चेतावनी अभिभावकों को दी है .