राजधानी पटना में हुआ नीराथॉन का आयोजन




नीरा के प्रचार-प्रसार के लिए अधिकारी और कर्मचारी उतरे सड़क पर

नीरा बर्फी, नीरा लड्डू, नीरा पेड़ा, नीरा आईस्क्रीम की खूब हुई बिक्री

220 काउंटर के माध्यम से लगभग 3,00,554 लीटर नीरा की बिक्री

पटना जिला में प्रतिदिन औसतन 14000 हजार लीटर नीरा का खपत

पटना के तत्वाधान में जीविका की पटना जिला इकाई द्वारा  नीराथॉन का आयोजन चिड़ियाघर गेट न.-२ से नए सचिवालय तक नीरा के प्रचार-प्रसार हेतु किया गया।  साथ ही साथ 3 नीरा साइकिल एक्सप्रेस का भी का विमोचन एवं न्यू सचिवालय के नजदीक स्थायी नीरा विपणन क्रय केन्द्र का उद्घाटन जिलाधिकारी के द्वारा किया गया। जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा की पहले जनता ताड़ के पेड़ से ताड़ी का सेवन करती थी जो सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक थी। सतत जीविकोपार्जन योजना माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी का ड्रीम प्रोजेक्ट है.

जबसे बिहार में शराबबंदी हुई है और जब से ताड़ी का कारोबार बंद करने का निर्णय लिया है. तब से नीरा का खपत काफी बढ़ गया है. कैफे के माध्यम से नीरा पेय के अतिरिक्त नीरा से बने विभिन्न उत्पाद जैसे-नीरा बर्फी, नीरा लड्डू, नीरा पेड़ा, नीरा आईस्क्रीम, आदि का उत्पाद सह बिक्री की जा रही है. डीएम डॉ सिंह एवं उपस्थित सभी वरिष्ट पदाधिकारियों ने अमृत-तुल्य रस नीरा एवं नीरा से बने हुए व्यंजनों का स्वाद चखा और कहा की नीरा स्वास्थ्यवर्धक एवं पौष्टिक प्राकृतिक पेय है. यह सभी उम्र के लोगों के लिए लाभकारी है.

नीराथॉन में सीईओ जीविका राहुल कुमार, उप विकास आयुक्त, पटना तनय सुल्तानिया, डीपीएम, जीविका मुकेश कुमार सासमल साथ में अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण सहित 300 से ज्यादा जीविका कर्मी, जीविका दीदियाँ एवं टैपर्स शामिल हुए. डीएम डॉ सिंह ने कहा की अबतक जीविका ने 220 काउंटर के माध्यम से लगभग 3,00,554 लीटर नीरा की बिक्री की है. जबकि जुलाई 2023 तक 5,00,000 लीटर नीरा के बिक्री के साथ जन-जन तक पहुचाने का लक्ष्य है। नीरा साइकिल एक्सप्रेस में ऑडियो के तहत नीरा के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु हर गली, मोहल्ले में जन-जन तक इसकी पहुँच बढ़ेगी। पहले लोग नीरा का नाम सुनते थे पर अब ये सभी इलाके में मिलना शुरू हो गया है. जीविका के द्वारा पटना जिला के प्रमुख चयनित जगहों पर उत्पाद समूह बनाकर लक्षित समुदाय के पर्स  के द्वारा नीरा का स्थाई विपणन केंद्र के माध्यम से नीरा एवं उससे बने उत्पादों विपणन हो रहा है. कैफे के माध्यम से नीरा पेय के अतिरिक्त नीरा से बने विभिन्न उत्पाद जैसे-नीरा बर्फी, नीरा लड्डू, नीरा पेड़ा, नीरा आईस्क्रीम, आदि का उत्पाद सह बिक्री की जा रही है। जीविका नीरा कैफे का संचालन बिहार में सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है। कैफे स्थानीय महिलाओ को आत्मनिर्भर एवं उद्यमी बनने का अवसर प्रदान करती है.

सीईओ जीविका राहुल कुमार ने कहा नीरा पुरे राज्य में इस साल एक करोड़ लीटर से भी जयादा नीरा बिक्रय करने का लक्ष्य रखा गया है जिसमे अभीतक70 लाख लीटर से भी जयादा नीरा का बिक्री स्थाई एवं अस्थाई केन्द्रों के माध्यम से लक्षित समुदायों के द्वारा की जा रही है. जीविका के द्वारा उत्पादक समूह बनाकर प्रशिक्षण के साथ नीरा के बिक्री हेतु सभी प्रकार के सहयोग दी जा रही है। एक पौष्टिक प्राकृतिक पेय है जिसमे बहुत ही फायदेमंद रासायनिक पदार्थ जैसे कैल्शियम पोटैशियम पाए जाते है आज के इस प्रोग्राम का उद्देश्य नीरा का प्रचार-प्रसार एवं शहरी इलाके के लोगो को भी जागरूक करना था. पटना जिला के अन्तर्गत जीविका-प्रोत्साहित सामुदायिक संगठनों के माध्यम से वर्तमान वर्ष में 220 नीरा कैफे के अन्तर्गत 3,00,554 लीटर नीरा की बिक्री की जा चुकी है। पटना जिला में प्रतिदिन औसतन 14000 हजार लीटर नीरा का खपत है.

रवीन्द्र भारती

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