मौसम की मार से जूझते बिहार में अब वैकल्पिक खेती पर विचार

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) । बिहार में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने आज अहम फैसले लिये। बिहार में औसतन 50 फीसदी से कम बारिश हुई है. किसानों के लिए डीजल अनुदान की राशि 50 रुपये बढ़ायी गयी है. पहले एक लीटर डीजल पर 40 रुपये का अनुदान था. अभी एक लीटर डीजल का दाम करीब 73 रुपये हैं. किसानों को 50 रुपये सरकार देगी तो उन्हें एक लीटर पर 23 रुपये ही खर्च करने होंगे. आपदा को लेकर राशि की कमी नहीं होगी. सीएम नीतीश कुमार ने आज अपने आवास पर कृषि से जुड़े करीब 10 विभागों की बैठक बुलायी थी. मुख्य सचिव दीपक कुमार ने प्रेस वार्ता में इन बातों की जानकारी दी.

31 जुलाई को सीएम फिर सूखे की स्थिति की समीक्षा करेंगे. पटवन के लिए बिजली की दर घटायी गयी. 96 पैसे प्रति यूनिट की जगह अब 75 पैसे प्रति यूनिट का चार्ज लगेगा. ग्रामीण इलाकों में अगर ट्रांसफार्मर खराब होंगे तो उन्हें 48 घंटे में बदला जाएगा. जहां पेयजल की कमी होगी वहां टैंकर से पानी पहुंचाया जाएगा. पीएचइडी विभाग 500 टैंकरों के जरिये पानी पहुंचाएगा.




बारिश नहीं होने की वजह से धान की रोपनी बहुत कम हुई है. पिछले साल इस समय तक करीब 1 लाख 47 हजार हेक्टेयर जमीन में रोपनी हो चुकी थी. लेकिन इस साल केवल 66 हजार हेक्टेयर जमीन में ही रोपनी हुई है. यानी अभी तक आदी से भी कम रोपनी हुई है.

पानी की कमी को देखते हुए सरकार वैकल्पिक खेती पर भी विचार कर रही है. धान की जगह वैसे वैकल्पिक फसल बीजों को 28 जुलाई तक सबी प्रखंड मुख्यालयों तक पहुंचाने के लिए कहा गया है.