अपने निर्धारित समय से 1 घण्टे पूर्व ही रेलवे ने फिनिश किया अपना काम !

यात्रियों को अब नही चढ़नी पड़ेंगी सीढियां

अबतक अपनी लेट-लतीफी से पहचान बनाने वाले दानापुर रेल मंडल ने रविवार को 5 घण्टे के मेगाब्लॉक के दौरान आरा और कुल्हड़िया रेलवे स्टेशन पर गार्टर लगाने के काम को अपने निर्धारित समय से 1 घन्टे पहले ही फिनिश कर सबको चौंका दिया.




रविवार को दानापुर रेल खण्ड के कुल्हड़िया ROB एवं आरा जंक्शन के बीच निर्माणधीन रेलवे फुट ओवरब्रिज पर गार्टर चढ़ाने को ले 5 घण्टे का मेगा ब्लॉक रहा. यह मेगा ब्लॉक दोपहर 1:15 से शाम 6:15 तक ब्लॉक लगा रहा. इस दौरान दर्जनों ट्रेनों को पटना-गया-मुगलसराय रुट से भेजा गया. डाउन लाइन में पटना की ओर जाने वाली उधना दानापुर एक्सप्रेस के 12:58 में आरा से गुजरने के बाद दोपहर निर्धारित समय 1:10 से रेलवे ने अपना काम शुरू किया. हालांकि अप लाइन में पटना बक्सर पैसेंजर दोपहर 1.35 में आरा जंक्शन आयी जिसे शाम 6:10 तक आरा जंक्शन पर रुकना पड़ा. रेलवे ने अपने निर्धारित समय से इलेक्ट्रिक तार को हटाने की प्रक्रिया चालू की. रेलवे ने दो हाईवा और दो क्रेन की मदद से विशालकाय 4 लोहे के गार्टर लगाने का काम अपने दिए गए समय 5 घण्टे के भीतर शाम 5:20 में ही लगा पुरा कर लिया.

पूरा कार्य दानापुर ADRM रवीश कुमार की देख में चल रहा था. इस दौरान दानापुर रेल मंडल से आये अधिकारी AEN संदीपिका यादव, DE अमित कुमार, सीनियर DN अख़्तर अली, रेलवे के इंजीनियर (IOW) रंजय कुमार व SSP टेलकम के अधिकारी पीएन सिंह, विधुत के वरीय प्रशाखा उमेश कुमार, TRD विनोद कुमार, स्टेशन प्रबंधक बी.के. पांडेय, और रेलवे कॉन्ट्रैक्टर अमित पाठक ने अपनी उपस्थिति में कार्यो को सुचारू रूप से संचालित कराया. गार्टर लगने के बाद जल्द ही स्क्लेरेटर, लिफ्ट व रैम्प के निर्माण का काम चालू हो जाएगा.

अब यात्रियों नही चढ़नी पड़ेंगी सीढियां !
जी हाँ, चौंकिए मत! अब ये कोई सपना नही बल्कि हक्कीकत होने वाला है. रेलवे स्टेशन पर अबतक एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक जाने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल ही यात्री किया करते थे. ज्यादा ऊंचाइयां होने के कारण यात्रियों को इन सीढ़ियों पर चढ़ने-उतरने में काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी. बुजुर्ग और मरीज तो बुरी तरह हांफने भी लगते हैं. वैसे भी आरा में बन रहे इस फुट ओवर ब्रिज की ऊँचाई बढ़ने वाली है लेकिन खास बात यह है कि इस फुट ओवर ब्रिज के बनने के बाद यात्रियों को सीढियां नही चढ़नी पड़ेगी. क्योंकि स्क्लेरेटर यानी स्वचालित सीढियां और लिफ्ट लगने के बाद यात्रियों को राहत मिलने वाली है. खासकर बुजुर्ग, विकलांग और मरीजों को जिन्हें ट्रेन से सफर करना पड़ता है. इस काम के लिए दानापुर रेल मंडल लगभग 1करोड़ रुपए खर्च करने वाला है.

लोगों का लगा जमवाड़ा,काम को निहारते रहे लोग
स्टेशन पर गार्टर रखने के दौरान मौजूद यात्रियों की भारी भीड़, विशालकाय क्रेनों द्वारा गार्टर उठाकर रखने की प्रक्रिया को घन्टो निहारती रही. स्टेशन पर इस कार्य को देखने के लिए कई लोग अलग-अलग जगहों से आये थे. रेलवे ने कार्य स्थल पर मौजूद लोगों को वहाँ से दूर हटने के लिए कई बार एनाउंस भी किया. लेकिन लोग वहाँ से हटने के बजाय इस अजूबे दृश्य को अपने मोबाईल में कैद कर रहे थे. जब कार्य स्थल से लोगों ने दूरी नही बनाई तो GRP थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह और CRPF इस्पेक्टर एस.एन राम ने अपने दल-बल के साथ स्टेशन पर यात्रियों को कार्य स्थल से पीछे हटाया ताकि कोई अनहोनी न हो. सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम रेलवे ने कर रखा था और कार्य स्थल को रस्सी और लाल रिबन से घेर दिया गया था ताकि कार्य स्थल में कोई दूसरा व्यक्ति प्रवेश न कर सके.

आग लगने के डर से जब रोका गया कुछ देर काम

एक नंबर प्लेटफार्म के पास रखे गार्टर में 2 इंच का लोहे का गैप रह गया था, जिसे देख रेलवे अधिकारीयों ने सुरक्षा के मद्देनजर कॉन्ट्रैक्टर से इस गैप का कारण पूछा और फटकार लगाई कि यह गैप कैसे रह गया? रेलवे अधिकारी इस गैप को ले किसी प्रकार की अनहोनी से परेशान हो थे. कॉन्ट्रैक्टर ने अधिकारियों को बताया कि उक्त गैप को गार्टर लग जाने के बाद में वेल्डिंग कर भर दिया जाएगा. लोहे के गार्टर लगाने के दौरान नट-बोल्ट सही जगह पर नहीं बैठा तो उसे गैस कटर से काट फिर वेल्डिंग कर बैठाया गया. वेल्डिंग करने के दौरान वेल्डिंग की चिंगारी नीचे गिर रही थी जहाँ गैस का सिलेंडर रखा हुआ था. चिंगारी को सिलेंडर पर गिरते देखने के बाद अनहोनी से सशंकित हो लोगों ने हल्ला मचाया जिसके बाद वेल्डिंग को रोककर गैस सिलेंडर को उक्त जगह हटाया गया तब जाकर पुनः सुचारू रूप से वेल्डिंग का काम शुरू हुआ. गार्टर लग जाने के बाद से लोग स्टेशन इसे अब देखने के लिए आ रहे हैं और चले जाते हैं इस आस में अब जल्द ही स्वचालित सीढ़ियों के साथ उनका आरा भी अन्य स्टेशनों की तरह तैयार हो आधुनिक सुविधाओं से लैस हो जाएगा.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट
फ़ोटो साभार: आदित्य अतुल