जनता का यह मुखिया क्या उनका भगवान है!

डेढ़ साल बाद जेल से बाहर आये गड़हनी मुखिया,ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ किया भव्य स्वागत

गड़हनी. पंचायत के मुखिया तस्लीम आरिफ़ उर्फ गुड्डू मियां आज तकरीबन दो वर्ष बाद जेल की हवा खाकर बाहर निकले. उनके बाहर आने की ख़ुशी ग्रामीणों के चेहरे पर स्पस्ट झलक रही थी. गड़हनी में आज उत्सवी माहौल देखने को मिला. हजारों ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ फूल माला पहनाकर गगनभेदी नाराओं के साथ उनका स्वागत किया. ग्रामीणों का प्यार देख गड़हनी प्रधान की आँखे छलक उठी. उन्होंने कहा कि जनता जनप्रतिनिधियों का मालिक होती है और मेरे मालिक मेरे साथ है तो मुझे किसी बात का मलाल नही है. भले ही प्रशासन किसी नजरिये से मुझे देखे कोई फर्क नही पड़ता,पंचायत के समुचित विकास में अपनी पूरी ताकत झोंक दूँगा.




ग्रामीणों को जगी आशा की किरण,जब मुखिया जी जेल से आये बाहर.
पंचायत ही नहीं बल्कि गड़हनी प्रखंड के तमाम पंचायत के असहाय,भूमिहीन,गरीब,मजबूर असहाय लोगों के लिए गुड्डू मुखिया किसी देवता से कम नहीं. मुखिया तस्लीम आरिफ के जेल से बाहर आते ही उन्हें आशा की किरण दिखाई देने लग गयी है. लोगों की माने तो गुड्डू मुखिया ही ऐसे व्यक्ति है जिनके द्वार पर जाने वाले कभी खाली हाथ नही आते. चाहे राशन-किराशन घट गया हो,लडक़ी की शादी में खर्च का बोझ बढ़ गया हो,बरसात के महीनों में पानी से बचने के लिए एक सहारा की जरूरत हो…. गुड्डू मुखिया कभी पीछे नही हटते. यही उनका नजरिया अन्य जनप्रतिनिधियों से खास बनाता है.

बधाई देने वालों का लगा तातां
गड़हनी पंचायत के मुखिया तस्लीम आरिफ के जेल से बाहर आते ही बधाई देने वालो का तातां लगा हुआ है. लोग उनसे गले मिलकर अपना सहानुभूति जाता रहा है तो कोई फोन से उनको बधाई दे रहा है.

गड़हनी से मुरली मनोहर जोशी की रिपोर्ट