मांझी मानसिक दिवालियापन के शिकार : ब्राह्मण महासभा

मांझी को सत्ता से बेदखल करने की मांग

आरा,21 दिसंबर. पूर्व मुख्यमंत्री व बिहार सरकार के वरिष्ठ नेता जीतन राम मांझी के बेलगाम बोल ने राज्य में झमेला खड़ा कर दिया है. हर बार अपनी बातों से सुर्खियों में रहने वाले मांझी ने इस बात सभी सीमाएं लांघते हुए
ब्राह्मणों पर अमर्यादित टिप्पणी के बाद वे ब्राह्मणों के निशाने पर आ गए हैं.




जिससे गुस्साए ब्राह्मण महासभा शाहाबाद द्वारा जीतन राम मांझी का पुतला दहन आरा शहर के स्थानीय चंदवा मोड़ पर सोमवार को किया गया. पुतला दहन के दौरान ब्राह्मण महासभा शाहाबाद के अध्यक्ष अंजनी तिवारी ने कहा गया कि जीतन राम मांझी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है और उनको इलाज की जरूरत हैं. उनकी मानसिक और बौद्धिक क्षमता क्षीण हो चुकी है जिसके कारण वो सनातन धर्म के देवी-देवताओं पर एवं ब्राह्मणों पर अमर्यादित टिप्पणी करते रहते हैं.

पूर्व में सूबे के मुख्यमंत्री और वर्तमान एनडीए सरकार में मंत्री पद पर आसीन हम पार्टी के अध्यक्ष पर ब्राह्मण महासभा शाहाबाद ने बिहार सरकार से मांझी पर त्वरित कार्रवाई करने एवं उन्हें मंत्री पद से हटा उनपर कानूनी करवाई करने की मांग की है. ब्राह्मण सभा ने कहा कि बिहार के बहुसंख्यक ब्राह्मण वोटर एनडीए को वोट देते हैं. अगर कार्रवाई नहीं हुई तो ब्राह्मण सत्ता परिवर्तन करने में सक्षम हैं.

सभा को संबोधित करते हुए राकेश विशेश्वर ओझा ने कहा कि एक उच्च पद पर विराजमान नेता द्वारा किसी जाति विशेष पर अमर्यादित टिप्पणी देना उनकी ओछी और नीची मानसिकता को दर्शाता है. ऐसे लोगों को जल्द से जल्द सत्ता से बेदखल कर स्वच्छ लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करना चाहिए. ताकि राजनीति को जाति के आधार पर बांटने वाले को सबक मिल सके.

पुतला दहन कार्यक्रम सभा में परशुराम पांडे , नन्हकू ओझा , विवेक माधव , मंटू दुबे , देवश उपाध्याय , अभिषेक तिवारी , पवन तिवारी , टिंकू तिवारी , छोटू शास्त्री , चिंता हरण पांडेय , डा० जे .एन उपाध्याय , जयकांत उपाध्याय , चंदन ओझा इत्यादि लोग उपस्थित रहें.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट