अब 45 मीटर ऊंचाई से काशी धाम का दीदार करें

दुनिया का तीसरा सबसे खास शहर होगा बनारस
45 मीटर की ऊंचाई पर चलेगा,4 किमी लंबा होगा जो करीब
220 ट्रॉली होंगी जिनमें से हर एक में 10 लोग बैठ सकेंगे
स्थानीय लोग बोले सांसद हो तो मोदी जैसा
अब आपको आसमान से काशी दर्शन कर सकते हैं. ये प्रोजेक्ट पीएम मोदी का सपना था जिसे जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा. पहले चरण में कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक रोपवे बनेगा. लापाज और मैक्सिको के बाद काशी दुनिया का तीसरा ऐसा शहर होगा जहां रोपवे को लोग रोज़ाना की आवाजाही के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे.
दरअसल संकरी गलियां काशी की पहचान हैं लेकिन दिन प्रतिदिन बढ़ती श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या के कारण प्रशासन को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे में प्रशासन जमीन की बजाय यातायात के आसमानी साधन के बारे में सोच रहा है.

विदेशों की तर्ज पर काशी में लगेगा रोपवे

रोपवे शुरू होने के बाद काशी के आसमान से ही लोगों को गंगा दर्शन हो सकेंगे. इस सुविधा के शुरू होने के बाद पर्यटकों को घंटों जाम में फंसे नहीं रहना पड़ेगा बल्कि वे समय बचाकर आसानी से आसमान से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे. गौरतलब है कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में उनके निर्देश पर कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक रोपवे बनेगा. जिससे बाबा के श्रद्धालु आसानी से बाबा के दरबार और गंगा घाट तक पहुंच सकेंगे. ये प्रोजेक्ट पीएम मोदी के सपने को काशी के मूल रूप को बरकरार रखते हुए क्योटो की तर्ज पर विकसित करने की योजना का हिस्सा है.




कैंट से गोदौलिया तक कुल 4 स्टेशन होंगे. कैंट, साजन तिराहा, रथयात्रा और गोदौलिया.
हर डेढ़ से दो मिनट में यात्रियों को ट्रॉली मिलेगी.
दोनों तरफ मिलाकर 8 हजार यात्री कर सकेंगे यात्रा.ये रोपवे रात में भी चलेगा ताकि काशी की भव्यता और दिव्यता भी दिखे.
वाराणसी के मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि पीएम की प्रेरणा से प्रशासन ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कैंट से गोदौलिया तक का प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई है. टेंडर हो गया है. अगले कुछ दिन में फाइनल कर के अगले साल की शुरुआत से काम शुरू कर दिया जाएगा. ये पूरा प्रोजेक्ट PPP मॉडल पर लगभग 400 करोड़ की लागत से बनेगा.

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