शराबबंदी के लिए मानव श्रृंखला हुआ फेल,नहीं जुड़ पाया चेन

सरकारी तंत्रों के उपयोग के बाद भी असफल

टूट गयी चेन, छीन गया नौनिहालों का चैन




गर्भवती महिला, और नावजात बच्चों तक को आना पड़ा सड़कों पर

चौथी कक्षा से नीचे के बच्चे भी खड़े रहे घंटो लाइन में 

शराबबंदी  के लिए बनने वाले मानव श्रृंखला के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा. जिले में 314 किमी की लंबी कतार की घोषणा करने वाले प्रशासन के लिए चुनौती था जिसे उसने तुगलकी फरमान जारी कर सबको इक्कठा किया था. इस तुगलकी फरमान का यह आलम था कि जिला प्रशासन के प्रेशर को देखते हुए ही सरकारी और प्राइवेट स्कुल वालों ने भी तुगलकी फरमान जारी किया था जिसमे बच्चों को 21 जनवरी को विद्यालय आना अनिवार्य कहा गया था. साथ ही 8.30 सुबह से 1.30 बजे तक स्कुल का समय भी बताया गया था. कई स्कूलों में तो बच्चों के नाम काटने और दंडात्मक कार्रवाई तक की बात कही गयी थी. ये आदेश मौखिक रूप में ही दिए गए थे ताकि कोई प्रमाण ना रहे. सरकारी कर्मचारियों की तो मजबूरियाँ थी की हर हाल में आना ही है वरना उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ता, लेकिन प्राइवेट स्कूल चालको, स्यंव सेवी संस्थानों और जन प्रतिनिधियों के दबाव का ये हाल था कि इस मानव श्रृंखला के लिए गर्भवती महिला को भी सड़क पर खड़ा रहना पड़ा.

दलित के मसीहा ने ही नहीं की दलितों की इज्जत

दलितों के उत्थान की बात करने वाली सरकार ने दलित लोगों को ही उचित सम्मान नहीं दिया.चंदवा हाऊसिंग के पास मानव श्रृंखला के लिए लाइन में एक महिला तो ऐसी मिली जिसने अभी 20 दिन पहले एक नवजात शिशु को जन्म दिया था. उसके साथ एक और महिला थी जो गर्भवती थी. साथ में कड़ी कई अन्य दलित महिलाएं भी थीं. उस महिला का वह 20 दिन का नवजात शिशु ठण्ड में सनसनाती हवाओं के बीच खुले आसमान के नीचे रोड पर वह रह-रह कर काँप उठता था और उसकी माँ दर्द की से उठती पीड़ा के बाद भी अपने बच्चे के पास खड़ी मानव श्रृंखला का हिस्सा बनी. पूछने पर बताया कि मुखिया जी ने किसी भी हाल में आने के लिए बोला था.

 

यही हाल बड़का गाँव, बीबीगंज और न्यू पुलिस लाइन और बीबीगंज में सैकड़ो ऐसे बच्चे मिले जो कक्षा 4 से नीचे के बच्चे थे. नर्सरी में पढ़ने वाले अधिकांशतः बच्चे थे. मजेदार बात ये थी कि इन बच्चों को ट्रेंड किया गया था कि अगर कोई कक्षा पूछे यो पांचवी बताना. उम्र देखते ही जब शक हुआ और पूछना शुरू किया तो पहले पांचवी बताया लेकिन जब और सवाल पूछने लगे और आई कार्ड मांगने लगे तो पोल खुल गई

गंदगी की सड़ांध ने तोड़ी चेन

सड़क पर गंदगी की वजह से भी कई इलाकों में ह्यूमन चेन टूट गया. नगर निगम ने नहीं की गन्दगी सफाई की समुचित व्यवस्था जिसकी वजह से सढांध मारती जगहों को छोड़ लोग लगे लाइन में जिसकी वजह से चेन टूट गया.वही कुछ जगहों पर स्कूली बच्चियां इस दुर्गन्ध के बाद भी मुह पर पट्टी बांधे चेन बनाए खड़ी रहीं.

प्रभारी मंत्री ने भी बनाया मानव श्रृंखला

ठीक 12 बजे जिले के प्रभारी मंत्री विजय प्रकाश, विधानपार्षद राधाचरण साह और भाई ब्रह्मेश्वर के साथ , कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने डमरू बजाते हुए मानव श्रृंखला बना लोगों  का मनोबल बढ़ाया.