आश्रिता नही आश्रयदात्री बनाती एप्लिक व कशीदा प्रशिक्षण

By om prakash pandey Feb 21, 2018

आश्रिता नही आश्रयदात्री बनाती एप्लिक व कशीदा प्रशिक्षण

डिजाईन बनती महिला

आरा,20 फरवरी. नारी सशक्तिकरण व स्वावलंबन की दिशा में वस्त्र मंत्रालय,भारत सरकार व उद्योग विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में एक अच्छी पहल महिलाओं को प्रशिक्षित का किया जा रहा है. भारत सरकार की इस योजना को “उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान”,पटना, के बैनर तले संचालित किया जा रहा है जहाँ एप्लिक व कशीदा प्रशिक्षण, दिया जा रहा है. प्रशिक्षण का यह कार्यक्रम भोजपुर जिलान्तर्गत करमन टोला आरा में चलाया जा रहा है. यहां महिलाओं को तकनीकी ज्ञान से रूबरू मंजे प्रशिक्षक दे रहे हैं. यह एक ऐसी पहल है जो पहले कभी देखने को नहीं मिला.




कसीदा करती महिला
सेंटर में बने डिज़ाइन

20 प्रशिक्षुओं को ले शुरू किये गये इस प्रशिक्षण में सबसे खास बात यह हैं कि इन्हें 300 रु.प्रतिदिन के दर से एक रकम भी पशिक्षुओं को दिया जा रहा है. यह रकम वैसी महिलाओं के लिए काफी सहायक है जो कहीं प्रशिक्षण के लिए पैसे के आभाव में नही जा पातीं. ऐसे प्रशिक्षण महिलाओ को अपने घर का बोझ उठाते हुए भी प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना और अपने परिवार के भविष्य को संवारने में मददगार हैं. प्रशिक्षण के बाद ये अपना स्वयं का उद्योग स्थापित कर अन्य को भी रोजगार मुहैया कराने में सक्षम होंगी. हस्त शिल्प में राज्य पुरस्कार प्राप्त मास्टर ट्रेनर रुमा वर्मा,जो विगत छः वर्षों से आरा की महिला सशक्तिकरण के प्रति समर्पित संस्था नेशनल साइंटिफिक रिसर्च एंड सोशल अनालीसिस ट्रस्ट के साथ मिलकर महिलाओं को स्वावलंबन हेतु सतत प्रयत्नशील हैं. वे कहती है कि आनेवाले दिनों में भोजपुर की महिलाएं आश्रिता न रहकर आश्रयदात्री बनने वाली हो जाएंगी.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट

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