जानिए क्या है…”लव क्रेज इन युथ?”

लव के सकरात्मक और नकारात्मक पहलुओं के साथ टारगेट में यूथ
क्रेजीनेस अगर जरूरी तो सम्भलना भी जरूरी


आरा, 24 अप्रैल. लव क्रेज इन युथ….अजीब लगा ना? आप यही सोच रहे होंगे कि लव क्रेज की बात क्यों हो रही है? अमूनन यूथ में तो लव के लिए क्रेजी होना आम बात है. दरअसल यह कोई डिस्कस का टॉपिक नही बल्कि इस विषय पर लिखी एक नवोदित लेखिका ‘ममता दीप आदित्य’ के किताब का नाम है, जिन्होंने इस किताब के जरिये यूथ को टारगेट किया है. इस पुस्तक का लोकार्पण रविवार को यूरो किड्स प्ले स्कूल नवादा में किया गया.




यह किताब मुख्यतःयुवा पीढ़ी की सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओ को ध्यान में रखते हुए लिखी गयी है जिसमे लेखिका ने युवाओं के चंचल मन और उसके शीघ्रता से लेने वाले निर्णयों के दुष्प्रभाव पर प्रकाश डाला है. साथ ही प्रेम के सात्विक और समर्पित रूप का एक अनोखा बर्णन कहानी के माध्यम से दिया गया है.


किताब कुल छः कहानियो का संग्रह है जो बेहद ही सरल भाषा में लिखी गयी है. किताब की पहली कहानी प्रोपोज़ विथ रोज है जिसमें लेखिका ने बालमन के कोमल छवि को धूमिल होते हुए दिखाया है. दूसरी कहानी है मैं और मेरा कॉलेज, प्रेम के उग्र रूप का चित्रण है. तीसरी कहानी बेहद मनमोहक है जिसे आप खुद पढ़ेंगे तब उस एहसास को महसुस कर पाएंगे. इस कहानी के अंत के बगैर आप किताब छोड़ना नही चाहेंगे. चौथी कहानी है ओपन इनबॉक्स जिसमे दो दोस्तों के असीम प्रेम का चित्रण है. पाँचवी कहानी बेहद मार्मिक तो छठी कहानी में लेखिका ने प्रेम के टूटते रूप का चित्रण किया है.

इस पुस्तक को भोजपुर के जाने-माने लेखकों ने काफी सराहा जिसमे भोजपुर लेखक संघ के अध्यक्ष जगदीश नलिन ने कहा कि काफी जानदार कहानिया है. इसमें प्रेम के हर रूप का वर्णन काफी अच्छे ढंग से किया है.

इसके अलावा इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भोजपुर के प्रसिद्ध लेखक पवन श्रीवास्तव ,अरुण श्रीशांत ,आरा महिला थाना अध्यक्ष पूनम कुमारी और प्रसिद्ध लेखिका और प्रोफ़ेसर किरण कुमारी, वरिष्ठ लेखक जितेन्द्र कुमार,यूवा कवि एवं आलोचक अविनाश रंजन थे. लोकार्पण समारोह श्रीधर शर्मा ,आदित्य अतुल,आकाश, राजीव, रोहित,चन्दन, चितरंजन,साक्षी भट्ट,कृति,सोनीें, आरती गुप्ता,विवेक आदि ने जमकर किताब को सराहा.


वही महिला थाना अध्यक्ष पूनम कुमारी ने कहा की यह किताब बिल्कुल आज के परिदृश्य एवं समाज की घटनाओं पर आधारित है हमे रोजाना इस तरह की घटनाओं का सामना होता है बहुत लोग इसी तरह की फरियाद लेकर हमारे पास आते है. वरिष्ठ कवि जगदीश नलीन ने कहा की युवा वर्ग को इस कहानी के किताब को जरूर पढना चाहिए और सीख लेना चाहिए. मंच संचालन राकेश उपाध्याय ने किया. धन्यवाद ज्ञापन लेखिका ममता दीप ने किया.

आरा से ओ पी पाण्डेय की रिपोर्ट