जहाँ हवन की भभूति ने लिया ‘बजरंग बली’ का रूप

400 वर्ष पुराना है जल्ला वाले हनुमान मंदिर

रामनवमी पर पटना नाउ की विशेष रिपोर्ट




पटनासिटी,25 मार्च. राम नवमी  को लेकर पटना सिटी के बेगमपुर स्थित जल्ला वाले ऐतिहासिक हनुमान मंदिर में अहले सुबह से ही हजारो की संख्या में श्रद्धालु की भीड़ देखि गई . श्रद्धालु मंदिर परिसर के लम्बी कतार में खड़े होकर हनुमान जी की पूजा करने के लिए अपनी बारी का इन्तजार कर रहे है. वही सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु
हनुमान चालीस का पाठ और हवन करते नजर आये. श्रद्धालुओ की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष पुलिस बल तैनात नजर आये. साथ ही मंदिर प्रबंधक कमिटी की ओर से भी दर्जनों सुरक्षाकर्मी भी तैनात दिखे ,जो लोगो की भीड़ नियंत्रित करने में जुटे है. हनुमान मंदिर परिसर में सुरक्षा को लेकर लगाए गए सी सी टीवी कैमरा से पूरी निगरानी भी रखी जा रही है.

400 वर्ष पुराना है मंदिर का इतिहास
मंदिर में 400 वर्ष पूर्व स्थापित जल्ला वाले बजरंग बली की मूर्ति हवनकुंड की भभूति से बनी है. बताया जाता है कि पौराणिक काल मे यह मंदिर पानी से घिरा था. जहाँ 400 बर्ष पूर्व बाबा गुलाब दास आये थे. उन्होंने हनुमान भक्त पंडित ठाकुरदिन तिवारी को हवन कराने का प्रस्ताव रखा और साधना में लीन हो गये. वही हवन के दौरान कुण्ड में पड़ा राख(भभूति) बजरंग बली का रूप ले लिया. जिसके बाद पुरे इलाके में इस चमत्कार की चर्चा हुई. वही हनुमान भक्त पंडित ठाकुरदिन तिवारी ने उस राख पर शुद्ध घी में सिन्दूर मिला कर लेप चढ़ाया. उस समय से लोग यहां पूजा पाठ करना शुरू कर दिया.

समय बीतने बाद इसका जीर्णोद्धार होता गया और जल्ला वाले हनुमान मंदिर के नाम से यह मंदिर प्रसिद्ध हो गया. पुरे मंदिर भवन में रंग-बिरंगे कांच और पत्थर के नग से नक्कासी की गई है. जो मंदिर की खूबसूरती में चार चाँद लगाने का काम कर रहा है. साथ ही नक्कासी श्रद्धालुओ को अपनी ओर आकर्षित करता है. यहां आज भी श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन करने आते है और हनुमान भगवान का
पूजा अर्चना कर अपने परिवर की सुख शांति की कामना करते है.

पटना सिटी से अरुण कुमार की रिपोर्ट