शराबबंदी के विरोध में सड़क पर उतरे पूर्व सैनिक

बिहार में शराबबंदी के विरोध में शुक्रवार को पटना में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक सड़क पर उतरे और शराबबंदी कानून का विरोध किया. पूर्व सैनिक शराबबंदी कानून में संशोधन की मांग कर रहे हैं. दानापुर कैंट में हजारों की संख्या में पूर्व सैनिकों ने हाथीखाना मोड़ पर धरना दिया. धरना के बाद पूर्व सैनिकों ने विशाल रैली निकाली और राजभवन तक मार्च किया.

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रैली में पूर्व सैनिक संघ के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट नन्द कुमार सिंह ने कहा कि मौजूदा नशाबंदी कानून एक काला कानून है. सैनिकों को शराब डॉक्टर की सलाह पर दी जाती है क्योंकि वे विषम भौगोलिक परिस्थितियों में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं. लेकिन बिहार सरकार ने केन्टीन सुविधा का ये हक भी पूर्व सैनिकों से छीन लिया है. और नशाबंदी का आड़ में सेवारत सेनिकों कोे गिरफ्तार कर जेल में डाल रही है और देश को समर्पित सैनिकों के मान-सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रही है. कैप्टन एम. एस. रावत ने बताया कि इस काले कानून की वजह से सशस्त्र सेनाओं के 11% प्रतिशत सैनिक हतप्रभ स्थिति में पड़े हैं और सोच रहे हैं कि क्या पेंशन आने के बाद कैन्टीन से मिलने वाली सुविधा बंद हो जाएगी.
पूर्व सैनिकों की यह मांग है कि राज्य सरकार अन्य राज्यों की तरह सैनिकों और पूर्व सैनिकों को नशाबंदी कानून की हद से बाहर रखे, साथ ही सेवारत सैनिकों को, जो बिहार की सीमा में वैध अभिलेख के साथ यात्रा करते हैं, गिरफ्तार न किया जाय. इस अवसर पर संघ के महासचिव सूबेदार एस. डी. शर्मा, संघ के संयोजक आर. डी. सिंह, कोषाध्यक्ष कैप्टन आर. एन. सिंह और सूबेदार आर. एन. उपाध्याय के अलावा सैकड़ों की संख्या में पूर्व सैनिक मौजूद थे.