भोजपुर और औरंगाबाद के दो अधिकारियों के ठिकानों पर ईओयू की रेड




सरकारी नौकरी में रहते अवैध रूप से संपत्ति खड़ा किया

आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज

खंगाला जा रहा प्रधान लिपिक का ऑफिस और घर

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कारवाई करते हुए मंगलवार को एक साथ 2 सरकारी कर्मचारियों पर आर्थिक अपराध शाखा ने इनके ठिकानों पर टीम के कार्रवाई जारी है. सहार के पूर्व थानेदार आनंद कुमार सिंह और प्रधान लिपिक अमरेश राम पर सरकारी नौकरी में रहते अवैध रूप से संपत्ति जुटाने का आरोप हैइन दोनों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं. 7 मार्च को पटना में EOU ने पूर्व थानेदार के खिलाफ एफआईआर नम्बर 12/2022 और प्रधान लिपिक के खिलाफ 13/2022 दर्ज किया फिर अलग-अलग टीम बना आज छापेमारी शुरू कर दी. एडीजी  नैयर हसनैन खान ने पटना और औरंगाबाद जिले में चल रही कार्रवाई की पुष्टि की है.

औरंगाबाद स्थित मकान में छापेमारी करती टीम

भोजपुर जिले में सहार के थानेदार रहते हुए आनंद कुमार सिंह ने बालू माफियाओं का जमकर साथ दिया थानेदारी करते हुए बालू माफियाओं के अवैध काम में ये मदद करते थे और उसके एवज में इन्हें रुपए मिलते थे. इनके ऊपर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज हो चुका है. EOU की टीम ने इनके पटना में रूपसपुर थाना के तहत अपर्णा कॉलोनी में रंजीत सिंह के मकान वाले किराए के घर और पटना के ही बाढ़ में सहरी गांव स्थित पुश्तैनी घर पर छापेमारी की है. इनके ठिकानों पर छापेमारी के लिए EOU ने STF और लोकल थाने की पुलिस की भी मदद ली है. औरंगाबाद में आर्थिक छापेमारी करने पहुंचे आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारी EOU की दूसरी टीम इस वक्त औरंगाबाद जिले में है जो वहां के समाज कल्याण शाखा में पोस्टेड प्रधान लिपिक अमरेश राम के सरकारी ऑफिस, वार्ड नम्बर 13 में ब्रह्मस्थान के पास स्थित घर और जमहौर थाना के तहत रामपुर गांव के पुश्तैनी घर को खंगाल रही है .आरोप है कि अमरेश राम ने सरकारी नौकरी करते हुए जमकर अवैध तरीके से रुपयों की उगाही की और अकूत संपत्ति बना ली इस बात के ठोस सबूत मिले हैं.

PNCDESK