“Awareness in the society should be increased”

पटना के बोरिंग रोड स्थित कैम्ब्रिज स्टडी सेन्टर ENGLIT में क्रिसमस के मौके पर एक डिबेट का आयोजन किया गया. ” IS RELIGION THE SCAPEGOAT OF BLACKSHEEP” विषय पर आयोजित  इस डिबेट में स्टूडेंट्स ने भी बढ़-चढ़कर पार्टिसिपेट किया. स्टूडेंट्स ने इस विषय के पक्ष और विपक्ष में अपने विचार रखे.




डिबेट में शामिल मयंक ने कहा कि लोगों से धर्म नहीं बल्कि धर्म से लोग हैं. वहीं वसुंधरा ने कहा कि घर्म बहुत पाक होता है और धर्म की पवित्रता पर संदेह करना भी पाप है. एक और छात्र मनीष का कहना था कि धर्म से हमें शक्ति मिलती है और एक अनुशासित जिंदगी जीने की राह भी मिलती है.  वाद-विवाद (डिबेट) के अंत में ये निष्कर्ष निकला कि धार्मिक उन्माद को रोकने का सबसे बढ़िया तरीका है कि इसके बारे में लोगों में जागरुकता फैलाई जाए.

सेन्टर हेड मोबस्सिर इकबाल ने बताया कि इस डिबेट का मकसद स्टूडेंट्स को धर्म के नाम पर अंधभक्ति और गलत परंपरा फैलाने वाले शातिर लोगों के प्रति जागरुक करना था.