एक विरोध ऐसा भी….


विरोध का 9वां दिन
आरा : 9 जून. भोजपुरी संस्कृति के महत्वपूर्ण अंग भोजपुरी चित्रकला से आम जन मानस को परिचित कराने के लिए भोजपुरी कला संरक्षण मोर्चा द्वारा आज नौंवे दिन भी कोविड-19 के मार्गदर्शन का अनुपालन करते हुए आरा रेलवे स्टेशन पर भोजपुरी चित्रकला प्रदर्शनी एवं हाथपंखे पर भोजपुरी चित्रकला का चित्रांकन वरिष्ठ चित्रकार सह कोषाध्यक्ष कमलेश कुंदन,वरिष्ठ चित्रकार रौशन रॉय,मोर्चा के उप संयोजक विजय मेहता,युवा चित्रकार कौशलेश कुमार एवं वरिष्ठ रंगकर्मी एवं फ़िल्म निर्देशक कृष्णेन्दु एवं सामाजिक कार्यकर्ता रूपेश कुमार पांडेय (ज्ञानपुरी)ने किया।

आंदोलन स्थल पर आज मोर्चा से जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन करते हुए विधायक सुदामा प्रसाद ने कहा कि हमें सभी संस्कृतियों का सम्मान करना है और अपनी भोजपुरी संस्कृति के विकास के लिए सतत प्रयासरत भी रहना है।सामाजिक कार्यकर्ता और माले प्रत्याशी कयामुद्दीन ने कहा कि यह चित्रकला भोजपुरी भाषी लोगों की सशक्त पहचान है।निजी एवं सांघटनिक स्तर पर भी हमेशा स्थानीय कलाकारों का भरपूर सहयोग किया जायेगा।पूर्व मध्य रेलवे के परामर्शदात्री समिति के पूर्व सदस्य और पूर्व प्रत्याशी कौशल कुमार ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करने में भोजपुरी चित्रकला उल्लेखनीय योगदान देगा।शोभा मंडल,अमरेंद्र कुमार, शम्भू चौरसिया, गुलाम सरवर,शराफत अली आदि ने मोर्चा के सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हम सब इस मोर्चा के इस संघर्ष में साथ हैं।बक्सर जिले की मिट्टी से जुड़ी गृह मंत्रालय में कार्यरत अर्चना पांडेय ने हैदराबाद से अपने गीतों के माध्यम से इस आंदोलन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
DRM,पूर्व मध्य रेलवे द्वारा मिले आश्वासन से स्थानीय कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं में हर्ष की लहर है कि उनके द्वारा भोजपुरी भाषी रेलवे स्टेशनों पर भोजपुरी चित्रकला लगाने की बात कही गई है।इसके लिए कागजी प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ होगी।आज की चित्रकला प्रदर्शनी आदि गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने और सफल बनाने में मोर्चा के संयोजक भास्कर मिश्र,वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं रंगकर्मी अशोक मानव,रंगकर्मी और पत्रकार रवींद्र भारती, सामाजिक कार्यकर्ता कमलदीप कुमार,अभिनव कुमार, पत्रकार राजीव नयन अग्रवाल, रंगकर्मी पंकज भट्ट,रौशन कुमार,मनोज श्रीवास्तव आदि ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।




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