जल्द ही भोजपुरी को प्राथमिक शिक्षा सिलेबस में लाने की कोशिश करेंगे – शिक्षा मंत्री, बिहार

  1. पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | भोजपुरी साहित्यांगन द्वारा बुधवार 26 दिसम्बर को पटना के भारतीय नृत्य कला मंदिर के प्रांगण में स्थित ललितकला अकादमी बहुद्देशीय सांस्कृतिक परिसर में मॉरीशस के उच्चायुक्त जगदीश्वर गोवर्द्धन के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में उच्चायुक्त द्वारा प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए भोजपुरी भाषा की एक पुस्तक, पूर्व प्राथमिक भोजपुरी पाठ्य पुस्तक माला का विमोचन हुआ. इस अवसर पर इस पुस्तक का उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बीच वितरण भी किया गया. यह कार्यक्रम ‘इंडियन डायस्पोरा एंड वर्ल्ड भोजपुरी सेंटर, वर्ल्ड भोजपुरी इंस्टीट्यूट एवं आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट ऑफ़ इण्डिया’ के सहयोग से आयोजित किया गया.
    पूर्व प्राथमिक भोजपुरी पाठ्य पुस्तक माला  को स्वयं उच्चायुक्त ने प्राथमिक स्तर के बच्चों को उनकी मातृ भाषा भोजपुरी सिखाने के लिए मॉरीशस की टीम द्वारा तैयार करवाया है. भोजपुरी भाषा के उत्थान के लिए वे कटिबद्ध हैं और मॉरीशस से लेकर भारत तक उन्होंने इसके लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है. वे भोजपुरी क्षेत्रों में घूम-घूम कर मातृभाषा के प्रति जागरूकता फैला रहे हैं. उन्हें यह आश्चर्य होता है कि जब मॉरीशस भोजपुरी के लिए इतना कुछ कर सकता है तो भोजपुरी के मूल क्षेत्र में अपनी ही मातृ भाषा के प्रति इतनी उदासीनता और हीनत्व-बोध क्यों है. उनका कहना है कि जबतक हमलोग छोटे छोटे बच्चों को भोजपुरी नहीं सिखाएंगे भोजपुरी का विकास नहीं होगा. दुनिया की कोई संस्कृति और सभ्यता बिना मातृभाषा के अपने को बचा नहीं सकती और न विकास कर सकती है.
    उन्होंने कहा कि मॉरीशस एवं भारत के भोजपुरी क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं घनिष्ठ सांस्कृतिक सम्बन्ध हैं जो मूलतः रक्तसम्बन्ध पर आधारित है. भोजपुरी भाषा ही हमें एक दूसरे से अभिन्न करती है.
    इस अवसर पर बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा ने कहा कि यद्यपि वह मॉरीशस गए नहीं है लेकिन जो भी मॉरीशस जाते हैं वे वहां के बारे में काफी बड़ाई करते हैं. मॉरीशस घूमकर आने वाले यही कहते हैं कि मॉरीशस और बिहार में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है. वहां की बोली, वहां का रहन-सहन – बहुत कुछ बिहार से मिलता जुलता है. उन्होंने कहा कि इस संस्था के माध्यम से भोजपुरी को समृद्ध करने के लिए बहुत ही सराहनीय कार्य किया जा रहा है. शिक्षा मंत्री ने इस कार्यक्रम में विमोचित पुस्तक के बारे में कहा कि इसमें बहुत ही आसान तरीके से भोजपुरी भाषा सीखने को बताया गया है. उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि मॉरीशस में प्राइमरी क्लासेज में भोजपुरी की पढ़ाई होती है. बिहार में भोजपुरी भाषा के स्कूल में पढ़ाई के बारे में उन्होंने कहा कि इसकी आवश्यकता हम भी महसूस करते हैं. उन्होंने बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री होने की हैसियत से कहा कि मैं भोजपुरी भाषा की आवश्यकता को महसूस करता हूं तथा मैं चाहता हूं कि भोजपुरी भाषा को प्राथमिक प्राइमरी विद्यालयों में पढ़ाने की व्यवस्था की जाए. हम अधिकारियों से बात कर कोई ठोस निर्णय लेने का प्रयास करेंगे. मंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित दो गायकों, रामेश्वर गोप तथा मनीषा की भी काफी प्रशंसा की. उन्होंने मॉरीशस के उच्चायुक्त से कहा कि वे अपना अनुभव हमसभी से बांटे कि मॉरीशस में भोजपुरी का विकास कैसे हो रहा है तथा बिहार में यहां पर इसके विकास के लिए कैसे काम किया जाए. मंत्री ने आगे कहा कि महामहिम की तरफ से जो भी सुझाव आएगा, उस पर हम लोग उस पर विचार करेंगे.
    संयोजक यशेन्द्र प्रसाद ने कार्यक्रम में उपस्थित बिहार के शिक्षा मंत्री से भोजपुरी को संविधान की अष्टम अनुसूची ने शामिल करने की औऱ बिहार की प्राथमिक शिक्षा के सिलेबस में भोजपुरी की पढ़ाई शुरू करने की माँग की जिसपर शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा ने इसमे पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया. भोजपुरी के उत्थान में कार्य करने हेतु सुधा राजेश फाउंडेशन, पटना की भी प्रशंसा की गई.
    इस अवसर पर बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा, दूरदर्शन प्रोग्रामिंग हेड  रत्ना पुरक़ायस्थ, आर्ट एन्ड कल्चरल ट्रस्ट ऑफ़ इण्डिया  के उपाध्यक्ष शूलपाणि सिंह, भोजपुरी साहित्यांगन  के रंजन प्रकाश एवं रंजन विकास, चौधरी टाइल्स के मालिक मनोज कुमार चौधरी, सुधा राजेश फाउंडेशन की तरफ से वरिष्ठ मीडियाकर्मी निखिल के डी वर्मा, बोलो जिंदगी  के राकेश सिंह ‘सोनू’, पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता प्रभाकर सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में प्राथमिक स्तर के विद्यार्थी और शिक्षक उपस्थित थे.

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