डॉन की धमक या गैंगवार ?

स्टेशन परिसर में 2 को भुना, गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्राया स्टेशन




आरा, 5 मई. भोजपुर जिले में अपराधियों के हौसले फिर से पांव पसारने लगे हैं. अपराध की घटनाओं की पुनरावृति और अपराधियों के बढ़ते मनोबल की वजह से आरा लगातार सुर्खियों में है. ताजा घटना में शुक्रवार को आरा स्टेशन परिसर में लगभग 8.30 बजे अपराधियो ने ताबड़तोड़ कई राउंड गोलियाँ फायर कर दो युवकों को मौत के घाट सुला दिया और बेखौफ हाथों में हथियार लहराते आराम से चलते बने. अचानक कई राउंड फायर की आवाज ने सबके रोंगटे खड़े कर दिए और परिसर में भगदड़ मच गई. अपराधियो के इस हमले में नगर थाना क्षेत्र के भलुहीपुर इमामबाड़ा निवासी मो. हफीज राइन का पुत्र मो. हकीम राइन व बिन्द टोली निवासी दिनेश कुमार के पुत्र पंकज उर्फ बोतल बिन्द की मौत हो गयी. अपराधियों की गोली के शिकार हाकिम की घटना स्थल पर ही मौत हो गई जबकि दूसरे पंकज की मौत आरा सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरा रेलवे स्टेशन दुर्गा मंदिर के समीप 2 पल्सर गाड़ी पर सवार 4 की संख्या में हथियारबंद अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर घटना को अंजाम दिया. दोनों मृतक घटना के पूर्व उक्त जगह पर चाय पीने के लिए गए हुए थे जहाँ पहले से घात लगाए अपराधियों ने अपने दुश्मनों को मौत की नींद सुला दी. मिली जानकारी के अनुसार इन दोनों के साथ तीसरा व्यक्ति भी था जो गुटखा लेने के लिए पान की दुकान की ओर गया और बच गया. हालांकि घटना के बाद उस तीसरे व्यक्ति का अभीतक नाम या हुलिया पता नही चला है. मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. परिजनों की माने तो अनहोनी की आशंका से उन्होंने स्टेशन जाने के लिए मना किया था, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है.

पुलिस को मौका ए वारदात से एक दर्जन खोंखा के साथ एक जिंदा कारतूस भी बरामद हुई हैं. बहरहाल घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल कायम है. घटना के बाद से मृतक के परिजन कुछ भी बोलने से साफ  इंकार कर रहें हैं. भोजपुर एसपी अवकाश कुमार ने बताया कि दो लोगो की गोली लगने से मौत हुई है करीब सात आठ राउंड गोलियां चलाई है घटना स्थल पर कई खोखे व एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है. मृतकों की पहचान हो गई है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. स्टेशन परिसर में गोलियों की तड़तड़ाहट की आवाज को GRP ने पहले पटाखों की आवाज समझा और आवाज की दिशा में जब गए तो भगदड़ के बाद उन्हें गोली चलने का एहसास हुआ. GRP के पहुँचने तक अपराधी घटना को अंजाम दे हथियारों को लहराते हुए भाग निकले थे. GRP ने घटना स्थल से 2 मोटरसाइकिल और मृतकों के 2 मोबाइल को जब्त किया है.

मृतक हकीम राइन जमीन का कारोबार करता था, जिसका आपराधिक इतिहास भी रहा है.  2015 में आरजेडी नेता मो. एकराम के बेटे मो. अब्बू की हत्या हुई थी,जिसमे मो. हकीम आरोपी था.सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार उक्त हत्या का लाइनर हकीम ही था, जिसने लड़की की आवाज में टेलीफोन कर अब्बू को जाल में फंसाया था. इसके अलावा उस पर हत्या, लूट, छिनतई व आर्म्स एक्ट के आधा दर्जन से अधिक मामले नगर थाना में दर्ज हैं. वही बोतल बिंद सेंट्रिंग का काम करता था. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये हत्या आपसी लड़ाई का हिस्सा है. इस हत्या के तार को मो. अब्बू की हत्या के साथ- साथ अभी हाल में ही हुई जमीन के विवाद से भी देखा जा रहा है. दो गुटों के आपसी टकराव का यह परिणाम है. शहर के एक बड़े डॉन के जेल से बाहर आने के 5 दिन बाद ही घटना को अंजाम देना डॉन के इलाके में आ जाने की धमक मानी जा सकती है. इस दोहरे मर्डर के बाद एक बार पुनः जिला अनहोनी से आशंकित हो उठा है.   क्या पता गोलियों की तड़तड़ाहट कल शहर के किस छोर पर धमक किसी की जान ले ले.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट