शरद मेला में कई देशों के संग्रहनीय उत्पाद एक जगह 

टेराकोटा और लाख से बनाए गए वस्तुएं भी मौजूद 

लकड़ी से लेकर बेशकीमती पत्थर की सजावटी वस्तुएं भी मेले में 




2,000 से अधिक उत्पाद, होम, लाइफस्टाइल, फैशन एवं टेक्सटाइल के स्टाइल एवं डिजाइन जैसी विशिष्ट विशेषताओं से लबरेज 42वें आईएचजीएफ- दिल्ली मेला शरद 2016 का आयोजन हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के तत्वाधान में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में चल रहा है. मेला 18 अक्टूबर 2016 तक चलेगा. दुनिया के भिन्न भिन्न जगहों पर आयोजित अन्य मेलों की तुलना में यह मेला अनूठा है क्योंकि इस मेले के प्रदर्शक केवल भारतीय हैं और धरती के सभी कोने से खरीदार यहां मौजूद भारतीय उत्पादों की व्यापक और विविध रेंज को अपने देश के उपभोक्ताओं के सभी खंडों की जरूरतों को पूरा करने के लिए आते हैं.

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भारतीय उत्पाद रेंज की एक और विशेषता यह है कि उन्हें अभी भी हाथ से तैयार किया जाता है, मशीनें केवल फिनिशिंग के लिए उपयोग में लायी जाती हैं. भारत को अब भी उत्पाद, डिजाइन, रंग और कच्चे माल बेस के मामले में विशिष्टता का गौरव प्राप्त है.भारतीय उत्पाद पर्यावरण के अनुकूल हैं क्योंकि इनमें इस्तेमाल कच्चे माल सबसे अधिक प्राकृतिक हैं और केमिकल के उपयोग से नहीं बने हैं, यहां तक कि इनमें इस्तेमाल की जा रही डाई और रंग भी केमिकल की तुलना में प्राकृतिक सब्जियों से बने हैं.

प्रदर्शनी में शामिल उत्पादों में गिफ्ट एवं सजावटी, फर्नीचर, होम फर्निशिंग, हाउसवेयर, फैशन ज्वैलरी एवं एक्सेसरीज, लैंप एवं लाइटिंग, क्रिसमस एवं उत्सव के सजावट, कालीन और गलीचा, बाथरूम एक्सेसरीज, बगीचे की सजावटी वस्तुएं, शैक्षिक खिलौने एवं खेल, हस्तनिर्मित कागजी उत्पादों, चमड़े के बैग, मोमबत्ती, धूप आदि उत्पादों को कच्चे माल के एक विस्तृत रेंज जैसे लकड़ी, धातु, बेंत एवं बांस, कपड़ा, प्राकृतिक फाइबर, ऊन, रेशम, जूट, कॉयर, स्टोन, सींग, टेराकोटा और लाख इत्यादि से बनाया जाता है.

ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन से हाउसवेयर एवं सजावटी वस्तुओं से संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों के संपादक भी इस शो का दौरा कर यहां प्रदर्शित रेंज एवं उत्पादों की गुणवत्ता देखेंगे और अपने आगामी अंकों के लिए संबंधित कहानियां लेकर जाएंगे.

110 देशों के 5,000 से अधिक खरीदार जैसे कि यूरोप से ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, क्रोएशिया, साइप्रस, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, इटली, आयरलैंड, द नीदरलैंड, स्पेन, स्विटजरलैंड, रूस, स्वीडन और ब्रिटेन. अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको एवं लैटिन अमेरिकी देशों जैसे ब्राजील, अर्जेंटीना, चिली और कोलंबिया एवं अन्य. अफ्रीकी देशों जैसे अल्जीरिया, बोत्सवाना, मिश्र, घाना, केन्या, माली, मॉरीशस, मोरक्को, नाइजीरिया इत्यादि. अन्य महत्वपूर्ण देशों जहां से खरीदार आ रहे हैं उनमें चीन, जापान, इजराइल, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, सउदी अरब और सिंगापुर और कई अन्य देश इस मेले में शिरकत रहे हैं.

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आगंतुकों और उद्यमियों के लिए इस क्षेत्र से प्राकृतिक फाइबर के बने बैग, बेंत एवं बांस, फर्नीचर, सजावटी वस्तुएं, गिफ्ट, सूखे फूल, शॉल और हस्तनिर्मित कपड़े और मेड अप्स जैसे उत्पादों के आकर्षण होने के साथ ही इस क्षेत्र को अच्छे बिजनेस ऑर्डर मिलने की भी उम्मीद है.इसके अलावा, मेगा समूहों के हस्तशिल्पों जैसे नरसापुर (आंध्र प्रदेश) से फीता एवं फीता शिल्प तथा जोधपुर से लकड़ी के हस्तशिल्पों को भी इस शो में प्रदर्शित किया गया है.मेले में भाग लेने वाली कंपनियों की जानकारी में उन्नति के लिए पांच दिवसीय आयोजन के दौरान मेला ग्राउंड पर ही सूचनाप्रद सेमिनारों का भी आयोजन किया जा रहा है जिसमें अमेरिकी बाजार के लिए निर्यात बढ़ाने, साइबर अपराधों से सुरक्षा, गृह सच्चा एवं फेशन, प्राकृतिक फाइबर पर रूझान प्रवृत्तियों, संचार बाधाओं पर काबू पाने, इंटरनेट भविष्य में विकास का संचालक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी)- हस्तशिल्प क्षेत्र के निहितार्थ जैसे विषय शामिल हैं.

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