पेपर लीक में नया खुलासा, CBI जांच की मांग तेज

BSSC पेपर लीक कांड में पूर्व सचिव परमेश्वर राम के मोबाइल से SIT को कई बड़े और रसूखदार लोगों के नाम पता चले हैं. जी हां, पेपरलीक मामले का खुलासा होने के तुरंत बाद परमेश्वर राम ने अपने मोबाइल से बड़ी संख्या में SMS और कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे. लेकिन IT एक्सपर्ट की मदद से SIT ने सारा डाटा रिकवर कर लिया है. इसके बाद जिन लोगों के नाम सामने आए, उसे देखकर SIT भी भौचक रह गई.




सूत्रों के मुताबिक , पेपरलीक कांड में मौजूदा सरकार के दो मंत्री, उत्तर बिहार के एक पूर्व सांसद और कई विधायक भी शामिल हैं. यही नहीं, बिहार सरकार के सबसे वरिष्ठ IAS अधिकारियों में से एक अधिकारी का नाम भी इसमें सामने आ रहा है. लेकिन SIT फिलहाल कोई रिस्क नहीं लेना चाहती . इसलिए पुख्ता सबूत के साथ ही इनपर हाथ डालेगी. इधर इस मामले में बिहार के IAS अधिकारी सी के अनिल पिछले करीब डेढ़ महीने से लापता हैं. SIT के पास उनके खिलाफ पुख्ता सबूत हैं. उन्हें पेश होने के लिए तीन बार समन भी भेजा गया, लेकिन वे नहीं आए. अब विभागीय स्तर पर उनकी खोजबीन शुरू की गई है.

इस बीच, ये सारा खुलासा होने के बाद शुक्रवार को विधानसभा में विपक्ष ने सरकार से एक बार फिर पेपरलीक कांड की CBI जांच कराने की मांग की है. बीेजपी ने साफ किया कि जब सरकार के बड़े और रसूखदार लोग ही इस घोटाले में शामिल हों तो SIT कैसे इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सकती है.

इधर शिक्षा स्वराज, बिहार के सह संयोजक गगन गौरव ने कहा कि सरकार को इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तुरंत CBI को सिफारिश करनी चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि बिहार कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर पिछले दस साल में हुई सभी परीक्षा की जांच करानी चाहिए. BSSC की जगह किसी दूसरे आयोग का गठन करना चाहिए, जिसमें एक्सपर्ट की टीम आधुनिक और करप्शन फ्री बहाली प्रक्रिया के द्वारा योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति करे.