भूकंप सुरक्षा सप्ताह में जनजागरुकता बढ़ाने पर जोर

15-21 जनवरी तक भूकम्प सुरक्षा सप्ताह का आयोजन

बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण करेगा आयोजन




 

पिछले कुछ सालों से लगातार भूकम्प की विभीषिका झेल रहे बिहारवासियों की आंखों के सामने से अभी तक नेपाल की तबाही का वो मंजर नहीं भूला है, जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई. नेपाल के साथ बिहार में भी तबाही के अंश दिखे थे. करीब 2 साल पहले की उस घटना में बिहार के भी 60 लोगों की जान चली गई थी. उसके बाद कई महीने तक धरती कई बार डोली और लोगों को सोंचने पर मजबूर कर दिया. इसके साथ ही सरकार ने भी अपनी तैयारी पुख्ता करने की व्यवस्था की. इसी दिशा में बिहार राज्य आपदा प्रंबंधन प्राधिकरण 15 – 21 जनवरी तक भूकंप सुरक्षा सप्ताह 2017 का आयोजन कर रहा है.

भूकंप सुरक्षा सप्ताह के आयोजन का मकसद लोगों को भूकम्प जैसी आपदा के प्रति जागरुक करना है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यासजी ने कहा कि बिहार भूकम्प की दृष्टि से अत्यंत संवदेनशील राज्य है. राज्य के आठ जिले सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, अररिया एवं किशनगंज भूकम्प के दृष्टिकोण से सर्वाधिक संवदेनशील, ज़ोन V में आते हैं. इसी प्रकार से अन्य 24 जिले ज़ोन IV जबकि बाकी 6 जिले, ज़ोन III में आते हैं. व्यासजी ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा की गंभीरता को देखते हुए इसके लिए जनमानस में भूकम्प से बचाव की तैयारी और इसके प्रति जागरूक होना अति आवश्यक है.

हर साल 15-21 जनवरी तक “भूकम्प सुरक्षा सप्ताह” मनाने का उद्देश्य जनमानस में जागरूकता कार्यक्रमों  के माध्यम से भूकंप के प्रति जानकारी बढाना है, जिससे लोगों में भूकंप के प्रति संवेदनशीलता बढ़े और भूकम्प के कारण आने वाली मुसीबतों से निबटने की क्षमता में वृद्धि हो सके.

इस बार इंजीनियर्स और राजमिस्त्री को भी ट्रेनिंग में शामिल किया जा रहा है. इंजीनियर्स के ट्रेनिंग में सरकारी और गैर-सरकारी अभियंताओं को शामिल किया जा रहा है. राजमिस्त्रियों के ट्रेनिंग में इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के अंतिम वर्ष के छात्रों को भी प्रशिक्षक के रूप में शामिल किया जायेगा. व्यास जी ने बताया कि भूकंप सुरक्षा सप्ताह के दौरान मधुबनी के 2 और अररिया के स्कूल में रेट्रोफिटिंग कराया जायेगा. उन्होंने यह भी बताया कि प्राधिकरण द्वारा अगले 2 वर्षों की योजना निर्धारित करके कार्य किया जा रहा है और PRA तकनीक और ग्राम आपदा प्रबंध योजना जैसे नए कार्यक्रमों के माध्यम से आपदा प्रबंधन को और प्रभावशाली ढंग से किया जायेगा. इस अवसर पर बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य उदय कान्त मिश्र, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त सचिव अनिरुद्ध कुमार के अतिरिक्त प्राधिकरण के कई अन्य वरीय पदाधिकारी भी मौजूद थे.

भूकम्प सुरक्षा सप्ताह – 2017” के दौरान राज्यस्तर पर निम्नलिखित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.

  दिनांक       –                      राज्यस्तर – कार्यक्रम  

15-01-2017    – राज्य भर के इंजीनियर्स/ वास्तुविदों / संवेदकों / निर्माणकर्ताओं / राजमिस्त्रियों को भवनों के भूकम्परोधी निर्माण एवं रेट्रोफिटिंग तकनीक से संबन्धित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ.

16-01-2017   – (i) मधुबनी ज़िले में 02 स्कूल तथा अररिया ज़िले में 01 स्कूल के रेट्रोफिटिंग का कार्यक्रम.

(ii) भूकम्प से सुरक्षा हेतु पटना के महेश नगर स्थित अपार्टमेंट में SDRF के सहयोग से मॉक ड्रिल का आयोजन.

17-01-2017- भूकम्प से सुरक्षा हेतु पटना के व्यवसायिक परिसर “मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स” में NDRF के सहयोग से मॉक ड्रिल का आयोजन.

18-01-2017   –  भूकम्प से सुरक्षा हेतु पटना के अस्पताल, पटना मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (PMCH) में NDRF के सहयोग से मॉक ड्रिल का आयोजन |

19-01-2017   –  भूकम्प से सुरक्षा हेतु पटना के सिंचाई भवन में SDRF के सहयोग से मॉक ड्रिल का आयोजन.

20-01-2017   –  भूकम्प से सुरक्षा हेतु पटना के विश्वेश्वरैया भवन में NDRF के सहयोग से मॉक ड्रिल का आयोजन.

जिला स्तर पर निम्नलिखित कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं –

  • NDRF/SDRF के सहयोग से समाहरणालयों , जिला स्तरीय महत्वपूर्ण कार्यालयों, अस्पतालों, स्कूलों एवं व्यवसायिक भवनों / कारखानों तथा चुनिन्दा अपार्टमेंट में भूकम्प संबंधी मॉक ड्रिल का आयोजन.
  • विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र – छात्राओं के बीच भूकम्प एवं उससे सुरक्षा/बचाव एवं पूर्व तैयारियों के विषय पर ड्रॉइंग, पेंटिंग, निबंध, नारा लेखन एवं वाद – विवाद जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन .
  • पंचायतों एवं जन प्रतिनिधियों को भूकम्परोधी एवं आपदारोधी भवनों के निर्माण तथा भूकम्प से सुरक्षा संबंधी उपायों के संबंध में संवेदित करने हेतु बैठक का आयोजन .
  • गीतों एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भूकम्प संबंधी जागरूकता का प्रचार-प्रसार .
  • भूकम्प सुरक्षा सप्ताह के तहत जिले के विभिन्न स्तरों पर Run for DRR, सिनेमा हाल में स्लाइड के माध्यम से भूकम्प से सुरक्षा के उपायों का प्रचार – प्रसार, जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहयोग से भूकम्प से सुरक्षा के उपायों का प्रचार – प्रसार, सभी सरकारी कार्यालयों जैसे अनुमंडल, अंचल, प्रखंड एवं पंचायत स्तरीय कार्यालय एवं गैर सरकारी कार्यालयों में बैठक का आयोजन एवं हवाई अड्डा, रेल्वे स्टेशन, पंचायत भवन, लाइब्रेरी, अस्पताल, बैंक, पोस्ट – ऑफिस, व्यवहार न्यायालय, बस स्टैंड, शॉपिंग मॉल, हाट – बाज़ार, नगर पालिका एवं नगर निगम के वार्डो, मोहल्लों के चौराहों इत्यादि में भूकम्प सुरक्षा का व्यापक प्रचार – प्रसार सुनिश्चित कराना.
  • भूकम्प जागरूकता संबंधी प्रभातफेरी, मानव श्रृंखला का निर्माण आदि.
  • थाना स्तर पर नागरिक परिषद के सहयोग से भूकम्प से सुरक्षा के विषय पर बैठक का आयोजन.
  • भूकम्प से संबन्धित लघु फिल्मों का प्रदर्शन.
  • जिलों में रेड क्रॉस / नागरिक सुरक्षा के बड़ी संख्या में प्रशिक्षित स्वंयसेवक उपलब्ध हैं | साथ ही गृह रक्षा वाहिनी के जवानो को भी आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षण दिया जा रहा है| इन सभी प्रशिक्षित स्वयंसेवकों / जवानों का उपयोग “भूकम्प सुरक्षा सप्ताह 2017” में जन-जागरूकता के कार्यक्रमों यथा – रैली, साइकिल रैली, मोकड्रिल इत्यादि.