राज्यपाल ने किया पुस्तक ‘Multiculturalism’ का लोकार्पण

राज्यपाल रामनाथ कोविन्द ने गुरुवार को डाॅ॰ पूर्णिमा सिंह द्वारा लिखित अंग्रेजी पुस्तक ‘Multiculturalism’ का विमोचन किया. राज्यपाल ने कहा कि भारत राष्ट्र का बहुसंस्कृतिवाद इसका वह वैशिष्ट्य है, जो इसकी भावात्मक एकता का मूलाधार है. भारत की ‘विविधता में एकता’ की छवि इसकी वह पहचान है, जो यहाँ प्रचलित विभिन्न धर्मों, दर्शनों, संस्कृतियों के बावजूद इसकी सांस्कृतिक एकात्मकता को सौन्दर्य और सुदृढ़ आधार प्रदान करती है.




राज्यपाल ने कहा कि ‘भारतीय संविधान’ की लोकतांत्रिक व्यवस्था हममें सर्व सहिष्णुता तथा अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्य-बोध का भी अभिज्ञान प्रदान करती है तथा सामाजिक और आर्थिक समता की चेतना जागृत करती है. राज्यपाल ने कहा कि पारस्परिक बंधुत्व और सामाजिक समरसता हमारी राष्ट्रीय एकता के प्राण-तत्व हैं. हमारी परम्पराएं, रीति-रिवाज, विरासत, सामाजिक एवं नैतिक मान्यताएं -सबमें भारतीयता के गौरव-बोध का भाव समाहित है.

राज्यपाल ने ‘Multiculturalism’ पुस्तक की लेखिका डाॅ॰ पूर्णिमा सिंह को एक स्वस्थ वैचारिक रचनात्मक अवदान के लिए बधाई दी.

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रवादी विचारक डाॅ॰ शत्रुध्न प्रसाद ने कहा कि बहुसंस्कृतिवाद भारतीय राष्ट्रवाद का अनुपम वैशिष्ट्य है, जिसका उत्स भारतीय ऋषि-मुनियों के सारस्वत अवदानों एवं वैदिक वाड्ग्मय में उपलब्ध है.

पुस्तक की लेखिका डाॅ॰ पूर्णिमा सिंह ने कहा कि ‘राष्ट्र-राज्य’ की पाश्चात्य अवधारणा के पूर्व ही भारतीय भूखंड में ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ की संकल्पना विद्यमान थी. कार्यक्रम में स्वागत-भाषण डाॅ॰ महेश राय एवं धन्यवाद-ज्ञापन डाॅ॰ ओमप्रकाश राय ने किया. इस अवसर पर ‘राज्य सूचना आयोग’ के आयुक्त द्वय -श्री अरूण कुमार वर्मा, श्री ओम प्रकाश, ‘बिहार लोक सेवा आयोग’ के सदस्य डाॅ॰ रामकिशोर सिंह, जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान के निदेशक श्री श्रीकांत, अभिलेखागार के निदेशक श्री विजय कुमार, अरविन्द महिला काॅलेज की प्राचार्या डाॅ॰ उषा सिंह, श्री आलोक कुमार, श्रीमती मीरा सिन्हा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.