मानव श्रृंखला के नाम पर दिव्यांग छात्रा की पिटाई शर्मनाक-सीमा

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष सीमा सक्सेना ने कहा है कि बिहार में शराबबंदी को लेकर जागरुकता संदेश देने के लिए आयोजित की जा रही मानवश्रृंखला तो ठीक है, लेकिन इसके आयोजन को लेकर जिस तरह की ज्यादती की जा रही है, उसपर भी ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि बिहार में इतनी सर्दी पड़ रही है, इसके बावजूद स्कूली बच्चों को मानव श्रृंखला के नाम पर खुले में अभ्यास कराया जा रहा है. स्कूली बच्चे तो खुद ही उत्साह से भरे होते हैं, लेकिन कई जगह शिक्षक अपनी वाहवाही लूटने के चक्कर में उनपर ज्यादती भी कर रहे हैं.नालंदा ज़िले के एकंगरसराय की घटना का हवाला देते हुए सीमा सक्सेना ने कहा कि औंगारी के गोमहर मध्य विद्यालय में बिना विश्राम दिए छात्राओं से लगातार मानव श्रृंखला का अभ्यास कराया जा रहा था. इसी क्रम में कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई. एक दिव्यांग छात्रा बेहोश होकर गिर पड़ी, जिसके बाद शिक्षक ने उस छात्रा को उसी हालत में पीटना शुरू कर दिया. शिक्षक की पिटाई से छात्रा की हालत और बिगड़ गई और उसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.




रालोसपा राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष ने कहा कि ये शर्मनाक है. छात्रा दिव्यांग है फिर भी मानव श्रृंखला के लिए अभ्यास कर रही थी. इस बच्ची को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए था, लेकिन उसकी पिटाई कर दी गई. अगर स्कूलों में इसी तरह की शिक्षा दी जाती है तब तो ये चिंता का कारण है. दूसरी ओर, सरकार को भी ये सोचने की जरूरत है कि शराबबंदी का जागरुकता संदेश देने के लिए वो स्कूली बच्चों का इस्तेमाल क्यों कर रही है? देश भर के बच्चे इन दिनों बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे हैं, महीने-दो महीने बाद परीक्षाएं होने वाली हैं और बिहार के बच्चे हफ्ते-दस दिन से मानवश्रृंखला का अभ्यास कर रहे हैं.