5 मार्च मंगलवार को भारत बंद है ….

युवा राजद भारत बंद के समर्थन में लोकतांत्रिक तरीके से सड़को पर उतरेंगे : अरुण यादव

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | मंगलवार यानि 5 मार्च मंगलवार को विपक्षी पार्टियों ने भारत बंद का आह्वान किया है. इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि घर से जरा संभल कर निकलें. यह बंद 10 प्रतिशत सवर्ण आरक्षण और 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम के खिलाफ सभी राजनीतिक पार्टियों और पिछड़ी जातियों के संगठन “संविधान बचाओ संघर्ष समिति” द्वारा आहूत है. इस भारत बंद को दलितों और आदिवासियों का भी समर्थन प्राप्त है.
युवा राजद के प्रदेश प्रवक्ता सह मीडिया अरुण कुमार यादव ने बताया कि संविधान बचाओ संघर्ष समिति द्वारा 5 मार्च को आहूत भारत बंद के समर्थन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के निर्देशानुसार युवा राजद के कार्यकर्ता प्रदेश से लेकर प्रखंड स्तर तक लोकतांत्रिक तरीके से सड़को पर उतरेंगे.
यादव ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा 13 पॉइंट रोस्टर को लागू करने के खिलाफ 200 प्वाइंट रोस्टर सिस्टम अविलंब बहाल करने की मांग एवं जातीय जनगणना लागू कर आबादी के हिसाब से आरक्षण लागू करने जैसी मुख्य मांगो को लेकर बंद को ऐतिहासिक बनाने के लिए राजद और युवा राजद द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई हैं. बंद के तहत शहर के सभी व्यपारिक प्रतिष्ठान,शिक्षण संस्थान,सिनेमा हॉल,पेट्रोल पंप,सिटी बस,टेम्पों,ऑटो,बड़ी वाहन इत्यादि सुबह से शाम तक बंद रहेंगे. बंद से केवल स्वास्थ्य सेवाओं ऐम्बुलेंस एवं आपातकालीन सेवाओ से मुक्त रखा गया है.




राजद नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर लोगों से आह्वान किया कि “मोदी सरकार द्वारा आरक्षित वर्गों की नौकरियाँ समाप्त करने के विरोध में 5 मार्च को आहुत भारत बंद में बढ़-चढ़कर भाग लें.”
13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम क्या है –
बताया गया है कि विश्वविद्यालयों में 200 पॉइंट रोस्टर सिस्टम ख़त्म कर 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम को लागू करने के खिलाफ विपक्षी पार्टियों ने ये बंद बुलाया है जिसे कई छात्र संगठनों ने समर्थन दिया है. दरअसल देश के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में आरक्षण की व्यवस्था 200 पॉइंट रोस्टर सिस्टम पर आधारित थी. इस व्यवस्था में यूनिवर्सिटी को एक यूनिट माना गया था और 1 से 200 तक पदों की नियुक्ति में आरक्षण लागू हुआ. आरक्षित वर्ग के लिए 49.5 फीसदी और अनारक्षित वर्ग के लिए 50.5 फीसदी सीटें इसी सिस्टम से भरने की व्यवस्था हुई थी लेकिन इलाहबाद हाई कोर्ट ने इस व्यवस्था को ख़त्म कर 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम लागू कर दिया. इसी के खिलाफ यह बंद आहूत है.
राजद जैसी पार्टियाँ केंद्र पर आरोप लगाती रही हैं कि 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम के जरिये पिछड़ों का आरक्षण धीरे धीरे ख़त्म किया जा रहा है. 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम में विश्वविद्यालय को एक यूनिट मानने की बजाये विश्वविद्यालय के विभाग को एक यूनिट माना जाता है और भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जारी है. इस सिस्टम में पहली, दूसरी, तीसरी पोस्ट सामान्य वर्ग के लिए, चौथी पोस्ट ओबीसी के लिए फिर पांची और छठी पोस्ट सामान्य वर्ग के लिए उसके बाद सातवी पोस्ट एससी और आठवां पोस्ट ओबीसी के लिए, नौवां, दसवां और ग्यारहवीं पोस्ट सामान्य वर्ग के लिए, बारहवीं पोस्ट ओबीसी के लिए फिर तेरहवीं पोस्ट सामान्य वर्ग के लिए और उसके बाद चौदहवी पोस्ट एससी के लिए होती है.