महिलाओं ने कहा-बलात्कारियों के अंत के बगैर महिलाओं का विकास सम्भव नही

महिला दिवस पर महिलाओं का हुंकार

आरा,9 मार्च.अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले में जहां कई कार्यक्रम हुआ और महिलाओं के सम्मान में कसीदे पढ़े गए वही एक संस्था में महिलाओं के विकस और मजबूती के लिए एक परिचर्चा आयोजन किया गया जहाँ महिलाओं ने समाज मे हो रहे उनके ऊपर अत्याचार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाला और दहाड़ते हुए कहा कि बलात्कारियो के अंत के बिना महिला सशक्त नही हो सकती और न ही होगा कभी उनका विकास.




“महिला सशक्तिकरण व स्वावलंबन” विषय पर ‘नेशनल साइंटिफिक रिसर्च ऎंड सोशल एनालीसिस ट्रस्ट’ ,बड़ी मठिया हाता आरा के कार्यालय में “परिचर्चा”का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का संचालन करते हुए संजय नाथ पाल ने ट्रस्ट के द्वारा विगत छः वर्षों से महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन के निमित्त निश्वार्थ चलाए गए अनेकों योजनाओं के ऊपर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये ट्रस्ट अनेकों महिलाओं को निःशुल्क औद्योगिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराते रहा है तथा उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने में हर एक संभव मदद करते रहा है तथा उचित मार्ग दर्शन देते रहा है.
परिचर्चा शालिनी श्रीवास्तव ने अपने गायन से सुरु किया तथा उपस्थित सहभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक इस देश से बलात्कारियों का अंत नहीं हो जाता तब तक महिलाओं का विकास कतई संभव नहीं हो सकता. कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज सेविका छाया श्रीवास्तव ने किया. उन्होंने कहा कि समाज मे अगर महिलाओं को अपनी दिशा खुद से तय करनी होगी किसी दूसरे के कंधे का सहारा ले कर महिलाएं कभी सशक्त नहीं हो पाएंगी, वही मुख्य अतिथि के पद से बोलते हुए स्टेट अवार्ड प्राप्त(हस्तशिल्प ) मास्टर क्राफ्ट पर्सन रुमा वर्मा ने कहा -” मैं कई वर्षों से इस ट्रस्ट के साथ मिलकर महिला सशक्तिकरण व स्वावलंबन के क्षेत्र में कार्य करते आ रही हूँ तथा कई सरकारी और गैर सरकारी प्रशिक्षणों का आयोजन कर महिलाओं को एप्लिक ,कशीदा ,क्लॉथ बैग निर्माण का प्रशिक्षण देते आई हूँ जिससे भोजपुर की महिलाएँ आत्म निर्भर बन अपने साथ-साथ देस के भविष्य को संवारने में सहयोगी बन सकें”. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य है सम्पूर्ण भोजपुर की महिलाओंको आत्म निर्भर बनाना जिसके लिए आज भी यहां निरंतर प्रशिक्षण कार्य चलाया जा रहा है जिसमें प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हर महिला को 300/ रु . प्रतिदिन के दर से दिया जाता है जो भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय ,उद्योग मंत्रालय बिहार सरकार के सौजन्य से उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के सहयोग से दिया जाता है. कार्यक्रम के अंत मे ट्रस्ट संचालक सः अध्यक्ष श्याम कुमार ने उपस्थित महिलाओं और सहभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को अपनी क्षमता को पहचाननी होगी और मजबूत हौसले का परिचय देना होगा. कदम आगे बढ़ाने पड़ेंगे तभी सामाजिक बदलाव की परिकल्पना सार्थक हो सकेगी.
परिचर्चा में समाज सेवी ,बुद्धिजीवी ,पत्रकार ,कलाकार भारी मात्रा में शामिल हुए जिनमे मुख्यतः छाया श्रीवास्तव, विनोद,सगुन श्री,वीना सहाय, विभूति ,प्रीति ,समाज सेवी अंजुम अख़्तर, गौशिया, आलिया,भूमिजा, इंदु, सौरभ, तरुण,निशिकांत,रीता देवी, पायल प्रीतम,राधा व कई अन्य ने भी अपने विचार रखे. धन्यवाद ज्ञापन सरिता शर्मा ने किया.

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट