देखिए, पुलिसवाले कैसे लेते हैं रिश्वत

By Amit Verma Apr 22, 2017

500 रूपये में केस हो जाता है मजबूत
मामला सदर अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मी का




बिहार में सुशासन सरकार में कितना सुशासन है इस बात का पता इस बात से चल जाता है कि किसी केस को आपको मजबूत करना हो तो सदर अस्पताल आकर 500 रूपये पुलिस को दीजिये और आपका केस मजबूत. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पुलिस सुधरने का नाम नहीं ले रही है. आरा के एक दरोगा का घूस लिए हुए पैसे को लौटाते हुए का वीडियो कैमरा में कैद हुआ है. इसमे दरोगा महाशय घूस लिए हुए पैसे को लौटते हुए साफ नजर आ रहे हैं. इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस भी केस दर्ज करने के लिए काली कमाई में लगी हुई है.

यह वीडियो आरा सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का है. यहां इस दरोगा को अस्पताल में आये मरीजों से मामला जान कर केस दर्ज करना है. लेकिन यहां तैनात दरोगा पीताम्बर चौधरी केस दर्ज करने के नाम पर काली कमाई में लगा हुआ है. अब सवाल है कि मोदी सरकार ने काली कमाई और काले धन पर प्रहार करते हुए 500 और एक हजार के नोट बंद कर दिए जनता तमाम समस्याओं के बावजूद इस फैसले से खुश है कि अब काले धन पर लगाम लगेगी. लेकिन जब तक ऐसे घूसखोर रहेंगे तब तक देश की तरक्की और उन्नति होना मुमकिन नहीं लगता.

देखिए कैसे डांट सुनने के बाद दारोगा साहब ने लौटा दिए घूस के 500 रुपए.

भोजपुर पुलिस बिना कुछ लिए काम नहीं करती है. ये बात इस वीडियो में साफ़ तौर पर दिख रहा है. वीडियो में पुलिस कर्मी पर एक माले नेता अपनी भड़ास निकाल रहा है. आखिर क्या हुआ होगा कि यह माले नेता सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड स्थित रजिस्ट्रेशन काउंटर पर बैठ कर चुप चाप उसकी डांट सुन रहा है. तस्वीर और वीडियो से साफ़ है कि इस पुलिस कर्मी ने कुछ ऐसा जरूर कारनामा किया होगा जिससे माले नेता लगातार उस पर अपनी भड़ास निकाल रहा है. पुलिस कर्मी अपने पैकेट से 5 सौ के नोट निकाल कर माले नेता कयामुद्दीन को पकड़ा देता है.

दरअसल मारपीट के एक मामला में दरोगा ने पीड़ित परिवार से 5 सौ रुपये मांगे थे ताकि केस को और मजबूत किया जा सके. दरोगा परमानंद चौधरी नगर थाना में ए एस आई के पद पर तैनात है. इसकी भनक माले नेता कयामुद्दीन को लगी तब सदर अस्पताल पहुंच उस दरोगा की जम कर खिंचाई की.

आरा से ओपी पांडे

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