सशक्‍त समाज हेतु अखिल भारतीय कायस्‍थ महासभा ने बनाया ‘कदम’

सामाजिक बदलाव के साथ समाज को सशक्‍त करेगा ‘कदम’ : राजीव रंजन प्रसाद
वर्तमान और भविष्‍य की चुनौतियों से निपटने की दिशा में जोरदार कोशिश है ‘कदम’
सशक्‍त समाज के निर्माण के लिए अखिल भारतीय कायस्‍थ महासभा बनाया ‘कदम’ नाम का संगठन
पटना 28 जनवरी (ब्यूरो रिपोर्ट) | रांची में संपन्न, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की राष्ट्रीय कार्यसमिति द्वारा लिए गए निर्णय और अन्य सामाजिक संगठनों के अनुरोध पर ‘कदम’ नाम से एक संगठन का निर्माण किया गया है. यह देश के सभी शहरी व अर्द्ध शहरी क्ष्रेत्रों में कायस्थ, आदिवासी, दलित, ओबीसी एवं माइनॉरिटी जैसे सामाजिक समूहों के समन्वय के साथ सशक्त् समाज के निर्माण में एक सामूहिक पहल है. सामाजिक बदलाव के इस कार्य की शुरूआत वृहत पैमाने पर एक सामाजिक समूह बना कर बिहार से होगी. उक्त बातें आज अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्‍ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने एक संवाददाता सम्मेलन में कही. बता दें कि राजीव रंजन प्रसाद को कदम का अध्यक्ष भी चुना गया है.
राजीव रंजन ने कहा कि ‘कदम’, राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने, उनको सशक्त करने, बाल विवाह – दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने, शराबबंदी के लिए कार्य करने के साथ ही गंगा एवं अन्य नदियों के साथ संपूर्ण पर्यावरण का संरक्षण व संवर्द्धन, सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारा एवं उद्यमशीलता और बिजनेस स्टार्टअप के लिए युवाओं को प्रेरित करेगी. साथ ही गरीबी उन्मूकलन के लिए स्वयं सहायता समूहों के निर्माण में सहयोग देने का कार्य भी ‘कदम’ द्वारा किया जायेगा. इस दौरान उन्होंने ‘कदम’ की राज्य कार्यसमिति की घोषणा कर, उसकी सूची भी जारी की.

उन्होंने कहा कि कायस्थो समाज का अन्य वर्ग, खासकर पिछड़े वर्गों के बीच शुरू से ही एक सहज संबंध रहा है. भारतीय इतिहास में कायस्थों के योगदान को पूरा राष्ट्र याद करता है. बिहार और बिहार से बाहर डॉ राजेंद्र प्रसाद, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस, लाल बहादुर शास्त्रीा, स्वा मी विवेकानंद, सचिदानंद सिन्हाे, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, के बी सहाय, महामाया प्रसाद सिन्हा, जैसे कई विभूतियों ने अलग – अलग क्षेत्रों में अपना अहम योगदान देकर समाज को आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका रही है. जब तक कायस्थों का प्रतिनिधित्व समाज में ज्यादा रहा, तब तक समाज में टकराव की स्थिति नहीं बनी. आज उसी इतिहास से प्रेरणा लेते हुए वर्तमान और भविष्यि के अनेक चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरत है. इस दिशा में ‘कदम’ की शुरूआत एक जोरदार सामूहिक प्रयास है.
राजीव रंजन प्रसाद ने ‘कदम’ को सामाजिक बदलाव और समरस समाज को सशक्त बनाने की तीव्र प्रक्रिया बताया और कहा कि इसके जरिये आजादी के 70 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे लोगों को कलमजीवी वर्ग के साथ जोड़ कर मुख्यधारा में लाने का प्रयास है. राजनीति का शीर्ष सबल, प्रभावशाली और वंशवादी पंरपरा को बदलने का प्रयास भी कदम के जरिये किया जायेगा. कमजोर को आत्मुनिर्भर बनाने और बिगड़ते सामाजिक सौहर्द को बचाने व आपसी भाईचारा बढ़ाने की दिशा में भी ‘कदम’ कार्य करेगी. इसके अलावा समतामूलक, न्यायपूर्ण, नशामुक्त समाज के साथ बिहार सरकार द्वारा चलाये जा रहे अभियान को कदम के समूहों द्वारा आम जनों तक पहुंचा और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में सक्रिय योगदान सुनिश्चित करेगा.
उन्होंने बताया कि ‘कदम’ पांच स्तपरीय ढ़ांचा – राष्ट्र, राज्य, जिला (चिन्हित विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों को जिला संगठन माना जायेगा), मंडल, सेक्टर, पंचायत और वार्ड और कलस्टंर तथा मतदान केंद्र पर कार्य करेगा. उन्होंने कहा कि बेतिया, बगहा, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, समस्तीापुर, दरभंगा, मधुबनी, झंझारपुर, सहरसा, पूर्णिया, खगडि़या, बेगूसराय, मुंगेर, लखीसराय, मधेपुरा, कटिहार, किशनगंज, अररिया, हाजीपुर, छपरा, सिवान, गोपालगंज, दीघा, बांकीपुर, कुम्हंरार, पटना साहिब, दानापुर, फुलवारीशरीफ, आरा, बक्स,र, सासाराम, औरंगाबाद, डिहरी, जहानाबाद, शेखपुरा, नवादा, बिहारशरीफ, अरवल, शिवहर, भागलपुर, बांका, भभुआ, गया, जमुई और सीतामढ़ी पर जिला संगठन बना कर सांगठनिक कार्य शुरू किये जायेंगे, जहां संगठन की स्थापना कर कदम के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कार्य किये जायेंगे.
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि हरेक स्तर पर कार्य – समिति का गठन किया जायेगा, जिसमें अध्यक्ष, समन्वयक, कार्यवाहक अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, सह सचिव, सचिव और कोषाध्यक्ष जैसे सांगठनिक पद होंगे. साथ ही छात्र कदम, महिला कदम और युवा कदम नाम से वर्तमान में तीन प्रमुख शाखाएं भी होंगी. इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर कार्य समिति के परामर्श और अनुमोदन से प्रकोष्ठ और समितियों में बदलाव संभव है.
राजीव रंजन प्रसाद ‘कदम’ के प्रदेश कार्य समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि को-ऑर्डिनेटर विद्यानंद विकल, ई.राजेंद्र कुमार, सैयद साहबुद्दीन अहमद सीफू, जे के दत्ता, नंद किशोर कुशवाहा, एम्ब्रोटस पैट्रिक होंगे. दीपक अभिषेक को उपाध्यक्ष मुख्या्लय, राकेश चंद्र सिन्हा को उपाध्यक्ष सह संयोजक दक्षिण बिहार और प्रिय रंजन को उपाध्यक्ष सह संयोजक उत्तर बिहार पद की जिम्मेवारी दी गई है. वहीं, अमरदीप फूलन, अनूप कुमार, संजय कुमार सिन्हा, शशांक शेखर सिन्हा, सी एन सिन्हा और राजीव नंद कुलियार कदम के उपाध्यक्ष होंगे. कदम के महासचिव नागेंद्र कुमार और संगठन मंत्री पंकज मोहन सिंह होंगे, जबकि डॉ हसन इमाम, राकेश सिन्हा, उमेश श्रीवास्तव, प्रकाश चंद्र, अब्दुल कदुस, ब्रज किशोर श्रीवास्तव उर्फ लाल जी, कंचन माला चौधरी को सचिव बनाया गया है. कदम के कोषाध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा बनाये गए हैं, जबकि प्रवक्तां हिमराज राम, अभिषेक पैट्रिक और अतुल आनंद सन्नू को बनाया गया है.
इसके अलावा महिला कदम का भी गठन कर दिया है, जिसमें डॉ हिना तबस्सुसम को बिहार का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि संजू देवी और अपर्णा भारती को कार्यवाहक अध्यंक्ष की जिम्मेवारी सौंपी गई है. वहीं, खुर्शीद जमाल और शोभा देवी महिला कदम की उपाध्यक्ष होंगी, तो कंचन माला चौधरी को सचिव, विनीता स्टेफी को प्रवक्ता बनाया गया है. कार्य समिति में डॉ प्रतिमा, सुनीता बिंद, वीणा सिंह, रेणु सिन्हात, निति कुमारी, अर्चना, कंचन और पूजा कुमारी हैं. छात्र कदम के बिहार प्रदेश का अध्यक्ष रंजन कुमार और दीघा जिला इकाई अध्यक्ष धीरज कुमार को बनाया गया है. युवा क़दम प्रदेश इकाई में मुकेश सिंह यादव को कार्यवाहक अध्यक्ष दक्षिण बिहार और अनिमेश आनंद को कार्यवाहक अध्यक्ष उत्तर बिहार की जिम्मेपवारी दी गई है.