बिहार में 28 लोगों की ज़हरीली शराब से मौत

बढ़ सकते हैं मौत के आंकड़े ,दीपावली पर घरों में शोक

शराबबंदी के बावजूद राज्य में खुलेआम बिक रही है शराब




दीपावली के दिनों में 28 की मौत, एक साल में गई 93 की जान

गोपालगंज और बेतिया के गांवों में पसरा मातम

कई लोगों का हुआ चोरी छिपे हुआ दाह संस्कार

बिहार में शराब बंदी के बाद भी जहरीली शराब पीने से अब तक दो जिलों में 28 से अधिक लोगों की मौत हुई है.पर्व त्यौहार में भी मौत के सौदागरों ने कई घरों की खुशियाँ छीन ली है. मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. गुरुवार तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिला प्रशासन ने 11 शवों का पोस्टमॉर्टम कराया है, जबकि सूत्रों की मानें तो अन्य 6 मृतकों के परिजन ने प्रशासन को सूचना दिए बिना ही दाह-संस्कार करा दिया. मामले में एसपी आनंद कुमार ने कार्रवाई करते हुए महम्मदपुर थानाध्यक्ष शशि रंजन कुमार और एक चौकीदार को सस्पेंड कर दिया गया है.

जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, एसपी आनंद कुमार के साथ उत्पाद विभाग और जिला प्रशासन की टीम इलाके में जांच कर छापेमारी कर रही है. 3 घरों को सील किया गया है, जबकि चार धंधेबाज तुरहा टोले के छोटेलाल साह, अशोक शर्मा, रामप्रवेश साह और जितेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है। जिले के महमदपुर थाने के कुशहर तुरहा टोले और दलित बस्ती में मंगलवार की शाम दो दर्जन से अधिक लोगों ने जहरीली शराब पी थी. पाउच की शराब पीने के बाद हालत बिगड़ने लगी. पेट में जलन और मुंह से झाग आने के बाद परिजनों ने आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल और सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां बुधवार को 10 लोगों की मौत हो गई.  गुरुवार को अन्य लोगों ने दम तोड़ दिया. ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 18 हो गई. जहरीली शराबकांड से हुई मौत मामले में अब राजनीति भी शुरू हो गई. ‘

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