दोहरा हत्या का आरोपी व टीवी चैनल के फ्रेंचाइजी ओनर नेपाल के भागने की आशंका

रांची (ब्यूरो रिपोर्ट) |अरगोड़ा थानांतर्गत अशोक नगर स्थित साधना न्यूज चैनल के ऑफिस में दो सगे भाइयों हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल की हत्या के मामले में पांच लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने मृतक के बड़े भाई शेखर अग्रवाल के बयान पर साधना न्यूज रांची के फ्रेंचाइजी ओनर लोकेश चौधरी, उसके साथी सुनील सिंह और तिवारी को नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है. पुलिस ने लोकेश चौधरी के ड्राइवर शंकर को हिरासत में ले लिया है. वहीं लोकश चौधरी के नेपाल भागने की सूचना है. रांची पुलिस ड्राइवर शंकर से पूछताछ कर लोकेश के लोकेशन जानने की कोशिश कर रही है. रांची और पटना एयरपोर्ट को अलर्ट कर दिया गया है. बिहार पुलिस को उसकी तस्वीर भी भेजी गई है. सिटी एसपी सुजाता वीणापाणि के नेतृत्व में पांच टीमें बनाई गई हैं जिसमें से तीन टीमों को बिहार भेजा गया है, जो लोकेश के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.

गत बुधवार को हुई थी हत्या – ज्ञातव्य है कि शाम अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित अशोक नगर रोड नंबर – एक में मकान संख्या सी-199 में चल रहे एक निजी चैनल (साधना न्यूज) के दफ्तर में दो सगे कारोबारी भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. दोनों मृतक भाई एयर कार्गो और सूद पर पैसा लगाने का काम करते थे. परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक, काले रंग के बैग में करीब 2 करोड़ रुपए रखकर दोनों भाई शाम 4 बजे स्कूटी (JH 01CW 7488) लेकर घर से निकले. जाने से पहले महेंद्र ने अपनी पत्नी बरखा को जल्द घर आने की बात भी कही थी.
दोनों भाई स्कूटी से लोकेश से मिलने अशोक नगर रोड नंबर – एक स्थित साधना न्यूज चैनल के कार्यालय पहुंचे थे. देर रात जब दोनों घर नहीं लौटे तब उनके परिजनों ने लालपुर थाने में दोनों के लापता होने का सनहा दर्ज कराया. रात करीब एक बजे तक पुलिस दोनों को ढूंढ़ती रही, लेकिन सुराग नहीं मिला. गुरुवार सुबह पुलिस जब मृतक के बड़े भाई को लेकर न्यूज चैनल के अशोक नगर स्थित कार्यालय पहुंची, तो वहां परिसर में एक कंबल से ढंकी स्कूटी दिखी. इसके बाद पुलिस घर का ताला तोड़ अंदर घुसी. खिड़की से देखा तो अंदर जमीन पर दोनों भाई के खून से लथपथ शव पड़े थे.




पूछताछ में हाउस गार्ड बिशुनदेव शर्मा ने बताया कि देर शाम करीब सात बजे लोकेश अन्य चार लोगों के साथ दफ्तर बंद कर चला गया था. लोकेश मूलत: दरभंगा का है और सिंह मोड़ में एक अपार्टमेंट में रहता है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. उसका मोबाइल लोकेशन बिहार में मिला है. निजी बॉडी गार्ड और ड्राइवर शंकर भी फरार है जिनकी पुलिस तलाश कर रही है.

घटनास्थल से एक खोखा जब्त करने के बाद पुलिस यह अंदाजा लगा रही है कि दोनों भाइयों को राइफल जैसे हथियार से सटाकर गोली मारी गई है. एक भाई के कान में गोली मारी गई, जो पीछे सिर से निकल गई. वहीं दूसरे भाई की आंख में गोली मारी गई, वह भी सिर के पीछे से निकल गई. जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि जब उनके साथ लोकेश चौधरी व उसके साथी उलझ रहे थे, तब घर वालों को एक भाई ने फोन भी किया था, लेकिन परिजन समझ नहीं सके और बात नहीं हो सकी. इधर, घटनास्थल से सीटीटीवी की डीवीआर गायब है. एफएसएल टीम को पांच लोगों के फिंगर प्रिंट मिले हैं.

इस कांड की जांच के लिए एसएसपी ने एसआईटी बनाई है जिसमें सिटी एसपी, डीएसपी सिटी, डीएसपी हटिया, अरगोड़ा व लालपुर थानेदार शामिल हैं.
बुधवार की शाम 4.30 बजे बड़े भाई हेमंत ने फोन पर किसी से बात की, इसके बाद छोटे भाई महेन्द्र को साथ चलने के लिए कहा. हेमंत की पत्नी प्रीति ने बताया कि काले रंग के बैग में पैसा लेकर घर से निकले थे. परिवार वालों के अनुसार लोकेश के साथ पुराना लेन-देन था. लोकेश ने पहले जो पैसा लिया था उसमें 5.40 लाख रुपए बकाया भी था. हेमंत घर से निकलने से पहले पूर्व में दिए गए पैसे लौटाने की भी बात घर में कर रहे थे.
छोटे भाई महेन्द्र की पत्नी बरखा ने बताया कि शाम 5.30 बजे मेरे मोबाइल पर महेन्द्र का मिस्ड कॉल आया. मैने तुरंत कॉल बैक किया तो गाली-गलौज की आवाज सुनाई दी. मैं बार-बार पूछ रही थी कि कहां हो आपलोग, लेकिन इसी बीच मोबाइल ऑफ हो गया. रात्रि में करीब 8 बजे लालपुर थाना में दोनों भाई की मिसिंग की सूचना दी. इसके बाद बड़े भाई हेमंत के फोन पर भी कई बार कॉल किए, रिंग हुआ, लेकिन रिसिव नहीं हुआ. रात्रि करीब 10 बजे लोकेश के मोबाइल पर फोन की तो उसने बताया कि मुझे फोन क्यों कर रही हैं. मैं नहीं जानता दोनों किससे मिलने गए हैं. सुबह में भी उससे बात हुई तो चिल्लाकर बोला कि मैं कुछ नहीं जानता दोनों भाई कहां गए. इसके बाद लोकेश का मोबाइल ऑफ हो गया. इधर, मृतक के बड़े भाई शेखर अग्रवाल जो धनबाद में रहते हैं उनके बयान पर लालपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. बरखा ने आगे बताया कि फेसबुक पर लोकेश को रात में ही खोज रही थी. उस समय कई फोटो फेसबुक पर थी, उसका स्क्रीन शॉट ले लिया. लेकिन सुबह में जब उससे बात हुई इसके बाद फेसबुक से फोटो व स्टेटस गायब हो गया जिसके बाद लोकेश पर शक बढ़ गया. जब पुलिस को लोकेश की जानकारी दी गई तब पुलिस हरकत में आई.
हत्या के पीछे अपर बाजार के एक व्यवसायी भी संदेह के घेरे में है. बरखा ने बताया कि प्रसून जैन नामक एक व्यक्ति बुधवार को शाम 5.15 बजे फ्लैट पर आया था. हेमंत के बारे में पूछ रहा था. इसके बाद वह चला गया. गुरुवार को सुबह में भी वह अपार्टमेंट के पास दिखा था.
पुलिस को पूछताछ में बड़े भाई शेखर अग्रवाल ने बताया कि लोकेश चौधरी ने सूद पर हेमंत व महेंद्र से 5.38 लाख रुपए लिए थे, जिसे वह वापस नहीं कर रहा था. पैसे मांगने के लिए ही दोनों भाई उसेके पास गए थे तो उनकी हत्या कर दी गई. इधर, हत्या के बाद तैनात हाउस गार्ड बिशुनदेव शर्मा भी भाग निकला. बाद में उसे पुलिस ने हिरासत में लिया. पूछताछ में गार्ड ने बताया कि वह बाहर था. जब लोकेश चौधरी चार पांच लोगों के साथ शाम में निकल गए तब वह भी वहां से भाग निकला.
दोनों अग्रवाल भाई मूल रूप से धनबाद बैंक मोड़ शास्त्री नगर स्थित बालाजी अपार्टमेंट में रहने वाले थे जो तीन वर्ष पहले रांची शिफ्ट हो गए थे और लालपुर थाना क्षेत्र स्थित शिवम अपार्टमेंट में रह रहे थे.