राजगीर के संरक्षण पर मुख्यमंत्री गंभीर, कहा विरासत के संरक्षण हेतु राज्य सरकार तत्पर

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राजगीर स्थित जरासंध अखाड़े के विकास एवं संरक्षण को लेकर अखाड़े का भ्रमण एवं निरीक्षण किया. उन्होंने लगभग 20 मिनट तक इसकी संरचना एवं मिट्टी का बारीकी से अवलोकन किया तथा इसके ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह धराेहर ASI द्वारा प्रोटेक्टेड माेनुमेंट की सूची में शामिल है इसलिए इसके संरक्षण एवं विकास के लिए राज्य सरकार सीधे तौर पर स्वयं कार्रवाई नहीं कर सकती है. उन्होंने कहा कि इस धरोहर के विकास एवं संरक्षण हेतु राज्य सरकार एएसआई को आर्थिक एवं अन्य आवश्यक मदद करने के लिए सदैव तैयार है. ASI द्वारा इस विरासत के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण हेतु कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने इसके लिए अपने स्तर से भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये. मुख्यमंत्री ने अखाड़े की बाहरी दीवार का निर्माण एवं अंदर की संरचना को लोहे के ग्रिल के माध्यम से घेराबंदी कर सुरक्षित करने की आवश्यकता बताई. पर्यटकों के दर्शन हेतु मूल संरचना से बगैर छेड़छाड के लोहे का प्लेटफार्म बनाने का सुझाव भी दिया. उन्होंने कहा कि पूर्व में राज्य स्तर पर अधिकारियों की एक बैठक की गई है. पुनः ASI के साथ बैठक कर इसके सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण हेतु कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर की हर धरोहर एवं ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखने हेतु राज्य सरकार सदैव तत्पर है. इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, प्रधान सचिव

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नीतीश सरकार पर बरसे लालू यादव

लालू यादव ने नीतीश सरकार पर उठाए सवाल सरकारी राशि के बंदरबांट का लगाया आरोप ऊर्जा मंत्रियों का सम्मेलन स्थगित होने पर सवाल राजगीर में प्रस्तावित था ऊर्जा मंत्रियों का सम्मेलन राजद अध्यक्ष लालू ने आज सीएम नीतीश पर जमकर हमला बोला. लालू ने नीतीश सरकार पर सरकारी राशि के बंदरबांट का आरोप लगाया है. लालू ने राजगीर में प्रस्तावित ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन के आखिरी समय में कैंसिल होने पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के नाम पर पैसे पानी की तरह बहाए गए . करीब 60 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं. कार्यक्रम के लिए बॉलीवु़ड सिंगर सोनू निगम को भी पटना बुला लिया गया. लेकिन ये नहीं बताया गया कि ये सम्मेलन क्यों कैंसिल किया गया.

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‘भगवान बुद्ध के संदेश पहले से ज्यादा उपयोगी और प्रासंगिक’

शासन की सभी प्रणालियों में लोकतांत्रिक शासन प्रणाली सबसे अनुपम है. भगवान बुद्ध भी लोकतांत्रिक शासन प्रणाली की प्रशंसा करते थे. वे वैशाली के प्रथम लोकतांत्रिक गणराज्य से काफी स्नेह रखते थे. राजगीर में विश्व शांति स्तूप के 48वें वर्षगांठ समारोह में भाग लेने पहुंचे बिहार के गवर्नर सत्यपाल मल्लिक ने कहा कि भारत का संविधान भी भगवान बुद्ध के इसी आदर्श पर आधारित है. भगवान बुद्ध के संदेश पहले की अपेक्षा अब और ज्यादा उपयोगी एवं प्रसांगिक हो गए हैं.  विश्व में शांति सद्भाव प्रेम एवं भाईचारे पर आधारित समाज के निर्माण के लिए भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलना बेहद जरूरी है. राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक ने कहा कि भगवान बुद्ध के संदेशों का सम्राट अशोक ने अनुकरण किया एवं सदाचरण तथा अहिंसा पर आधारित शासन प्रणाली की स्थापना कर पूरे विश्व के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया. राज्यपाल ने कहा कि बौद्ध धर्म के लिए राजगीर एक महत्वपूर्ण स्थल है. भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम चातुर्मास यही बिताया था. ये भगवान बुद्ध की प्रिय स्थली रही है. बौद्ध धर्म की प्रथम संगीति भी यही हुई थी जिसमें बौद्ध धर्म एवं दर्शन पर विशेष चर्चा हुई थी. उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ने कर्म पर विशेष बल दिया था. उन्होंने स्व अनुशासन एवं बुद्धिवादी चिंतन के लिए लोगों को प्रेरित किया था. आज के समय में भगवान बुद्ध के बताए राह पर चलना भाई बेहद जरूरी हो गया है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि राज्य सरकार बुद्धिस्ट सर्किट के विकास के लिए

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