छठे चरण के नियोजन में भाग नहीं ले पाएंगे ये शिक्षक

खत्म हुआ प्राथमिक शिक्षक अभ्यर्थियों का इंतजार बिहार प्राथमिक शिक्षक नियोजन के छठे चरण का फार्म 15 जून से भरा जाएगा. शिक्षा विभाग ने छठे चरण के नियोजन का नया शेड्यूल जारी कर दिया है. इसमें केवल वही अभ्यर्थी फॉर्म भर सकते हैं जो एनआईओएस डीएलएड किए हुए हैं. आपको बता दें कि जुलाई 2019 में जब छठे चरण की प्राथमिक शिक्षक नियोजन प्रक्रिया शुरू हुई थी उस समय एनआईओएस डीएलएड किए हुए छात्रों को नियोजन प्रक्रिया से बाहर रखा गया था. उसके बाद यह सभी अभ्यर्थी पटना हाईकोर्ट की शरण में गए. पटना हाईकोर्ट ने एनआईओएस डीएलएड के छात्रों को राहत देते हुए उन्हें भी नियोजन प्रक्रिया में शामिल होने का समय दिया था जिसके बाद आज बिहार शिक्षा विभाग ने कोर्ट के आदेश को पालन करते हुए 15 जून से 14 जुलाई तक फॉर्म भरने का आदेश दिया है. नियोजन पत्र 31 अगस्त को दिया जाएगा.इसमें सीटेट अभ्यर्थियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर आ रही है. दिसंबर 2019 में सीटेट पास करने वाले एनआईओएस डीएलएड अभ्यर्थी छठे चरण के प्राथमिक शिक्षक नियोजन प्रक्रिया भाग नहीं ले सकेंगे. हालांकि शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि छठे चरण की प्रक्रिया खत्म होने के तुरंत बाद सातवें चरण के लिए आवेदन की तिथि घोषित होगी. सातवें चरण में प्राथमिक शिक्षकों के करीब 35000 पदों पर नियोजन होगा. राजेश तिवारी

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प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

हो जाइए तैयार, जारी होने वाला है शेड्यूल बिहार के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में 92000 से ज्यादा शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया इसी महीने तीसरे हफ्ते में शुरू होने की संभावना है. विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक शिक्षा विभाग ने शेड्यूल तय कर लिया है और शिक्षा मंत्री की सहमति के बाद इसे जारी करने की तैयारी हो रही है. 20 जून के बाद छठे चरण के नियोजन की प्रक्रिया शुरू होगी जिसमें एनआईओएस से D.El.Ed करने वाले शिक्षकों को आवेदन के लिए 30 दिन का समय मिलेगा. जिन लोगों ने पहले से आवेदन कर रखा है उन्हें दोबारा आवेदन नहीं करना है. प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन के लिए आवेदन की आखिरी तिथि 11 नवंबर 2019 थी. अप्रैल महीने में नियोजन पत्र बांटने के लिए 11 से 13 अप्रैल के बीच का समय तय किया गया था. लेकिन पटना हाईकोर्ट के आदेश के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था. पटना हाई कोर्ट ने जनवरी महीने में एनआईओएस डीएलएड शिक्षकों को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया था. बिहार सरकार को एनआईओएस डीएलएड शिक्षकों को आवेदन का मौका देने के लिए 30 दिन का समय देने का आदेश पटना हाईकोर्ट ने दिया था. इसके बाद जब एनसीटीई ने बिहार सरकार के पत्र का जवाब देकर एनआईओएस डीएलएड शिक्षकों की डिग्री का मामला स्पष्ट किया उसके बाद शिक्षा विभाग ने पटना हाईकोर्ट में फाइल की गई अपनी याचिका को वापस लेते हुए इन शिक्षकों को नियोजन में मौका देने के लिए शेड्यूल जारी करने का फैसला किया. इस बारे में प्राथमिक

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NIOS D.el.ed शिक्षकों को मिल ही गया NCTE का ‘सर्टिफिकेट’

एनआईओएस से डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन का सर्टिफिकेट लेने वाले शिक्षकों के लिए 20 मई का दिन यादगार हो गया. पिछले साल शिक्षा विभाग को एनसीटीई ने एक पत्र भेजकर इन शिक्षकों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए थे. तबसे बिहार के निजी स्कूलों के करीब ढाई लाख शिक्षक हर दिन शिक्षा विभाग और एनसीटीई के बीच फुटबॉल बने हुए थे. आखिरकार अब एनसीटीई ने इन्हें केंद्र सरकार के हस्तक्षेप पर ‘पूर्ण शिक्षक’ का दर्जा दे दिया है. एनसीटीई ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को इस पत्र के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि वे पटना हाईकोर्ट के इस संबंध में दिए गए फैसले का सम्मान करेंगे. NCTE ने यहां तक लिखा है कि इस फैसले में केंद्र सरकार के मानव संसाधन विभाग का अनुमोदन प्राप्त है, इसलिए अब बिहार के शिक्षा विभाग को इस मामले में आगे कार्रवाई करनी चाहिए. आगे कार्रवाई का मतलब साफ है कि बिहार में प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन में एनआईओएस डीएलएड शिक्षक शामिल हो सकते हैं. इस बारे में हालांकि आज शिक्षा विभाग के किसी अधिकारी ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया. सूत्रों के मुताबिक 21 मई को इस बारे में शिक्षा विभाग के आला अधिकारी कोई फैसला ले सकते हैं. इधर एनआईओएस शिक्षक संघ के नेता पप्पू कुमार ने केंद्र सरकार के इस फैसले का सम्मान किया है और बिहार सरकार से गुहार लगाई है कि शिक्षक नियोजन प्रक्रिया का छठा चरण जो स्टॉप किया गया उसको पुनः शुरू किया जाए और एनआईओएस डीएलएड शिक्षक को एक महीना

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NIOS से D.El.Ed.शिक्षक बने फुटबॉल!

राज्य सरकार NCTE के पत्र का कर रही है इंतजार! तू डाल डाल तो हम पात पात । जी हां आपने सही सुना आजकल भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और बिहार सरकार का शिक्षा विभाग एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं. हम बात कर रहे हैं एनआईओएस d.el.ed प्रशिक्षित शिक्षकों के बारे में जो केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय, NCTE और बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के बीच फुटबॉल बने हुए हैं. कभी केंद्र सरकार का मानव संसाधन विकास मंत्रालय राज्य के शिक्षा विभाग पर तो कभी बिहार के शिक्षा विभाग NCTE के उस आदेश पर अपना पल्ला झाड़ रही है. आपको बता दें कि सारा खेल अवर सचिव डॉक्टर प्रभु कुमार यादव ने अपने पत्र में एन सी टी ई के 23 अगस्त 2010 और 29 जुलाई 2011 के आदेश के हवाले कहा कि कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 में नियुक्ति के लिए वही अभ्यार्थी योग्य होंगे जिनके पास एलिमेंट्री एजुकेशन में 2 वर्षीय डिप्लोमा की योग्यता होगी. एनसीटीई ने यह भी कहा था कि एनआईओएस ने एनआरसी एनसीटीई के 22 सितंबर 2017 के आदेश से सरकारी, प्राइवेट और अनुदानित प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों को in-service ट्रेनिंग के रूप में डीएलएड कार्यक्रम चलाया है इसकी अवधि भी 18 माह की थी. इस पत्राचार के बाद बिहार सरकार ने छठे चरण की नियोजन प्रक्रिया से इंटर शिक्षकों को बाहर कर दिया जिसके बाद इस सभी प्रशिक्षित शिक्षकों ने पटना हाई कोर्ट का शरण लिया. जहां से माननीय हाईकोर्ट ने

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