एनआईओएस से डीएलएड करने वाले शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी खबर

पटना हाईकोर्ट ने बिहार के ढाई लाख प्रशिक्षित शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए बिहार सरकार को आदेश दिया है कि जिन शिक्षकों ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग( एन आइ ओ एस ) से डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन(डी एल एड) किया है उनकी डिग्री पूरी तरह मान्य है. इसलिए इन्हें भी बिहार में प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया में भाग लेने का मौका मिलना चाहिए. पटना हाई कोर्ट ने बिहार सरकार को ऐसे शिक्षकों को 4 हफ्ते का वक्त देने का आदेश दिया है ताकि ये भी विभिन्न प्रखंड, पंचायत और नगर निकायों में प्राथमिक शिक्षक और मिडिल स्कूल टीचर के लिए अप्लाई कर सकें.आपको बता दें कि बिहार सरकार ने पिछले साल नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन के पत्र का हवाला देते हुए एनआईओएस से डीएलएड करने वाले शिक्षकों की डिग्री को मान्यता देने से मना कर दिया था. इन सभी शिक्षकों को बिहार में प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया में भाग लेने से मना कर दिया गया था, जिसके बाद इन शिक्षकों ने पटना हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी.

Read more

अब कोई नहीं कहलाएगा झोलाछाप डॉक्टर

पटना (राजेश तिवारी) | ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे झोलाछाप डॉक्टर अब नए नाम से जाने जाएंगे. उनका नया नाम होगा “सामुदायिक स्वास्थ्य सहायक“. राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) एवं राज्य स्वास्थ्य समिति, स्वास्थ विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त प्रयास से सूबे में अप्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षित करने का संकल्प एनआईओएस ने लिया है. यह कार्यक्रम 15 जुलाई से शुरू हो जाएगी. एनआईओएस के चेयरमैन चंद्र भूषण शर्मा ने बताया कि बिहार में कुल 21812 अप्रशिक्षित झोलाछाप डॉक्टर को सामुदायिक स्वास्थ्य पाठ्यक्रम के तहत उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा. गौरतलब है कि बिहार में बड़ी संख्या में ऐसे अप्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सक प्रशिक्षण के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं. इनके उपचार से लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है. राज्य स्वास्थ्य समिति, स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार एवं राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान ने मिलकर ऐसे ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षित करने हेतु एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर पूरे बिहार राज्य के प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षण हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य पाठ्यक्रम (एक वर्षीय) प्रारंभ किया है. राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान विश्व के सबसे बड़े मुक्त शिक्षा प्रणाली है जो प्रोफेसर सी0बी0शर्मा, अध्यक्ष, रा0मु0वि0शि0स0 के ऊर्जावान नेतृत्व में कार्य कर रहा है. यह संस्था माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक शिक्षा के साथ-साथ 103 व्यवसायिक विषयों के लिए पिछले 5 वर्षों में 28 लाख लोगों को प्रशिक्षण देने का सफलतापूर्वक कार्य किया है. संस्था ने देशभर के 15 लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों के प्रशिक्षण (डी0एल0एड0) का कार्य प्रारंभ किया है, जिसकी प्रथम सत्र की परीक्षा इसी माह

Read more