कोइलवर पुल के मरम्मत से पूरे दिन यातायात रहा बाधित

मरम्मती कार्य के वजह से बबुरा मोड़ तक रहा भारी जामशाम 5 बजे तक चला मरम्मत का कार्य कोइलवर,15 सितंबर. भोजपुर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले कोईलवर सड़क पुल के उत्तरी मार्ग पर मंगलवार से मरम्मत कार्य शुरू हुआ. 15 सितम्बर से ले 23 अक्टूबर तक इस पुल की उत्तरी लेन में प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार मरम्मती कार्य चलेगा. मरम्मती कार्य को लेकर पहले दिन यातायात में कठिनाइयां झेलनी पड़ी. बता दें कि भोजपुर का प्रवेश द्वार इस पूल को माना जाता है. दानापुर रेल मंडल के अन्तर्गत सोन नदी पर स्थित अब्दुल बारी रेल सह सड़क पुल का मरम्मत कार्य सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चला. इस दौरान पुल की उतरी लेन के पश्चिमी छोर के पाया नम्बर 27 व 28 के बीच पर मरम्मत का कार्य किया गया. इस दरम्यान कोईलवर पुल पर जाम की स्थिति बनी रही. कोइलवर पुल के दक्षिणी लेन में यातायात सुचारू रूप से चला. दोनों तरफ से वाहनों को रोक-रोक कर चलाया गया. सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मरम्मत कार्य पूरा कराया गया. इस दौरान पुल का दो क्रॉस गार्टर बदला गया. इस कार्य को सम्पन्न कराये जाने को ले दानापुर मण्डल के अभियंता समेत निर्माण कम्पनी गैल्वेनो इंडिया के कर्मियों की मौजूदगी रही. काम में लगे इंजीनियरों ने बताया कि मरम्मत का कार्य प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार की सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक चलेगा. इधर पुल में मरम्मती कार्य को लेकर रुक-रुककर ट्रैफिक चलती रही. मरम्मती कार्य की वजह से कोईलवर पुल

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फिर से जाम कर दिया कोइलवर पुल

भोजपुर के किसानों ने सरकार द्वारा कोई कारगर कदम नहीं उठाने को लेकर किसान आन्दोलन को पुनः हवा दे दी है. बता दें कि पिछले दिनों किसानों ने कोईलवर पुल जाम कर फसलों को रोड पर फेंक कर अपना विरोध जताया था, जिसके फलस्वरूप राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हुयी थी और सूबे के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव सहित कई लोगों ने किसानों के साथ पंगत में बैठ भोजन कर उनके समस्यायों को हल करने की दलील दी थी. किसानों को भी उनके इतने सरल व्यवहार से सकारात्मक पहल की उम्मीद जगी थी, लेकिन उस उम्मीद को धरातल अबतक नहीं मिली. अब किसानों ने फिर से आक्रोशपूर्ण आंदोलन का प्रदर्शन कर कई मांगें सामने रखी हैं. ये हैं माँगे:- 1.किसान द्वारा उत्पादित सभी तरह के फसलों का मूल्य सरकार द्वारा निर्धारित करने, 2.सिचाई तथा अन्य कृषि कार्य हेतु मुफ्त विद्यूत आपूर्ति देने, 3.सभी तरह के फसलों का मुफ्त बीमा, 4.किसानों को खेती के लिए बिना ब्याज कर्ज मुहैया कराने, 5. स्वास्थ सुविधा मुफ्त मुहैया कराने, 6.सभी किसानों को किसान कार्ड एंव बीमा मुफ्त देने 7.किसान के बच्चो की पढाई के लिए उचित व्यवस्था 8.फसल बीमा ग्राम पंचायत प्रतिनिधि के द्वारा अनुशंसित करने, 9.किसानो को कर्ज माफ करने सहित नौ माँगे मांगी है. किसानों की स्थिति दिनों दिन दयनीय होती जा रही है. किसानों द्वारा उत्पादित वस्तुओं पर सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप किसान कर्ज में डूबते जा रहे है. किसान सबके अन्नदाता होते हुए भी इनकी हालत माली हो गयी है. यही कारण है

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