डॉक्टर अब देख पाएंगे अस्पतालों में अधिक मरीज, बढ़ेगी सुविधा

राज्य स्वास्थ्य मंत्री ने की राज्यस्तरीय मासिक समीक्षात्मक बैठक पटना, 24 मई. राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, पटना के सभागार में मंगलवार को राज्य स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय मासिक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति एवं अद्यतन स्थिति की समीक्षा हेतु सभी क्षेत्रीय अपर निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, सिविल सर्जन, क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक की राज्यस्तरीय मासिक समीक्षात्मक बैठक में शामिल हुए. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने उक्त अवसर पर कहा कि राज्य में स्वास्थ्य संबंधी जो कार्यक्रम चल रहे हैं, उसकी समीक्षा की गयी है. आने वाले समय में चिकित्सकों को अस्पतालों में मरीज देखने में अधिक सुविधा हो ताकि वह अधिक मरीज को देख सकें. दवाईयों की व्यवस्था और बेहतर हो. जो दवाईयां हमारे स्टॉक में उपलब्ध हैं, वो अधिक से अधिक अस्पतालों तक पहुंच सकें. जांच संबंधी सुविधाओं में यदि कठिनाई हो रही हो, तो उसमें और सुधार की जाए. उसके अलावे ऐसे मानक जिनके कारण स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की जाती है, उस पर भी चर्चा की गयी. मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, नवजात शिशु मृत्यु दर, टीबी नियंत्रण, मलेरिया नियंत्रण, कालाजार समेत अन्य कार्यक्रमों सबंधी समीक्षा भी की गयी. उन्होंने आगे कहा कि तीन वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में योदगान देने वाले चिकित्सक एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की लगभग 29 हजार बहाली हुई है. मानवबल की कमियों को दूर किया जा रहा है. तीन जिले जो बेहतर कार्य करेंगे उनको सम्मानित किया जाएगा. जहां

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प्रदेश में देशी चिकित्सा पद्धति के लिए होगा 45 करोड़ खर्च

आयुष औषधालय और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की संवरेगी सूरत 38 राजकीय औषधालय और 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का होगा कायाकल्प औषधालय और उप स्वास्थ्य केंद्र के जीर्णोद्धार पर खर्च होंगे 6.55 लाख रुपये पटना, 24 मई. बिहार में आने वाले दिनों में चिकित्सा की सूरत बदलने वाली है. सरकार ने चिकित्सा से जुड़े हर पद्धति को सुदृढ़ करने का निश्चय किया है और इसके लिए कंक्रिट योजना भी बनाई है. राज्य सरकार प्रदेश में आयुर्वेद, होमियोपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति को विकसित करने में लगी हुई है. प्रदेश के 38 आयुष औषधालय व 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर करने पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार देशी चिकित्सा पद्धति को विकसित करने के लिए आयुर्वेद, होमियोपैथी और यूनानी समेत अन्य देसी चिकित्सा को बढ़ावा देने को लेकर कई योजना संचालित कर रही है. इसी योजना के तहत प्रदेश के 38 राजकीय औषधालय और उप स्वास्थ्य केंद्र आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को विकसित करने की मंजूरी प्रदान की गई. राज्य सरकार केंद्र की योजना को साकार करने में लगी हुई है. कायाकल्प : 38 राजकीय औषधालय और 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर फिलहाल प्रदेश में आयुष मंत्रालय द्वारा स्वीकृत 160 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में से 40 सेंटर संचालित हैं. शेष सेंटर को खोलने की प्रक्रिया चल रही है. सेंटरों पर देसी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से रोगियों के इलाज किए जा रहें हैं. केंद्र एवं राज्य सरकार ने 38 राजकीय आयुष औषधालय व 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को

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बेहतर स्वास्थ्य सेवा वाला MOU

MOU के माध्यम से हम राज्य की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा पायेंगे- मंगल पांडेय • राज्य स्वास्थ्य समिति एवं आईआईएम, बोध गया के बीच हुआ MOU पर हस्ताक्षर• नेतृत्वक्षमता, कार्यक्षमता एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए प्रशिक्षित किये जायेंगे स्वास्थ्यकर्मी राज्य स्वास्थ्य समिति एवं आईआईएम, बोध गया के बीच हुआ MOU पर हस्ताक्षर: सोमवार को स्वास्थ्य विभाग सभागार में राज्य स्वास्थ्य समिति एवं आईआईएम, बोध गया के बीच MOU पर हस्ताक्षर किया गया. राज्य स्वास्थ्य समिति की तरफ से संजय कुमार सिंह, कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार एवं आईआईएम, बोध गया की तरफ से संस्थान की निदेशक विनीता सहाय ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये. एमओयू का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र के अंतर्गत राज्य से प्रखंड स्तर तक कार्यरत चिकित्सकों, नर्सों तथा विभिन्न प्रबंधकीय पदों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशिक्षण के माध्यम से उनके कार्यक्षमता एवं गुणवत्ता में और अधिक वृद्धि किया जाना है जिससे इनके नेतृत्वक्षमता, कार्यशैली एवं कार्यक्रमों को अधिक हितोपयोगी रूप से लागू किया जा सके. आईआईएम, बोध गया के प्रशिक्षण से होगा स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यकुशलता में विस्तार:स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा, स्वास्थ्य विभाग के लिए गर्व की बात है की आईआईएम, बोध गया पहली बार बिहार में किसी विभाग के साथ एमओयू कर रही है. इस प्रशिक्षण के माध्यम से सार्थक परिणाम नजर आयेंगे और स्वास्थ्यकर्मी बेहतर तरीके से अपने कार्यों को संपादित कर पाएंगे. वर्तमान में कार्यरत मानव संसाधन के तकनीकी प्रशिक्षण का का प्रावधान प्रत्येक कार्यक्रम अंतर्गत स्वीकृत है और अब मानव संसाधन के कौशल

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बक्सर में पत्रकार पर दर्ज FIR बदले की कार्रवाई: WJAI

FIR वापस लेने के लिए WJAI ने की मंत्री से बात पटना, 30 मई(ओ.पी. पांडेय).भाजपा प्रदेश कार्य समिति के  सदस्य परशुराम चतुर्वेदी द्वारा बक्सर में ईटीवी भारत के पत्रकार उमेश पांडेय के पर दर्ज किए गए FIR पर वेब जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) ने संज्ञान लिया है. पत्रकार पर परशुराम चतुर्वेदी द्वारा किये गए इस FIR को WJAI ने बदले की भावना से प्रेरित बताया है. WJAI के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल, महासचिव डॉ. अमित रंजन और कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश अश्क ने एक संयुक्त बयान जारी कर पत्रकार पर लगाए गए आरोपों को भाजपा नेता द्वारा बदले की कार्रवाई बताया है. उन्होंने कहा कि ईटीवी भारत के पत्रकार ने एक केंद्रीय मंत्री के खिलाफ खबरें लिखी थीं लेकिन मंत्री की ओर से न तो उस सम्बन्ध में कुछ कह गया और न ही उस खबर का खंडन ही किया गया. बल्कि कई गंभीर आरोपों के साथ पत्रकार पर ही FIR दर्ज करा दिया गया.WJAI ने कहा है कि अगर खबरें तथ्यहीन या गलत थीं तो पहले मंत्री महोदय काे अपना पक्ष रखना चाहिए था.  अगर उनकी बातों को वह पत्रकार अपने पोर्टल या खबरों में जगह नहीं देते तो उन्हें लीगल नोटिस भेजा जाना चाहिए था. लेकिन ऐसा न कर सीधे पत्रकार पर केस दर्ज कराना यह दर्शाता है कि भाजपा नेता मीडिया की आवाज को दफन करना चाहते हैं. संगठन के अध्यक्ष आनंद कौशल ने मंत्री से हस्तक्षेप करते हुए पत्रकार पर दर्ज FIR को वापस लेने और मामले का निपटारा करने का आग्रह किया है. साथ ही यह भी

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चार सालों में भी नहीं बना सकरैचा का उप स्वास्थ्य केंद्र

2017 में गणतंत्र दिवस के मौके पर सीएम ने की थी उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण की घोषणा 2019 में निर्माण कार्य शुरू हुआ ,आजतक अधूरा निर्माण नहीं हुआ पूरा इलाज के लिए सकरैचा के लोगों को 20 किलोमीटर दूर फुलवारी स्वास्थ्य केंद्र आना पड़ता है फुलवारी शरीफ । एक तरफ कोरोना महामारी में अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में लोगों की मौत हो रही है तो संक्रमण की चपेट में आये लोगों को समुचित चिकित्सा मुहैया नहीं हो पा रहा है. वहीं पटना के फुलवारी शरीफ प्रखंड अंतर्गत सकरैचा का उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य आधा अधूरा छोड़ दिया गया है. स्वास्थ्य उपकेन्द्र का निर्माण कार्य बंद है जिसके कारण यहाँ के ग्रामीणों में काफी गुस्सा है. ग्रामीण कहते हैं कि अगर समय पर उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पूरा हो जाता तो इस आपदा में हमलोगों का एक मात्र सहारा यह स्वास्थ्य केन्द्र रहता. यहां के लोगों को बीमार पड़ने पर आज भी नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र फुलवारी शरीफ लगभग 20 किलोमीटर दूरी पर प्रखण्ड मुख्यालय कैम्पस में जाना पड़ता है. बता दें कि सकरैचा उपकेन्द्र का शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 26 जनवरी 2017 को किया था. बीएमएसआईसी के द्वारा यह निर्माण कार्य पूरा करना था, जिसका टेन्डर उपेन्द्र कुमार चौधरी ने लिया था. कोरोना और मुख्यमंत्री की बातों की अनदेखी कर विभाग और ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहे हैं. सरकार किसी भी कार्य का समय सीमा बनाती है। ग्रामीण यह जानना चाहते हैं कि क्या इस कार्य की कोई समय सीमा नहीं थी. अगर थी तो

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