पटना एम्स से भी अब घर बैठे ले सकते हैं डॉक्टरी सलाह

पटना AIIMS ने जारी किया नंबर रविवार , सोमवार और मंगलवार को 12 से 2 बजे तक बुधवार को 10 से 4 बजे तक लोग फोन करके डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं. बिहार के लोगों के लिए अच्छी खबर है. IGIMS के बाद अब पटना AIIMS ने भी मरीजों के लिए टेली मेडिसिन की सुविधा शुरू की है. मरीज अस्पताल में कॉल कर विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह ले सकेंगे. मरीज अस्पताल में कॉल कर विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह ले सकेंगे. पटना एम्स में टेलीमेडिसीन के प्रभारी सह इमजेंसी एंड ट्रामा के हेड डॉ अनिल कुमार ने बताया कि ये सेवा दो दिन पूर्व से ही शुरू हो गई थी. पिछले दो दिन में करीब 22 लोगों ने परामर्श लिया है. बक्सर , बेतिया , दानापुर ,फतुहा ,पटनासिटी से फोन पर लोगों ने परामर्श लिया है. अधिकतर लोगों ने कोरोना के संबध में जानकारी. किसी ने गले में खरास तो किसी ने सूखी खांसी के बारे में भी पूछा. उन्होंने बताया कि रविवार और सोमवार को छुट्टी है मगर बारह से दो बजे तक वह खुद रहेंगे. इधर एम्स निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह ने अधीक्षक डॉ सीएम सिंह को जल्द डाक्टरों का रोस्टर बनाने का आदेश देते हुये बताया कि पिछले दो दिनों में मिला अच्छा रेस्पॅान्स देखते हुये बुधवार से तीन शिफ्ट में दस से चार बजे तक विशेषज्ञ डॉक्टरों से जारी किए गए इस नंबर 6122451923 पर फोन करके परामर्श ले सकते हैं.

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बिहार में कोरोना से पहली मौत, पटना AIIMS में भर्ती था मरीज

फुलवारीशरीफ/पटना (अजीत की रिपोर्ट) | राजधानी पटना से बड़ी खबर एम्स से आ रही है. पटना एम्स में मुंगेर निवासी एक मरीज जो किडनी रोग का इलाज कराने आया था. दो दिन पहले ही एम्स में भर्ती हुआ था. एम्स के चिकित्सकों ने उसे संदिग्ध कोरोना मरीज मानकर आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज कर रहे थे जिसकी मौत इलाज के दौरान हो गयी. मरीज की मौत के घंटो बाद जब उसकी रिपोर्ट पटना के आरएमआरआई से एम्स पहुंची तब पता चला कि किडनी रोग ग्रस्त मरीज की मौत कोरोना से ही हुई है. सोर्स बताते हैं कि मुंगेर निवासी किडनी रोगग्रस्त मरीज 38 वर्षीय सैफ अली की मौत कोरोना से हो गयी . कोरोना रोग की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के पहले ही उसकी मौत हो गयी थी . इसके बाद उसके परिजन डेड़ बॉडी लेकर अपने गाँव चले गए . सोर्स बताते हैं कि सैफ विदेश में कतर में काम करता था जहां से बीमार होने पर बिहार आया और फिर उसके परिजन उसे एम्स लेकर आये थे. पटना एम्स के निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि मुंगेर निवासी एक मरीज किडनी रोग का इलाज कराना आया था जिसे आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था. शनिवार सुबह ही उसकी मौत इलाज के दौरान हो गयी लेकिन उसकी रिपोर्ट आरएमआर आई से शनिवार की देर शाम मिली. उन्होंने कहा कि मुंगेर के मरीज की मौत कोरोना से ही हुई है. मिली जानकारी के अनुसार पटना के राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्‍टीच्‍यूट (RMRI) में दो मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिली

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पटना एम्स में मना होमियोपैथी के जनक हैनीमैन का जन्मदिन

200 वर्ष पूर्व हुई थी होम्योपैथी की खोजडॉ. हैनिमैन जैसे महापुरुष दुनिया में विरले ही पैदा लेते हैं – डॉ प्रभातपटना/फुलवारीशरीफ (अजीत कुमार) | बुधवार को पटना एम्स में होमियोपैथी चिकित्सा विज्ञान के जनक डॉ. सेमुअल क्रिश्चियन क्रेडरिक हैनीमैन का 264 वां जन्मदिन चिकित्सकों और एम्स के फैकल्टीज, पदाधिकारियों ने मनाया. इस कार्यक्रम का आयोजन एम्स के होमियोपैथी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ वी के सिंह की अध्यक्षता में किया गया. एम्स में निदेशक डॉ पी के सिंह ने कहा की होमियोपैथी के जनक डॉ. सेमुअल क्रिश्चियन क्रेडरिक हैनीमैन जो चिकित्सा पद्धति पैदा किया वो आज भी चिकित्सा विज्ञान के नई नयी तकनीको से काफी बेहतर रहा है. गंभीर से गंभीर और एलोपैथ में लाईलाज रहे बीमारियों और अन्य शारीरिक रोगों का इलाज सफलतापूर्वक होमियोपैथ पद्धति में मौजूद है. जरुरत है मरीजो को होमियोपैथ की दवा और उसके साथ परहेज के बारे में जागरूक होने की. डॉ. सेमुअल फ्रेंडिक हैनीमैन का जन्म 10 अप्रैल सन् 1755 में हुआ था. उन्होंने 1796 में विश्व को एक नई चिकित्सा पद्धति से रुबरू करवाया जिसका नाम होम्योपैथिक था. तब से लेकर अब तक होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति का अपना विशेष महत्व रहा है. उसके बाद से चिकित्सा की इस पद्धति की प्रासंगिकता बरकरार है. डॉ. हैनिमैन जैसे महापुरुष दुनिया में विरले ही पैदा लेते हैं। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति खोज के लिए दुनिया उनकी ऋणी है. डॉ वी के सिंह, विभागाध्यक्ष होमियोपैथ विभाग पटना एम्स ने क्योर एवं रिकवरी को होम्योपैथ के शब्दों में परिभाषित किया. उन्होंने बताया कि बाहरी लक्षणों का रोगी में समाप्त हो

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‘फिट रहना है तो रहें एक्टिव’

जीवन में सक्रिय रहना बेहद जरूरी है. अगर सक्रिय ना रहे तो कई बीमारियां शरीर में जन्म ले लेती हैं और फिर तो फिजियोथेरेपी ही एकमात्र विकल्प है. ये कहना है पटना एम्स के निदेशक डॉ प्रभात कुमार सिंह का. फिजियोथेरेपी दिवस के मौके पर पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी विभाग को बढ़ावा देने के लिए नए जल्द से जल्द अत्याधुनिक उपकरण मंगाया जाएगा. कार्यक्रम की आयोजक फिजियोथेरेपिस्ट रीना श्रीवास्तव ने बताया कि फिजिकल एक्टिविटीज हर उम्र में जरूरी है. बचपन से लेकर वृद्धावस्था तक यदि शरीर को सक्रिय रखा जाए तो बीमारियों से दूर रहा जा सकता है. यही नहीं दर्द से छुटकारा पाने और शरीर को सामान्य स्थिति में लाने के लिए व्यायाम बेहद जरूरी है. घुटना या कूल्हा प्रत्यारोपण हो या फिर प्रसव के बाद या पेट और कार्डियक सर्जरी के बाद दर्द रहित सामान्य जीवनयापन में फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका है. एम्स में फिजियोथेरेपी सम्बंधी इन सभी समस्याओं का इलाज आधुनिक मशीनों द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हर रोज एम्स की फिजियोथेरेपी ओपीडी में 80 से 100 मरीज आते हैं. AIIMS के डीन डाॅ.पीपी गुप्ता ने कहा कि हर उम्र में फिजियोथेरेपी की जरूरत पड़ती है, यह अस्पताल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस मौके पर चिकित्साधीक्षक डाॅ.एस.एस.गुप्ता ने भी फिजियोथेरेपी की महत्ता पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम में डाॅ.रामजी सिंह, डाॅ.नीरज अग्रवाल, डाॅ.बिन्दे कुमार, डाॅ.प्रेम कुमार, डाॅ.सीएम सिंह, डाॅ.संजीव कुमार, डाॅ.वीना सिंह, डाॅ.अनूप कुमार, डाॅ.सुदीप कुमार, डाॅ.योगेश, डाॅ.मुक्ता अग्रवाल, डाॅ.प्रीतांजलि सिंह, डाॅ.संजय पांडेय समेत अन्य

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