अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश एनडीए के हरेक पूर्ववर्ती छात्र का कर्तव्य – सिस्टर बीना । नोट्रेडम डायमंड जुबली एलुमनी मीट 2019 सम्पन्न

पटना (अजित की रिपोर्ट) । नोट्रेडेम एकेडमी पटना के पूर्ववर्ती छात्राओं, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का डायमंड जुबली मिलन समारोह ‘नोट्रेडेम एलुमनी मीट 2019’ का आयोजन रविवार 15 दिसंबर, 2019 को स्कूल के प्रांगण में किया गया। यह आयोजन नोट्रेडेम एकेडमी एलुमनी एसोसिएशन के तत्वाधान में हुआ जो दोपहर 12 बजे से दोपहर 3 बजे तक चला। इस समारोह में करीब 120 पूर्ववर्ती छात्राओं, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन सिस्टर मैरी बीना, एनडीए की प्रांतीय सुपीरियर ऑफ सिस्टर्स मैरी टेसी, प्रिन्सपल सिस्टर मैरी जेसी ने औपचारिक रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। इसके बाद, पूर्व छात्रों, शिक्षकों और सिस्टर्स ने एनडीए स्कूल गीत गाया और हवा में गुब्बारे उड़ाये।इस अवसर पर सिस्टर मैरी बीना ने कहा कि एनडीए के पूर्व छात्रों के कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। आज के अराजक समय में उन्हें इस दुनिया में बदलाव लाने की ज़रूरत है…. ठीक उसी तरह जैसे स्कूल का Motto है – “मुझे अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो”। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने की कोशिश करना एनडीए के हरेक पूर्ववर्ती छात्र का कर्तव्य है। उन्होंने आगे कहा कि यह कार्यक्रम अपने पसंदीदा शिक्षकों और सहपाठियों को फिर से एक साथ जुड़कर अपनी सुख दुःख और यादों को साझा करने का मंच प्रदान करता है।“यह एनडीए पटना के लिए डायमंड जुबली वर्ष है और यही कारण है कि एलुमनी के इस साल की यह बैठक सभी के लिए विशेष है। एनडीए के लिए पिछले 60 साल काफी

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छात्राओं ने ऐलुमिनाई मीट 2018 में यादें ताज़ा की | नोट्रेडेम एकेडमी, पटना

पटना (अजित की रिपोर्ट) | रविवार को नोट्रेडेम एकेडमी छात्र संघ के तत्वाधान में नोट्रेडेम एकेडमी के पूर्ववर्ती छात्राओं, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का मिलन समारोह 2018 का आयोजन किया गया. इसमे करीब 120 पूर्ववर्ती छात्राओं, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने भाग लिया. सिस्टर बीना, प्रोवेंशियल सुपीरियर सिस्टर टेस्सी एवं नोट्रेडेम एकेडमी की प्रिंसिपल सिस्टर जेस्सी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उदघाटन किया. ऐलुमिनाई मीट में पूर्ववर्ती छात्र -छात्राओं, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं की नजरें जैसे ही कैम्पस में एक दूसरे से मिली तो सभी गले अपनी पुरानी यादों में खो गये. छोटों ने बड़ो के पैर छूकर आशीर्वाद लिया वहीं बड़ो ने गले लगाकर अभिवादन भी किया. इस दौरान अपनी अपनी यादें साझा करते हुए सभी भावुक हो गए. सबों ने एक दूसरे की वर्तमान गतिविधियों के बारे में जानकर रोमांचित भी होती रही. संघ की अध्यक्ष सुमन चौबे ने कार्यक्रम में शामिल होने आये पूर्ववर्ती छात्र -छात्राओं, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का आभार जताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह है पुराने और नए छात्रो के बीच आपसी सामंजस्य पैदा हो तथा सभी लोग सामाजिक गतिविधियों में बढ़ चढ़कर भाग ले. संघ की सचिव सना फहीम ने बताया की इस सत्र में संघ ने छात्राओं, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं, और छात्रों के अभिभावकों के लिए स्वास्थ्य शिविर, कैरियर परामर्श इत्यादि का आयोजन किया गया. उन्होंने कहा कि संघ चालू कैलेंडर वर्ष में छात्र छात्राओं, शिक्षकों, सिस्टरों और कर्मचारियों के लिए कई और कार्यक्रम का आयोजन करेगा. कार्यक्रम में नोट्रेडेम एकेडमी स्कूल के लिए लंबे समय तक समर्पित सेवा भाव के लिए

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नोट्रेडम पटना के पूर्ववर्ती छात्र एसोसिएशन का कानूनी जागरूकता कार्यशाला

नोट्रेडम पटना के पूर्ववर्ती छात्रों के एसोसिएशन ने छात्रों के लिए कानूनी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया युवाओं विशेषकर लड़कियों को साइबर अपराधों से निपटने के कानून की जानकारी जरूरी इंटरनेट के इस्तेमाल में काफी सजग रहने की जरूरत जागरूकता से ही लड़कियों को साइबर अपराध से बचाया जा सकता है पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | नॉट्रेडेम अकादमी पटना के पूर्व छात्रों के एसोसिएशन ने शनिवार को नोट्रेडम स्कूल के जूली हॉल में कक्षा 9 के छात्रों के लिए एक कानूनी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया. कानूनी विशेषज्ञों ने कानून के विभिन्न प्रावधानों और साइबर धमकी, हैकिंग, ट्रोलिंग समेत हर तरह के साइबर अपराधों से निपटने के तरीकों के बारे में विस्तार से चर्चा किये. इसमें भाग लेते हुए पटना उच्च न्यायालय के वकील संतोष झा ने 250 छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि “हर अधिकार जिम्मेदारी के साथ निभाया जाता है. जागरूकता से ही लड़कियों को साइबर अपराध से बचाया जा सकता है. साइबर गतिविधियों में शामिल होने के दौरान हमें काफी सतर्कता बरतने की जरूरत है. खासकर युवाओं को इंटरनेट के इस्तेमाल में सतर्क रहना होगा. उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 30 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, जिसमें पच्चीस प्रतिशत उपयोगकर्ता महिलाएं हैं और इनमें से लगभग 20 प्रतिशत 20 साल से कम उम्र के लड़कियां हैं जो इंटरनेट का उपयोग करती हैं. आजकल बड़ी संख्या में युवा लड़कियां आसानी से धमकाने और मोर्फ़िंग आदि के रूप में साइबर अपराधों का शिकार हो जाती हैं. “आईपीसी और आईटी अधिनियम दोनों में नागरिकों के हितों की रक्षा के

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