गंगा में गाद की वजह फरक्का- जदयू

युवा जदयू के प्रदेश प्रवक्ता ओमप्रकाश सिंह सेतु ने कहा है कि गंगा नदी में भारी गाद जमा होने और बिहार में हर साल आने वाली भारी बाढ़ का कारण बने फरक्का बराज को बंद करना ही होगा. बाढ़ से प्रभावित रहने वाला पूरा बिहार अपने लोकप्रिय मुख्यमंत्री जी की इस मांग के समर्थन में है. युवा जदयू प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि फरक्का बराज को गंगा से 1500 क्यूसेक पानी की जरूरत है. मगर गंगा जब बिहार में प्रवेश करती है तो महज 400 क्यूसेक का ही इसमें प्रवाह रहता है. पानी तो इसमें बिहार की नदियों से आता है. मगर गाद जमा होने से गंगा उथली हो गई है. जगह-जगह इसमें टापू बन गए हैं.

बिहार में इसकी सहायक नदियों का पानी अब गंगा में सही ढंग से समा नहीं पाता. इससे उन सहायक नदियों में गाद जमा होने, जलधारा के उग्र होने, दिशा बदलने, कटाव करने जैसी समस्याएं होने लगी है. गंगा में गाद जमा होने का आलम है कि 1975 में जब फरक्का बराज बना था, तब बराज के निकट पानी की गहराई 72 फुट थी, जो गाद जमा होने के कारण अब केवल 12 फुट रह गई है.




ओमप्रकाश सिंह सेतु ने कहा कि जब फरक्का बराज उपयोगी ही नहीं रहा और बिहार में भीषण बाढ़ व तबाही का कारण बन गया है, तो इसके खड़ा रहने का कोई मतलब ही नहीं है. बराज को न केवल बंद किया जाय, बल्कि इसे तोड़ने की दिशा में भी काम किया जाना चाहिए.